बिजनेस स्टैंडर्ड - खरीदार हुए सतर्क, आईएलऐंडएफएस नहीं बेच पाई सहायक कंपनियां
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 12, 2018 02:01 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

खरीदार हुए सतर्क, आईएलऐंडएफएस नहीं बेच पाई सहायक कंपनियां

देव चटर्जी / मुंबई October 02, 2018

पिछले कुछ हफ्तों में आईएलऐंडएफएस के निदेशकों ने मुंबई के अपने मुख्यालय से लेकर सूचीबद्ध सड़क निर्माण कंपनी आदि की बिक्री के लिए संभावित निवेशकों से मुलाकात की ताकि 910 अरब रुपये के कर्ज को आधा किया जा सके। लेकिन घबराहट में की जा रही संपत्ति बिक्री को कामयाबी नहीं मिली क्योंकि समूह कंपनियों की तरफ से कर्ज के पुनर्भुगतान में चूक के बाद खरीदार सतर्क हो गए। सड़क निर्माण कंपनी आईएलऐंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवक्र्स लिमिटेड (आईटीएनएल) को बेचने की पेशकश शून्य इक्विटी कीमत पर की गई, लेकिन शर्त यह थी कि मार्च 2018 तक के इसके 345 अरब रुपये के कर्ज का अधिग्रहण खरीदार कर ले। लेकिन संभावित खरीदार इस लेनदेन के साथ आगे नहीं बढ़े क्योंकि वे वित्तीय मानकों पर और स्पष्टता चाहते थे। एक बैंकर ने यह जानकारी दी। एक अन्य अवरोध आईटीएनएल में आईएलऐंडएफएस की पूरी हिस्सेदारी को लेकर है, जो 32 एसपीवी का परिचालन करती है और इसे बैंकों के पास गिरवी रखा गया है। इस साल जून से डिफॉल्ट की शुरुआत करने वाली पहली कंपनी आईटीएनएल थी, जिसका आईएलऐंडएफएस पर असर पड़ा। कंपनी को बिल्ड, ऑपरेट व ट्रांसफर के आधार पर सड़क परियोजनाएं विकसित करनी थी और यह आईएलऐंडएफएस की सबसे बड़ी वर्टिकल है और इसके पास समूह की कुल परिसंपत्तियों का 40 फीसदी से ज्यादा है। कंपनी को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से पूरी हुई कई सड़क परियोजना का बकाया मिलने की उम्मीद थी, लेकिन प्राधिकरण ने कंपनी की मांग को आर्बिट्रेशन में भेज दिया। सोमवार को इस कंपनी की बाजार कीमत 8.86 अरब रुपये रही।
 
बैंकरों ने कहा कि समूह की योजना वित्तीय सेवा इकाई को बेचने की थी, लेकिन इसका खरीदार नहीं मिला क्योंकि आरबीआई ने समूह कंपनियों को कंपनी की तरफ से दिए गए कर्ज पर चिंता जताई और अगले साल मार्च तक इसे घटाने को कहा। एक खरीदार ने कहा, हमारी दिलचस्पी खत्म हो गई क्योंकि समूह का कर्ज व एनपीए काफी ज्यादा था। इसके अलावा समूह अपना शिक्षा कारोबार आईएलऐंडएफएस एजुकेशन ऐंड टेक्नोलॉजी बेचना चाहता था, लेकिन इस पर बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई। अपना मुख्यालय 15 अरब रुपये में बेचने के लिए समूह ने ब्लैकस्टोन रीट से बातचीत की है, जिसमें आईएलऐंडएफएस रियल एस्टेट कंपनी का कर्ज शामिल है, जिसके पास इमारत का मालिकाना हक है। एक बैंकर ने कहा, इन परिसंपत्तियों की बिक्री की शुरुआत देर से की गई और इस वजह से समूह कंपनियों ने क्रम से डिफॉल्ट किया। इस साल जून में आईएलऐंडएफएस सिक्योरिटीज की बिक्री इंडसइंड बैंक को करने को छोड़कर आईएलऐंडएफएस प्रबंधन कोई अन्य सौदा नहीं कर पाया, लिहाजा कंपनी डगमगा गई। बैंकरों ने कहा कि नया प्रबंधन अब आ गया है और इन परिसंपत्तियों की बिक्री अब रफ्तार पकड़ेगी। बैंकर ने कहा, सरकार से स्पष्ट निर्देश के बाद नए प्रबंधन को संपत्ति बेचने में मुश्किल नहीं होगी। लेकिन मूल्यांकन का मसला अहम रहेगा।
Keyword: IL&FS, fund, share, LIC, sidbi, इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंस सर्विसेज,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

निजी बैंक: निवेशकों को घटानी पड़ सकती हैं उम्मीदें

Investments बढ़ता गतिरोध चालू वर्ष की ज्यादातर सुर्खियां निजी क्षेत्र के बैंकों से

भारतीय शेयर बाजारों के लिए मूल्यांकन अनुकूल

टाइटन के लाभ में आई गिरावट

2019 के चुनाव से पहले क्या सलाह दे रहे हैं ब्रोकर

पतंजलि की चिंताओं से कई कंपनियां उत्साहित

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.