बिजनेस स्टैंडर्ड - लीमन संकट के बाद से बीएसई-500 के लगभग आधे शेयर बाहर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 23, 2018 02:37 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

लीमन संकट के बाद से बीएसई-500 के लगभग आधे शेयर बाहर

हंसिनी कार्तिक /  October 07, 2018

भारतीय वित्तीय क्षेत्र में मौजूदा उथल-पुथल के बावजूद बीएसई सेंसेक्स के लिए 15 सितंबर 2008 के 13,500 के स्तर से 36,500 अंक तक की यात्रा निश्चित तौर पर इसका संकेतक है कि लीमन ब्रदर्स संकट का दानव अब अतीत की बात बन गया है।

फिर भी, निवेश के लिहाज से सुरक्षित समझे जाने वाले बीएसई-500 सूचकांक के शेयरों पर गंभीरता से विचार किया जाए तो अलग तस्वीर दिखती है। 15 सितंबर 2008 (वह दिन जब लीमन संकट से भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव पडऩा शुरू हुआ था) से अब तक 227 शेयर बीएसई-500 सूचकांक से बाहर निकल चुके हैं। इसका मतलब है कि 10 वर्ष में इस सूचकांक से लगभग 45 प्रतिशत शेयर अपना वजूद बरकरार रखने में कामयाब नहीं रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि यह बीएसई-500 सूचकांक में दर्ज किया गया सबसे बड़ा उतार-चढ़ाव है। भारतीय शेयर बाजार के लिए गिरावट की पिछली अवधियों में 100 से भी कम शेयर बीएसई-500 सूचकांक से बाहर हुए थे। गिरावट वाली इन अवधि में 1992 में हर्शद मेहता घोटाले से लेकर 2000 की डॉटकॉम की स्थिति, और फिर उसके बाद से लीमन संकट तक का समय शामिल है। एक स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बलिगा कहते हैं, 'लीमन का बाजारों पर निश्चित तौर पर दूरगामी प्रभाव पड़ा।'

लीमन संकट के बाद पैदा हुई अनिश्चितता के कई कारण रहे हैं। इनमें एक है दिवालिया के मामलों में अचानक वृद्घि और दिवालियापन की वजह से, खासकर 2015 से कंपनियों द्वारा कारोबार समेटना, विलय और अधिग्रहण तथा अपनी मर्जी से सूचीबद्घता समाप्त करना। इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिजली जैसे क्षेत्र (जो 2003-2008 से पसंदीदा बने हुए थे) बाजार हालात में विभिन्न समस्याओं की वजह से अपनी चमक खोने लगे। 

एवेंडस कैपिटल के मुख्य कार्याधिकारी एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, 'सूचकांक में बदलाव अक्सर अर्थव्यवस्था में परिवर्तन को दर्शाता है। यह नए थीमों के प्रति निवेशकों के बढ़ते रुझान और कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों से उनके दूर होने की प्रवृत्ति को भी दर्शाता है।'

डायग्नोस्टिक केंद्रों, खासकर हेल्थकेयर और बीमा जैसे नए थीमों के साथ थायरोकेयर, एंड्यूरेंस टेक्नोलॉजीज, एडवांस्ड एंजाइम्स, एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जैसे शेयरों में अन्य थीमों की तुलना में अच्छी मांग दिखी है। 

सूचकांक से बाहर निकलने वाले शेयरों की सूची में दबदबा रखने वाले पिछली पसंदीदा कंपनियों में एस्सार पोर्ट्स, गैमन  इंडिया, किंगफिशर एयरलाइंस, रैनबैक्सी लैबोरेटरी और एवरॉन एजूकेशन शामिल हैं।

बीएसई 500 सूचकांक में बरकरार 273 शेष शेयरों में से 158 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। गिरावट में कारोबार कर रहे इन शेयरों की सूची में एडूकॉम्प सॉल्युशंस, मोजर बेयर, पुंज लॉयड, बिलकेयर, रिलायंस कम्युनिकेशन और सुजलॉन एनर्जी शामिल हैं जिनके बाजार पूंजीकरण में 15 सितंबर 2008 के स्तरों से 95 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हो चुका है। ये उन शेयरों में शुमार हैं जो विश्लेषकों द्वारा सकारात्मक रेटिंग का लाभ उठा चुके हैं। 

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि वित्त, हेल्थकेयर, कंज्यूमर स्टैपल्स और ड्यूरेबल्स क्षेत्र की कंपनियां पिछले दशक में लाभार्थी रही हैं। वहीं बजाज फाइनैंस, आयशर मोटर्स, श्री सीमेंट, टीवीएस मोटर्स, इंडसइंड बैंक, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और अमारा राजा बैटरीज जैसे शेयर 35-70 प्रतिशत सीएजीआर प्रतिफल के साथ पिछले दशक में मल्टी-बैगर मिड- से लार्ज-कैज शेयरों में शामिल रहे हैं। 

हालांकि यह स्थिति निश्चित तौर पर उत्साहजनक है, लेकिन डाल्टन कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक यूआर भट ने निवेशकों को ऐसे समय में शांत दृष्टिïकोण अपनाने से बचने की सलाह दी है। वह कहते हैं, 'किसी शेयर में बड़ी गिरावट अधिक समय तक बनी रहती है तो निवेशक को सही समय पर उससे बाहर निकल जाना चाहिए।' 

Keyword: Lehman brothers, BSE, Share, Share Market, Stock, Exchange, Bajaj Finance, Indusind, Bank,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बाजार में गिरावट लंबे समय तक बरकरार रहने के आसार

Investmentsबीएस बातचीत रुपये में गिरावट नियंत्रित करने और आईएलऐंडएफएस संकट का समाधान

सरकारी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन की संभावना

इस्पात क्षेत्र के विकास की रफ्तार बरकरार

गिरावट से फीकी पड़ी कई पसंदीदा शेयरों की चमक

मूल्य निर्धारण दबाव और आपूर्ति चिंताओं से वेदांत में आ रही कमजोरी

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.