बिजनेस स्टैंडर्ड - उबर करेगी जल, थल और वायु परिवहन : प्रदीप परमेश्वरन
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उबर करेगी जल, थल और वायु परिवहन : प्रदीप परमेश्वरन

करण चौधरी /  10 08, 2018

बीएस बातचीत

फ्लाइंग कार, जेट बोट और इलेक्ट्रिक वाहन। यदि आप भारत और दक्षिण एशिया में उबर के नए प्रमुख प्रदीप परमेश्वरन की मानें तो वह इन सब को भारत लाएंगे। इस कंपनी में करीब डेढ़ वर्ष तक काम कर चुके परमेश्वरन ने उम्मीद जताई है कि भारत में कंपनी की नियामकीय समस्याएं आसान होंगी। करण चौधरी संग बातचीत के मुख्य अंश:

गुजरात सरकार सड़क पर ऐप आधारित कैब की संख्या निर्धारित करने की योजना बना रही है। दिल्ली सरकार ट्रिप कैंसिल करने पर भारी जुर्माना लगाने की योजना बना रही है। ऐसे में क्या आपको लगता है कि भारत में कारोबार करना कहीं अधिक मुश्किल हो गया है?

बिजनेस स्टैंडर्ड उबर करेगी जल, थल और वायु परिवहन : प्रदीप परमेश्वरननहीं। परिवहन हर जगह उसी तरह का रहा है। इतना जरूर है कि हम ऐसा करने वाले नए लोग हैं क्योंकि हम एक युवा कंपनी हैं। ऐसा इसलिए भी लगता है कि हम लोगों की नजर में होते हैं। परिवहन राज्य का मामला है जिसका मतलब यह है कि आपको प्रत्येक राज्य से संपर्क करना पड़ेगा। उनकी चुनौतियां भी अलग-अलग होंगी और हर कोई सही राह तलाशने की कोशिश कर रहा है। लेकिन राष्टï्रीय परिप्रेक्ष्य में मसौदा मोटर वाहन अधिनियम और नीति आयोग के कुछ दस्तावेजों में दो बातों को स्पष्टï तौर पर उल्लेख है। पहला, भविष्य में परिवहन 'साझा' होगा और दूसरा, पेट्रोल एवं डीजल पर निर्भरता घटेगी जिसका मतलब साफ है कि इलेक्ट्रिक वाहन, एथनॉल एवं परिवहन के अन्य साधनों से है।

क्या आपके क्षेत्र के लिए वास्तव में एक अलग नीति की जरूरत है?
मैं समझता हूं कि जिस तरीके से मोटर वाहन अधिनियम को डिजाइन किया गया है और जिस तरीके से मानदंड निर्धारित किए गए हैं वह पर्याप्त है। उसमें स्पष्टï तौर पर उल्लेख किया गया है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। इसलिए मुझे नहीं लगता कि अलग से कोई कैब एग्रीगेशन नीति तैयार करने की जरूरत है।

बाइक टैक्सी के परिचालन के लिए आपको कुछ ही राज्यों ने अनुमति दी है। क्या यह आपके कारोबार एक व्यावहारिक हिस्सा है?
बिल्कुल। आप जानते हैं कि तकनीक आमतौर पर हमेशा नीतियों से आगे होती है और यह एक नई श्रेणी है। कुछ राज्य इसमें अग्रणी हैं और कुछ आगे बढ़ रहे हैं। सेवा बढ़ रही है और परिचालन वाले शहरों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और यह अपनी स्वभाविक गति से नहीं होगा। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि यदि राइडर और उपयोगकर्ता इसे पसंद करते हैं तो नीति निर्माता उसे चालू करेंगे। छोटी दूरी के लिए भारत में दोपहिया वाहनों का व्यापक उपयोग है।

क्या उबर भारत के जलमार्गों पर फेरी सेवा शुरू करने की योजना बना रही है? क्या आप परीक्षण के लिए इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ससे बातचीत कर रहे हैं?
फिलहाल इस संबंध में कोई काम नहीं चल रहा है लेकिन एग्रीगेशन के लिए एक अवधारणा के तौर पर हम परिवहन के सभी माध्यमों पर विचार करेंगे। यदि आप केवल एग्रीगेशन के सिद्धांत को लागू करेंगे तो मैं समझता हूं कि विभिन्न परिवहन माध्यमों में मूल्यवद्र्धन होगा।

तो क्या भारत में उबर जल, थल और वायु (उबर एलिवेट) सेवा शुरू करेगी?
फिलहाल इसका जवाब देना मुश्किल है। एलिवेट एक प्रौद्योगिकी है जिसे काफी सक्रियतापूर्वक विकसित किया जा रहा है। प्रौद्योगिकी का अंदाजा लगाना कठिन है लेकिन बोर्ड का निर्देश उस ओर जाने का है।

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