बिजनेस स्टैंडर्ड - ब्याज दर बढऩे से मुश्किल में फंसेंगी एनबीएफसी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, October 22, 2018 02:54 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

ब्याज दर बढऩे से मुश्किल में फंसेंगी एनबीएफसी

अनूप रॉय / मुंबई September 21, 2018

रकम जुटाने की योजना के लिहाज से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (खास तौर से हाउसिंग फाइनैंंस कंपनियां) मुश्किल वक्त का सामना कर सकती है क्योंकि बाजार में नकदी का अभाव हो गया है और ब्याज दरें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को सभी हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों के शेयर में तेज गिरावट दर्ज हुई, जिसकी अगुआई डीएचएफएल ने की। इससे स्पष्ट तौर पर निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा। डीएचएफएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कपिल वधावन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए साक्षात्कार में कहा कि शुक्रवार को कारोबारी सत्र में इसके शेयर में हुई करीब 60 फीसदी की गिरावट आईएलऐंडएफएस लिमिटेड के संक्रामक सेंटिमेंट के चलते दर्ज हुई।
 
उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि आईएलऐंडएफएस की वजह से बाजार में चौतरफा असर नजर आया। दुर्भाग्य की बात यह है कि हर कोई इस भेड़चाल का शिकार हो गया और इसके पीछे कोई आधार या तर्क नहीं है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस लिमिटेड के डिप्टी एमडी अश्विनी कुमार हुडा ने भी कहा कि शेयर में कारोबारी सत्र के दौरान 35 फीसदी की गिरावट अन्य हाउसिंग फाइनैंस के शेयर के संक्रामक असर के चलते दर्ज हुई, जिसकी प्रतिभूतियां उच्च प्रतिफल पर बेची गई थी। दोनोंं कंपनियों ने इस बात से इनकार किया कि उनकी कंपनियों में नकदी की कोई समस्या है। 60 फीसदी टूटने के बाद डीएचएफएल अंत में 42.43 फीसदी की नरमी के साथ बंद हुआ, जो इसकी एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस 35 फीसदी टूटने के बाद अंत में 8.2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। कई एनबीएफसी शेयरों ने भी गिरावट का सामना किया और बीएसई फाइनैंस इंडेक्स कारोबार के दौरान 6.6 फीसदी तक टूट गया। आईएलऐंडएफएस ने अंतर-कंपनी जमाओं पर डिफॉल्ट किया है और इसकी इकाई ने वाणिज्यिक प्रतिभूतियों के ब्याज भुगतान में चूक की है। डीएसपी एमएफ ने डीएचएफएल की 3 अरब रुपये की प्रतिभूतियां 10.75 फीसदी के प्रतिफल पर बेच दी, जो नकदी की सख्त स्थिति का संकेत देता है।
 
आने वाले समय में नकदी का संकट सामान्य प्रवृत्ति हो सकती है और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों की तरफ से रकम जुटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक कृष्णन सीतारमन ने कहा, हाउसिंग फाइनैंंस कंपनियों की विशेषता यह होती है कि ये सामान्य तौर पर संपत्ति-देनदारी परिपक्वता (एएलएम) के बेमेल का सामना करती हैं क्योंकि इसके पास लंबी अवधि वाली परिसंपत्तियां होती हैं और देनदारी अपेक्षाकृत अल्पावधि की होती है। हाउसिंग फाइनैंंस कंपनियां उन परियोजनाओं को उधार देती है जो 10-15 साल में परिपक्व होते हैं, वहीं उनकी तरफ से जुटाई गई रकम अल्पावधि वाली होती है। इससे उबरने के लिए ये कंपनियां अपने पास नकदी रखती हैं। कंपनी में नकदी के प्रबंधन के कई तरीके हैं। कुछ कंपनियां बैंक से रकम लेती हैं, कुछ लिक्विड एमएफ में निवेश करती हैं, कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट रखती हैं और कुछ इन तीनों का सहारा लेती हैं। सीतारमन ने कहा, हम इस पर नजर डालते हैं कि कंपनियां अपने एएलएम प्रोफाइल व नकदी की नीति का प्रबंधन करती हैं। सीतारमन ने कहा, हाउसिंग फाइनैंंस कंपनियां उच्च लाभ दर्ज कर रही थी क्योंकि ब्याज दर के घटते माहौल में उधारी लागत कम हो गई थी, लेकिन उधारी दर में इतनी कमी नहीं आई थी। इस वित्त वर्ष में उधारी लागत में बढ़ोतरी ब्याज दर में बढ़ोतरी के हिसाब से हो रही है, लेकिन कर्ज पर प्रतिफल इस हिसाब से नहीं बढ़ा क्योंंकि प्रतिस्पर्धा ज्यादा है। इससे हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों के लाभ पर कुछ दबाव पड़ रहा है। हालांकि बड़ी हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां इस प्रवृत्ति को पलटने में सक्षम हैं और उधारी दर में लगातार बढ़ोतरी कर अपने लाभ का प्रबंधन कर रही हैं।
 
गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका
 
शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन गिरावट से निवेशकों की बाजार हैसियत 5.6 लाख करोड़ रुपये नीचे आ गई। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,100 से अधिक अंक नीचे चला गया था। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुक्रवार को कारोबार के दौरान 1,127.58 अंक या 3 फीसदी की गिरावट के साथ 35,993.64 तक चला गया। हालांकि कुछ ही मिनटों में इसमें सुधार आया। बाजार में तीव्र उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स अंत में 279.62 अंक या 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 36,841.60 अंक पर बंद हुआ। कुल मिलाकर पिछले चार दिन में सेंसेक्स 1,249.04 अंक टूटा है। कमजोर धारणा के साथ बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 5,66,187.15 करोड़ रुपये घटकर 1,50,70,832 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से येस बैंक की अगुआई में 17 शेयर नुकसान में रहे। येस बैंक 28.70 फीसदी नीचे आया। बीएसई में 2,106 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 586 में तेजी रही। वहीं 148 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। 
Keyword: NBFC, interest, rate, DHFL,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

बाजार में गिरावट लंबे समय तक बरकरार रहने के आसार

Investmentsरुपये में गिरावट नियंत्रित करने और आईएलऐंडएफएस संकट का समाधान निकालने की

सरकारी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन की संभावना

इस्पात क्षेत्र के विकास की रफ्तार बरकरार

गिरावट से फीकी पड़ी कई पसंदीदा शेयरों की चमक

मूल्य निर्धारण दबाव और आपूर्ति चिंताओं से वेदांत में आ रही कमजोरी

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.