बिजनेस स्टैंडर्ड - आर्सेलर व न्यूमेटल को मोहलत
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आर्सेलर व न्यूमेटल को मोहलत

ईशिता आयान दत्त और एम जे एंटनी / कोलकाता/नई दिल्ली 10 04, 2018

एस्सार के लिए समाधान योजना

एस्सार स्टील की बोली का पात्र बनने के लिए आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल को अपनी गैर-निष्पादित आस्तियों का बकाया दो हफ्ते में चुकाने का समय मिला
अगर यह भुगतान तय समय के भीतर होता है तो दोनों आवेदक 2 अप्रैल की योजना दोबारा सौंप पाएंगे
इसके बाद समिति वेदांत समेत अन्य बोलीदाता की योजना में से सबसे अच्छी समाधान योजना का चयन दो महीने में करेगी
पीठ ने स्पष्ट किया कि अगर जरूरी बहुमत से कोई स्वीकार्य योजना नहीं मिलती तो एस्सार स्टील परिसमापन में चली जाएगी

 

बिजनेस स्टैंडर्ड आर्सेलर व न्यूमेटल को मोहलतसर्वोच्च न्यायालय ने एस्सार स्टील की बोली के योग्य बनने के लिए आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल को अपनी गैर-निष्पादित आस्तियों का बकाया दो हफ्ते में चुकाने का समय दिया है। न्यूमेटल के लिए यह आदेश नैशनल कंपनी लॉ अपीली ट्रिब्यूनल के फैसले से काफी अलग है, जिसने इसकी दूसरी बोली को वैध पाया था। एनसीएलएटी ने पात्र बनने के लिए आर्सेलर को बकाया चुकाने की खातिर तीन दिन का वक्त दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सामान्य तौर पर हमारे पास आई अपील का निपटान दोनों समाधान आवेदक को पात्र घोषित कर हो जाता। हालांकि लेनदारों की समिति के वकील ने अदालत से अनुरोध किया था कि पक्षकारों को बकाया चुकाने का एक और मौका दिया जाए और इसके बाद समाधान योजना का चयन जरूरी बहुमत से किया जा सकता है।

अदालत ने अनुरोध स्वीकार किया और संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल को बकाया भुगतान के लिए दो हफ्ते का वक्त दे दिया। अगर यह भुगतान तय समय के भीतर होता है तो दोनों आवेदक 2 अप्रैल की योजना सीओसी के पास दोबारा सौंप पाएंगे। इसके बाद समिति वेदांत समेत अन्य बोलीदाता की योजना में से सबसे अच्छी समाधान योजना का चयन दो महीने में करेगी। इस आदेश के बाद आर्सेलरमित्तल को उत्तम गैल्वा स्टील व केएसएस पेट्रोन का 70 अरब रुपये का बकाया चुकाना होगा, जबकि न्यूमेटल का खर्च 380 अरब रुपये पर पहुंच सकता है।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाले पीठ ने स्पष्ट किया कि अगर जरूरी बहुमत से स्वीकार्य योग्य कोई योजना नहीं मिलती तो एस्सार स्टील परिसमापन में चली जाएगी। दूसरे दौर की बोली में न्यूमेटल ने बोली के पात्र बनने के लिए ऑरोरा एंटरप्राइजेज को छोड़ दिया था, जिसमें रेवंत रुइया लाभार्थीं हैं। रेवंत रुइया एस्सार स्टील के प्रवर्तक रवि रुइया के बेटे हैं। निवेशक के तौर पर न्यूमटेल के साथ जेएसडब्ल्यू स्टील भी जुड़ी थी।

आदेश में कहा गया है, अगर दूसरी समाधान योजना की तारीख पर नजर डालें तो रेवंत रुइया पूरे दृश्य से गायब नजर आए और बाकी बची तीनों इकाइयां स्वतंत्र इकाइयां बताई गई जो दो रूसी इकाई और एक यूएई इकाई के तौर पर थी। 2 अप्रैल 2018 पर नजर डालें तो क्या यह कहा जा सकता है कि रेवंत रुइया इसलिए दृश्य से गायब हो गए ताकि धारा 29 ए (सी) के क्रियान्वयन को टाला जा सके। इसका उत्तर नहीं में है।

आदेश में दो मुख्य वजह बताई गई है। पहला, जहां तक न्यूमेटल की दूसरी समाधान योजना का सवाल है, अग्रिम रकम के तौर पर जमा कराए गए 500 करोड़ रुपये 2 अप्रैल 2018 के बाद भी ऑरोरा एंटरप्राइजेज की तरफ से जमा कराए गए माने जाएंगे, जो बताता है कि रेवंत रुइया उपस्थित थे। दूसरा 2.4.18 को समाधान योजना सौंपे जाने से पहले का अनुमानित घटनाक्रम है।  अदालत ने हालांकि न्यूमेटल की बहुलांश शेयरधारक वीटीवी बैंक के खिलाफ आर्सेलरमित्तल के वकील की दलील खारिज कर दी। जहां तक आर्सेलर का सवाल है, आर्सेलरमित्तल नीदरलैंड्स और उत्तम गैल्वा के भारतीय प्रवर्तक न सिर्फ आर्सेलरमित्तल नीदरलैंड्स को उत्तम गैल्वा का विदेशी प्रवर्तक बताते हैं बल्कि यह भी स्पष्ट करते हैं कि उत्तम गैल्वा का प्रबंधन व नियंत्रण संयुक्त रूप से विदेशी व भारतीय प्रवर्तकों के जरिए होगा।
Keyword: essar, steel, nclt, auction,,
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