बिजनेस स्टैंडर्ड - इस्पात पर आयात शुल्क बढ़ाने की तैयारी
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इस्पात पर आयात शुल्क बढ़ाने की तैयारी

रॉयटर्स / नई दिल्ली September 19, 2018

भारत के इस्पात मंत्रालय ने कुछ इस्पात उत्पादों पर प्रभावी आयात शुल्क को मौजूदा 5-12.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव रखा है। इस घटनाक्रम से जुड़े दो अधिकारियों और एक सरकारी दस्तावेज में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने रुपये को मजबूती प्रदान करने के प्रयास के तहत ये शुल्क बढ़ाने की योजना बनाई है। यह प्रस्ताव डॉलर में तेजी के असर को सीमित करने के लिए गैर-जरूरी आयात रोकने की सरकारी की योजना का हिस्सा है। डॉलर की तुलना में रुपये में भारी गिरावट आई है। इस घटनाक्रम से नजदीकी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव पर बुधवार को व्यापार मंत्रालय में चर्चा की गई। 
 
एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने के अनुरोध के साथ कहा, 'इस पहल का मकसद व्यापार संतुलन बनाना है, लेकिन हम घरेलू इस्पात उत्पादन को प्रोत्साहित कर 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे।' अधिकारी ने कहा कि इसे लेकर स्थिति स्पष्टï नहीं है कि प्रस्तावित शुल्क फिलहाल लगाया जाएगा या नहीं। इस्पात और वाणिज्य मंत्रालयों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस खबर के बाद भारतीय इस्पात कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है। बुधवार को जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर 2.57 प्रतिशत, टाटा स्टील 1.48 फीसदी और जिंदल स्टील ऐंड पावर 1.75 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। सरकार संचालित सेल में भी 1.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ बंद हुआ। 
 
केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह रुपये में गिरावट के सिलसिले को थामने के मकसद से कई उपायों की घोषणा की थी। रुपया मंगलवार को 72.99 के निचले स्तर पर पहुंच गया जिससे यह बढ़ते व्यापार घाटे के बीच एशिया की सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन वाली मुद्रा बन गया। हालांकि केंद्रीय बैंक द्वारा डॉलर की बिक्री की चर्चा के बाद बुधवार को इसमें कुछ मजबूती दर्ज की गई, लेकिन फिर भी यह इस साल 13 प्रतिशत से अधिक नीचे बना हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत का इस्पात आयात 2017-18 में 615 अरब डॉलर पर रहा। 
 
जून में समाप्त तीन महीने की अवधि में देश पिछले दो वर्षों में पहली बार इस्पात का शुद्घ आयातक बन गया और विदेशी आपूर्ति 21 लाख टन पर पहुंच गई जो एक साल पहले के मुकाबले 15 प्रतिशत तक ज्यादा है। जापान और दक्षिण कोरिया के साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते कर रखे हैं। मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में आयातित इस्पात में इन देशों का 45 प्रतिशत का योगदान रहा।  प्रस्तावित शुल्क इन आयात के लिए लागू नहीं हो सकते हैं, पर चीन, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, रूस और इंडोनेशिया जैसे अन्य इस्पात आपूर्तिकर्ता इससे प्रभावित हो सकते हैं।
 
एक वरिष्ठï सरकारी अधिकारी ने कहा कि इस्पात के अलावा भारत कुछ कृषि जिंसों पर भी संभवत: कुछ महीने के लिए आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रहा है। व्यापार मंत्रालय के एक अधिकारी ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार सोने और कुछ इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर आयात समाप्त करने की भी संभावना तलाश रही है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण खरीदार है और अगस्त में इसका आयात 90 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 3.64 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।  हालांकि विश्व स्वर्ण परिषद ने बुधवार को इस धातु पर किसी तरह की सख्ती के खिलाफ चेतावनी दी, क्योंकि इस पर पहले से ही 10 प्रतिशत का शुल्क लागू है।
Keyword: steel, iron, import, duty,,
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