बिजनेस स्टैंडर्ड - इक्विटी पर दबाव डाल रहा बॉन्ड प्रतिफल
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 19, 2018 01:05 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

इक्विटी पर दबाव डाल रहा बॉन्ड प्रतिफल

कृष्ण कांत / मुंबई October 05, 2018

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और भारत में पिछले 12 महीनों के दौरान 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड के प्रतिफल में लगातार तेजी से भारतीय इक्विटी में गिरावट अनिवार्य हो गई है। अपने मौजूदा स्तर पर सेंसेक्स कंपनियों ने औसत तौर पर 4.3 प्रतिशत का प्रतिफल दिया है जो 10 वर्षीय अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर चालू प्रतिफल से महज 110 आधार अंक अधिक है। यह सरकारी बॉन्ड दुनिया का सबसे लोकप्रिय और तरलीकृत जोखिम-मुक्त परिसंपत्ति वर्ग है। यह प्रतिफल अंतर आठ वर्षों में सबसे कम है और 212 आधार अंक के 20 वर्षीय औसत अंतर का लगभग आधा है।
 
विश्लेषकों का कहना है कि इससे भारतीय इक्विटी विदेशी निवेशकों के लिए वित्तीय रूप से आकर्षक नहीं रह गई हैं और इस वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा बिकवाली को बढ़ावा मिल रहा है। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख धनंजय सिन्हा ने कहा, 'बाजार में ताजा गिरावट आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि पी/ई मल्टीपल और प्रमुख सूचकांक में जोखिम-मुक्त प्रतिफल (बॉन्ड) का अंतर  अब वर्ष 2000 के डॉटकॉम बुलबुले जैसे हालात के दौरान दर्ज स्तरों के आसपास है।'
 
एफपीआई ने वर्ष 2018 में 2.2 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय शेयर बेचे। पिछले 20 वर्षों में लगभग 400 अरब रुपये के कुल निवेश के साथ एफपीआई भारत में सूचीबद्घ शेयरों में सबसे बड़े गैर-प्रवर्तक निवेशक हैं। इसके विपरीत भारतीय निवेशकों ने खासकर अगस्त 2002 और अगस्त 2004 के बीच की अवधि और उसके बाद अक्टूबर 2008 और अप्रैल 2009 के बीच की अवधि को छोड़कर अच्छा कारोबार किया। मौजूदा मूल्यांकन में सेंसेक्स कंपनियों की आय 10 वर्षीय सरकारी बॉन्डों के प्रतिफल की तुलना में लगभग 390 आधार अंक कम है और पिछली बार यह स्तर 31 दिसंबर 2007 (जनवरी 2008 की गिरावट की पूर्व संध्या पर) को देखा गया था। 
 
अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से 81 आधार अंक तक चढ़ा है, जबकि इस अवधि में भारत में इसमें 85 आधार अंक की वृद्घि दर्ज की गई। समान अवधि में सूचकांक कंपनियों के लिए आय प्रतिफल 35 आधार अंक बढ़ा, काफी हद तक पी/ई मल्टीपल में नरमी की वजह से। यह मल्टीपल अब घटकर 23.2 गुना पर रह गया है जो वित्त वर्ष 2018 के शुरू में 25.2 गुना पर था। विश्लेषकों का कहना है कि बॉन्ड प्रतिफल में तेजी से दलाल पथ पर नकदी घटी है।  इक्विनोमिक्स रिसर्च ऐंड एडवायजरी सर्विसेज के संंस्थापक एवं प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम कहते हैं, 'इक्विटी मूल्यांकन पर दबाव बढ़ रहा है जिससे बाजार में बिकवाली की स्थिति पैदा हो रही है।'  वह कहते हैं, 'रुपये में गिरावट से प्रत्यक्ष रूप से विदेशी निवेशकों का प्रतिफल घटा है जिससे उनके लिए भारतीय बाजारों का आकर्षण घट रहा है।' 
Keyword: equity, PE, market, bond,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

अपनी चाल बरकरार रखेगी ब्रिटानिया

Investmentsसितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन और पिछली चार तिमाहियों में बिक्री में 10

अंबुजा और एसीसी: क्षमता विस्तार से बेहतरी की आस

निजी बैंक: निवेशकों को घटानी पड़ सकती हैं उम्मीदें

भारतीय शेयर बाजारों के लिए मूल्यांकन अनुकूल

टाइटन के लाभ में आई गिरावट

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.