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एन्यूइटी : सुरक्षित, मगर महंगाई को नहीं दे सकती मात

संजय कुमार सिंह /  October 07, 2018

इस समय एन्यूइटी योजनाएं सुर्खियों में हैं। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) एन्यूइटी की खरीद के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया स्थापित करने की कोशिश कर रहा है ताकि राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के निवेशकों के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें पेंशन मिलने में देरी न हो।

इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने हाल में जीवन शांति योजना शुरू की है। इसमें प्रीमियम का भुगतान एकमुश्त करना होता है। इस योजना में निवेशक बाद या तत्काल एन्यूइटी के विकल्प को चुन सकता है। अगर निवेशक इन दोनों विकल्प को चुनना चाहता है तो उसे उनके फायदे और नुकसान का आकलन करना चाहिए। 

आज की दरों पर सुनिश्चित करें प्रतिफल 

डिफर्ड यानी एक अवधि के बाद भुगतान शुरू होने वाली एन्यूइटी योजना में पहले पैसे को जमा करने और फिर भुगतान की अवधि होती है। इंडियाफस्र्ट लाइफ इंश्योरेंस की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी आर एम विशाखा ने कहा, 'वे आपको अभी सेवानिवृत्ति के लिए पैसा जमा करने की सुविधा देते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि इस पैसे का अन्य किसी कार्यों में इस्तेमाल नहीं होता है।'

इसके अलावा बाद की अवधि की एन्यूइटी आज ही आपको एक सुनिश्चित प्रतिफल का भरोसा देती है। विशाखा ने कहा, 'अगर आप यह मानते हैं कि भविष्य में ब्याज दरें कम रहेंगी तो वर्तमान दरों पर निवेश सुनिश्चित करना चाहिए।' बाद की अवधि के यूनिट लिंक्ड प्लान भी उपलब्ध हैं। बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस अपॉइंटेड एक्चुअरी साईश्रीनिवास धुलीपला ने कहा, 'इन योजनाओं का प्रतिफल फंडों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। हालांकि इसमें न्यूनतम गारंटीशुदा लाभ मिलेगा।'

हालांकि बहुत से विशेषज्ञ बाद की अवधि की एन्यूइटी में निवेश करने को लेकर कुछ चेतावनी भी देते हैं। आइडियल इंश्योरेंस ब्रोकर्स के संस्थापक सीईओ राहुल अग्रवाल ने कहा, 'गारंटीशुदा रिटर्न योजनाओं के प्रतिफल की दर करीब 4.5 फीसदी के आसपास रहती है।'

ध्यान रखें कि कोष के एक बड़े हिस्से को डेट योजनाओं में निवेश किया जाता है, जिनमें प्रतिफल एक अंक में होता है। सेबी में पंजीकृत निवेश सलाहकार पर्सनलफाइनैंसप्लान डॉट इन के संस्थापक दीपेश राघव ने कहा, 'डिफर्ट एन्यूइटी के लिए पैसा जमा करने के बजाय इक्विटी म्युचुअल फंड, एनपीएस, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), डेट म्युचुअल फंड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें और 60 साल की उम्र में एक तात्कालिक एन्यूइटी खरीदें।'

जीवन के लिए बनाएं आय का स्रोत 

जो लोग सेवानिवृत्ति के नजदीक हैं, उन्हें अपने वेतन की जगह लेने के लिए तात्कालिक एन्यूइटी खरीदनी चाहिए। विशाखा ने कहा, 'अगर आपने एनपीएस या किसी बीमा कंपनी की पेंशन योजना में निवेश किया है तो आपको इस कोष के एक हिस्से से अनिवार्य रूप से तात्कालिक एन्यूइटी खरीदनी चाहिए।'

अगर एनपीएस निवेशक 60 साल की उम्र से पहले पैसे को निकालते हैं तो उन्हें अपनी कुल जमा रकम के 80 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल एन्यूइटी खरीदने में करना होगा। अगर वे 60 साल की उम्र के बाद पैसा निकालते हैं तो उन्हें 60 फीसदी रकम की एन्यूइटी अनिवार्य रूप से खरीदनी होगी। बीमा कंपनी की पेंशन योजना के तहत जमा धनराशि के 66 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल एन्यूइटी खरीदने में करना होगा। 

तात्कालिक एन्यूइटी के दो फायदे मिलते हैं। पॉलिसीबाजार डॉट कॉम में सहायक निदेशक और क्लस्टर हेड (जीवन बीमा) संतोष अग्रवाल ने कहा, 'बीमा कंपनी जीवन के लिए एक निश्चित आय का भुगतान करती है और इस तरह आपकी लंबे समय तक जीने के जोखिम से रक्षा करता है। यह जोखिम तब पैदा होता जब आप मिलने वाली राशि की अवधि से ज्यादा जीते हैं। यह आपको फिर से निवेश के जोखिम से बचाती है, जो भविष्य में ब्याज दरें गिरने से पैदा हो सकती है।'

हालांकि एन्यूइटी खरीदने से नकदी की दिक्कत पैदा हो जाती है। महंगाई के कारण एन्यूइटी से मिलने वाली निश्चित राशि लंबे समय में कम पडऩे लगती है। इसलिए अपने सेवानिवृत्ति कोष के एक हिस्से का ही तात्कालिक एन्यूइटी में निवेश किया जाना चाहिए। अग्रवाल कहते हैं, 'एन्यूइटी से मिलने वाली आमदनी पर भी कर है।'

एन्यूूइटी खरीदने वाले लोग जो रणनीति अपना सकते हैं, वह यह है कि वे अलग-अलग समय पर खरीद कर सकते हैं क्योंकि उम्र के साथ एन्यूइटी में प्रतिफल की दर में इजाफा होता है। राघव ने कहा, 'अलग-अलग समय पर खरीद से आप ब्याज दर चक्र के असर को मात दे सकते हैं। अगर आज दरें कम हैं तो वे पांच साल बाद अधिक हो सकती हैं।' हालांकि अगर अभी दरें अधिक हैं तो आप अभी ज्यादा खरीदारी कर सकते हैं। 

सही एन्यूइटी विकल्प का चयन करें 

प्रतिफल की दर के अलावा यह भी पता करें कि विभिन्न एन्यूइटी प्रदाताओं की सेवा गुणवत्ता कैसी है। व्यक्ति को सही एन्यूइटी विकल्प का चयन करना जरूरी है। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में चीफ एक्चुअरी एवं अपोइंटेड एक्चुअरी श्रीनिवास पार्थसारथि ने कहा, 'जो लोग अकेले हैं, हो सकता है कि वे अपने जीवनकाल के लिए ही एन्यूइटी चाहते हों। जिनकी पत्नी या पति हैं, उन्हें अपने जीवनकाल और अपनी पत्नी के जीवन तक एन्यूइटी की जरूरत हो सकती है। 

हो सकता है कि कुछ लोग अपने बच्चों के लिए विरासत में कुछ छोडऩा चाहें। वे खरीद कीमत की वापसी के विकल्प को चुन सकते हैं।' अगर आप पति-पत्नी दोनों के लिए एन्यूइटी के विकल्प को अपनाते हैं तो हर माह मिलने वाली राशि एक व्यक्ति के विकल्प की तुलना में कम होगी। अगर आप खरीद कीमत की वापसी के विकल्प को चुनते हैं तो आपको उससे कम राशि मिलेगी, जितनी यह विकल्प नहीं अपनाने पर मिलती।

आप कौन सा विकल्प अपनाना चाहते हैं, इसका फैसला आपके पास जमा धनराशि के आधार पर किया जाना चाहिए। एन्यूइटी के अलावा आपकी सेवानिवृत्ति की राशि का हिस्सा वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (प्रतिफल 8.7 फीसदी, अवधि पांच वर्ष), प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (प्रतिफल 8 फीसदी, अवधि 10 वर्ष) और सावधि जमा (एसबीआई की 1 से 10 साल की दरें 6.65 से 7.35 फीसदी) जैसी योजनाओं में किया जाना चाहिए। 

Keyword: annuity, Pension, Fund, PFRDA, NPS, LIC, PPF, EPF,
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