बिजनेस स्टैंडर्ड - कंप्यूटर निर्यात बढ़ाने पर जोर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 23, 2018 12:40 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

कंप्यूटर निर्यात बढ़ाने पर जोर

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली 10 03, 2018

कंप्यूटर सेवाओं व इलेक्ट्रॉनिक्स से आस
चालू खाता घाटा कम करने के लिए कंप्यूटर सेवाओं व इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पर जोर देगी सरकार

सोमवार को अंतरमंत्रालयी बैठक में निर्यात को बढ़ाने के लिए हुई चर्चा में इलेक्ट्रॉनिक निर्यात को तिगुना करने और आयात में कटौती करने का लक्ष्य बनाया गया 

बिजनेस स्टैंडर्ड कंप्यूटर निर्यात बढ़ाने पर जोरभारत के बढ़ते चालू खाता घाटे से मुकाबले के लिए देश के नीति निर्माताओं का ध्यान भारत द्वारा निर्यात की जाने वाली सबसे बड़ी श्रेणी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की ओर गया है। कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का मौजूदा निर्यात 120 अरब डॉलर है। वाणिज्य विभाग के विशेष समर्थन से इस क्षेत्र का निर्यात 2023-24 तक बढ़ाकर 150 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को अंतरमंत्रालयी बैठक में यह फैसला किया गया।

वाणिज्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे बड़े बाजारों में वर्चस्व को कायम रखने के लिए केवल प्रौद्योगिकी ग्राहकों को सेवा मुहैया कराने की बजाय सॉफ्टवेयर निर्माण पर भी जोर देने का सुझाव दिया गया है।' भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक भारत से निर्यात की जाने वाली सभी सेवाओं में सॉफ्टवेयर सेवा की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। 

इस साल की शुरुआत की तुलना में रुपये की कीमत अब तक 14.8 प्रतिशत गिर चुकी है। इसकी वजह से रुपया एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है। बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 73.34 पर बंद हुआ। नतीजतन जुलाई में निर्यात में 4 फीसदी की उछाल आई। अधिकारी ने बताया कि हालांकि, सरकार क्षेत्रवार होने वाले आयात को कम करने के उपायों पर विचार करेगी जो जुलाई महीने में 5.35 फीसदी तक बढ़ गया है। 

इलेक्ट्रॉनिक्स को बढ़ावा  

व्यापारिक कारोबार की तरफ सरकार घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन पर जोर देरी रहेगी। एक वरिष्ठï अधिकारी ने इलेक्ट्रॉनिक सामानों के आयात पर और अधिक शुल्क बढ़ाए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा, 'पिछली अंतरमंत्रालयी बैठक में उत्पादन को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों के साथ-साथ चरणबद्घ विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) के लिए व्यापक समर्थन देखा गया।'

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विकसित और पिछले महीने घोषित किए गए पीएमपी के तहत सरकार का लक्ष्य मोबाइल फोन का बड़े पैमाने पर विनिर्माण करना है, जो सर्वाधिक बिकने वाला उपभोक्ता सामान है। इसके पुर्जों जैसे मैकेनिक्स, माइक्रोफोन, रिसीवर, कीपैड और यूएसबी केबल आदि पुर्जों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है।

उद्योग के अनुमान के मुताबिक भारत में मोबाइल फोन निर्माण में केवल 2 प्रतिशत मूल्यवर्धन होता है। पीएमपी का लक्ष्य अगले 10 वर्ष में यह प्रतिशत बढ़ाना है। इस योजना का प्रस्ताव उद्योग की एक समिति और सरकार की ओर से किया गया है। 

2017-18 में इस क्षेत्र से 6.07 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था जो कि विदेश भेजे जाने वाले कुल व्यापार का महज 2 प्रतिशत था। अगले 5 साल में इसे बढ़ाकर 18 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। बहरहाल किए जाने से ज्यादा आसान ऐसा कहना है क्योंकि पिछले 5 साल में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का कारोबारी अंतर बढ़कर दोगुना हो गया है।

2017-18 में घाटा 38.94 अरब डॉलर रहा, जो 2013-14 में 18.86 अरब डॉलर था। इंडियन सेलुलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात में तेज बढ़ोतरी एकमात्र वजह है, जिससे राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2012 को लेकर उचित कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।   

फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के मुताबिक ईरान पर प्रतिबंध, वेनेजुएला में भुगतान की समस्या, अर्जेंटीना, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, रूस और ब्राजील की मुद्रा का अवमूल्यन 2018-19 में निर्यात की संभावनाओं को नकारात्मक बना रहे हैं। सीरिया, सूडान, लीबिया, इराक के साथ अन्य देशों में अमेरिका की ओर से लगाए गए बैंकिंग प्रतिबंधों से भी इसमें मदद मिलने की संभावना नहीं है। 

गुरुवार पर बढ़ते घाटे पर बैठक करेंगे प्रभु  

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु गिरते रुपये तथा बढ़ते व्यापार घाटे के मद्देनजर गुरुवार को विभिन्न मंत्रालयों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में रुपए पर कायम दबाव तथा वस्तुओं के व्यापार में देश को हो रहे घाटे को दूर करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग, कोयला मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और दवा विभाग के अधिकारियों के शामिल होने का अनुमान है। 
Keyword: import, export, computer, software, RBI,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सीबीआई विवाद से सरकार की साख पर पड़ेगा असर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.