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एनबीएफसी कंपनियों के लिए मार्जिन दबाव अलग अलग होगा

श्रीपद ऑटे /  September 30, 2018

आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) समेत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के शेयरों पर लगातार पांचवें दिन भी बिकवाली दबाव बना रहा। प्राथमिक बाजार को भी दबाव का सामना करना पड़ा है। आवास फाइनैंसर्स के इक्विटी आईपीओ के लिए भी मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही है।  एडलवाइस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि आईएलऐंडएफएस की रेटिंग घटाकर एएए- किए जाने से एनबीएफसी के अल्पावधि मार्जिन और ऋण वृद्घि पर प्रभाव पड़ा है और इससे वृद्घिशील नकदी महंगी होने की आशंका है। इसके अलावा, अधिक अल्पावधि डेट बाजार उधारी वाली कंपनियों को मार्जिन पर भारी दबाव का सामना करना होगा। विश्लेषकों ने एनबीएफसी के लिए शुद्घ ब्याज मार्जिन अनुमान को 15-30 आधार अंक तक घटा दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि एनबीएफसी सेगमेंट में परिसंपत्ति पुन: मूल्यांकन दक्षता और मूल्य निर्धारण क्षमता के आधार पर प्रभाव अलग अलग देखा जा सकता है। 

 
एचएफसी
 
एचएफसी पर ज्यादा प्रभाव पडऩे की आशंका है क्योंकि कई कंपनियों का कर्ज अल्पावधि में परिपक्व होगा। हालांकि कई आवास ऋण फ्लोटिंग ब्याज दर पर आधारित हैं, जिससे महंगे डेट बाजार की उधारी पर अधिक निर्भरता ओर कमजोर मूल्य निर्धारण ताकत एक दोहरी चिंता है। साथ ही आवासीय ऋण लंबी अवधि के लिए होते हैं, इसलिए वे अल्पावधि फंउिंग पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं रह सकते है। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार कारोबारी दीर्घावधि पत्रों या अधिक प्रतिफल वाले डिबेंचर्स में निवेश करने को इच्छुक नहीं हैं जिससे ऋण वृद्घि की रफ्तार प्रभावित हो रही है। इसके अलावा रेपको जैसीे एएए से कम की क्रेडिट रेटिंग वाली एचएफसी के मार्जिन पर अधिक दबाव दिखेगा। लेकिन एचडीएफसी जैसी मजबूत पैतृक समर्थन वाली और ऊंची क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों के बेहतर स्थिति में रहने के आसार हैं।
 
वाहन ऋणदाता
 
वाहन ऋणदाता प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि बढ़ती ईंधन कीमतों और ऊंची खरीद लागत (बीमा) के साथ त्रण वृद्घि के संदर्भ में उन पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। दो बड़ी इकाइयों - महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनैंशियल सर्विसेज (एमएमएफएल) और श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस कंपनी (एसटीएफसीएल) द्वारा अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किए जाने की संभावना है। विश्लेषकों का कहना है कि जहां एमएमएफएल (ग्रामीण-केंद्रित वाणिज्यिक वाहन ऋणदता) को मजबूत पैतृक समर्थन हासिल है और एचफसी की तुलना में उसकी मूल्य निर्धारण ताकत भी बेहतर है, वहीं एसटीएफसी मजबूत परिसंपत्ति देनदारी प्रबंधन और मूल्य निर्धारण ताकत से संपन्न है। एसटीएफसी पुराने वाहनों के लिए ऋण सुविधा मुहैया कराने वाली प्रमुख कंपनी है। एमएमएफएल के वाइस-चेयरमैन रमेश अय्यर का कहना है कि यदि उपभोक्ता ऊंची ब्याज दर चुकाने को तैयार नहीं है तो मांग को सुरक्षित बनाने के लिए लागत दबाव मूल उपकरण निर्माताओं, डीलरों और फाइनैंसरों के बीच साझा किया जा सकता है। 
 
स्वर्ण ऋणदाता
 
कई कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग एएए से नीचे है, जिससे कोष की ऊंची लागत का संकेत मिलता है। सकारात्मक बात यह है कि इन कंपनियों की परिसंपत्ति पुनर्मूल्यांकन क्षमता मजबूत है, क्योंकि अक्सर इनकी परिसंपत्ति अवधि अल्पावधि (एक साल से कम) है। एक घरेलू ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषक ने कहा, 'कम प्रतिस्पर्धा के साथ स्वर्ण फाइनैंस कंपनियों की मूल्य निर्धारण ताकत मजबूत है और वे लागत वृद्घि का बोझ एचएफसी या अन्य वाहन फाइनेंसरों की तुलना में ज्यादा आसानी से ग्राहकों पर डाल सकती हैं। वे लागत/मार्जिन दबाव से निपटने में सक्षम होंगी।' मणप्पुरम फाइनैंस के मुख्य कार्यकारी वी पी नंदकुमार कहते हैं, 'हम अल्पावधि उधारी पर अधिक निर्भर हैं, लेकिन जहां तक परिसंपत्ति देनदारी प्रबंधन का सवाल है तो हमारा मानना है कि अक्सर स्वर्ण ऋण तीन महीने के अंदर चुका दिए जाने से हम अच्छी स्थिति में हैं। इस श्रेणी में ज्यादा प्रतिस्पर्धा नहीं होने से मौजूदा लागत को देखते हुए उधारी दरों में बदलाव करना आसान है।' डाइवर्सिफाइड एनबीएफसी को कुछ राहत मिल सकती है, क्योंकि जोखिम कई सेगमेंट में फैला होगा। विश्लेषकों का कहना है कि श्रीराम सिटी यूनियन जैसी कंपनियां उधारी दरों के संदर्भ में अच्छी मोलभाव की स्थिति में होंगी। हालांकि डाइवर्सिफाइड वित्तीय विवरणों के लिए परिसंपत्ति-देनदारी असमानता पर लगातार ध्यान देने की जरूरत होगी। 
Keyword: real estate, HFC, NBFC, fund, DHFL,,
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