बिजनेस स्टैंडर्ड - आधार पर निर्णय से बदलेगा डिजिटल कारोबार!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 23, 2018 02:34 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

आधार पर निर्णय से बदलेगा डिजिटल कारोबार!

अद्वैत राव पालेपू /  October 07, 2018

उच्चतम न्यायालय द्वारा आधार अधिनियम की धारा 57 को निरस्त किए जाने के बाद आधार पर बने कारोबारी मॉडलों की जड़ें हिल गई हैं। लोनटैप के मुख्य कार्याधिकारी सत्यम कुमार पूछते हैं, 'सिम कार्ड खरीदने और बैंक खाता खुलवाने के लिए कई ग्राहक प्राथमिक कागजात के तौर पर आधार का उपयोग कर रहे थे। अब लागत बढ़ जाएगी और इस समय केवाईसी के लिए ग्राहकों की जानकारियां सत्यापित करने का कौन सा दूसरा बेहतर माध्यम उपलब्ध है?' 

रेजरपे के सह-संस्थापक हर्षिल माथुर कहते हैं, 'ई-केवाईसी से सत्यापन में प्रति व्यक्ति 15 रुपये का खर्च आता था लेकिन भौतिक सत्यापन में यह बढ़कर 100 रुपये पहुंच जाएगा।'

पिछले 3 साल में डिजिटल-वित्तीय कारोबार तेजी से बढ़ा है जिसमें लेनदेन की गति, दक्षता, आधार पर भरोसा और यूआईडीएआई नेटवर्क पर केवाईसी सत्यापन का प्रमुख योगदान रहा है। आधार मामले में याचिकाकर्ता और शोधार्थी आनंद वेंकटनारायण कहते हैं, 'तीन तरह की एपीआई का उपयोग किया जा रहा है, जनसांख्यिकीय, बायोमेट्रिक और तीसरा, इन दोनों का समन्वय। बैंक, दूरसंचार कंपनियां और अन्य ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया में तीसरे प्रकार की एपीआई का उपयोग कर रहे हैं।'

बढ़ती पसोपेश 

इस बात पर चर्चा की जा सकती है कि कल्याणकारी योजनाओं में आधार का उपयोग जारी रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले से समस्या बढ़ सकती है, क्योंकि इससे सरकार एक बार फिर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार जोडऩे के लिए बाध्य कर सकती है। 

उदाहरण के लिए, सामान्य बैंक ग्राहक आधार को हटा सकता है लेकिन जनधन खातों के लिए आधार जरूरी हो सकता है। इसी तरह, आयुष्मान भारत के अनुमानित 50 करोड़ लाभार्थियों को आधार से जोडऩे के लिए कहा जा सकता है। इस तरह, गरीबों को आधार का उपयोग करना होगा और अमीर इससे अलग हो सकते हैं, जिस कारण यह एक वर्ग विभेद का मामला भी बन सकता है। 

वेंकटनारायण कहते हैं, 'जब ग्राहक फॉर्म में आधार नंबर दर्ज करते हैं और अपनी अंगुलियों के निशान सत्यापन के लिए देते हैं तो यूआईडीएआई और आधार डेटाबेस केवल हां/ना में जवाब देने के स्थान पर ग्राहक का जनसांख्यिकीय डेटा भी साझा कर देते हैं।'

आधार सत्यापन प्रक्रिया कुछ इस तरह से काम करती है। यूआईडीएआई से लाइसेंस प्राप्त सत्यापन एजेंसियां (एयूएएस) और केवाईसी एजेंसियां (केयूएएस) की पहुंच केंद्रीय डेटाबेस तक होती है और वे इसके उपयोग के लिए मासिक आधार पर एक निश्चित शुल्क चुकाती हैं। वे इस बात की भी गारंटी लेती है कि आधार सत्यापन की संख्या कम से कम होगी। 

एक तरह से यह बड़ी मात्रा में एसएमएस योजना की तरह है और ये सभी सत्यापन एजेंसियां इनपर हस्ताक्षर करती हैं। ये एजेंसियां यूआईडीएआई को प्रत्येक माह न्यूनतम संख्या में आधार आधारित सत्यापन की गारंटी देती हैं। लेनदेनक्लब के सीईओ और सह-संस्थापक भविन पटेल कहते हैं, 'परिचालन के तौर पर यह काफी चुनौतिपूर्ण है।'

एक बड़ी समस्या यह है कि ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाया गया है जिस कारण कंपनियों को एक नई व्यवस्था तैयार करनी होगी। इसका अर्थ होगा, निजी क्षेत्र के साथ साथ सरकारी विभागों को एक बड़ी राशि खर्च करनी होगी। वर्ष 2009 में आधार की शुरुआत से मार्च 2018 तक यूआईडीएआई का कुल खर्च 99.42 अरब रुपये रहा है। यूआईडीएआई इस वर्ष अगस्त 2018 तक 2.94 अरब रुपये खर्च कर चुकी है। 

इस लागत की पूर्ति का एकमात्र तरीका आधार उपयोग को बढ़ाना है। सरकार द्वारा आधार का उपयोग इसके लिए पर्याप्त नहीं है जिस कारण निजी संस्थाओं को आधार आधारित ई-केवाईसी के लिए प्रेरित किया गया। अब यह सब फिर से सरकार के उपर आ गया है। उच्चतम न्यायालय अपने निर्णय में वित्तीय कंपनियों द्वारा आधार के उपयोग पर रोक लगा दी है और अब उन्हें कारोबारी मॉडल में उचित बदलाव करने होंगे। 
Keyword: Aadhar, Digital, Business, Trade, Bank Account, authentication,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सीबीआई विवाद से सरकार की साख पर पड़ेगा असर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.