बिजनेस स्टैंडर्ड - मध्यप्रदेश में सोयाबीन पर कीट का हमला
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, September 24, 2018 11:26 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

मध्यप्रदेश में सोयाबीन पर कीट का हमला

संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली September 16, 2018

पिछले साल के मुकाबले इस साल रकबे में इजाफे की वजह से मध्यप्रदेश के सोयाबीन किसानों को बढिय़ा फसल की जो उम्मीद नजर आ रही थी वह मटियामेट हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ इलाकों में खड़ी फसलों पर व्हाइट स्टेम फ्लाई कीट के हमले की सूचना मिली है। इससे उपज में कमी आ सकती है। हालांकि उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अंतिम उपज में इस कीट के बड़े पैमाने पर असर की संभावना से इनकार किया है लेकिन कुछ किसान नेताओं का कहना है कि राज्य केकई जिलों में कीट के हमले की खबर मिली है।
 
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के कार्यकारी निदेशक डीएन पाठक ने बताया कि कुछ अलग-अलग क्षेत्रों में कीट के हमले की सूचना मिली है लेकिन यह इतने बड़े स्तर पर नहीं है कि बड़े पैमाने पर नुकसान का कारण बने। इस साल हम सोयाबीन की जोरदार फसल की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अनुमानित सोयाबीन उत्पादन पर अंतिम आंकड़े एसोसिएशन द्वारा खेतों का सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अगले कुछ हफ्तों में पता चल पाएंगे। आधिकारिक अनुमान के अनुसार शुक्रवार तक लगभग 53.1 लाख हेक्टेयर भूमि पर सोयाबीन की बुआई हो चुकी है। यह पिछले साल के बुआई क्षेत्र की तुलना में करीब 6.14 प्रतिशत अधिक है क्योंकि किसानों ने बेहतर मुनाफे की उम्मीद में अधिक क्षेत्र में बुआई की है। मध्यप्रदेश के एक किसान समूह और आम किसान यूनियन के प्रमुख केदार सिरोही ने कहा कि हमें कुछ स्थानों पर प्रति हेक्टेयर सोयाबीन की कम से कम 1,000 किलोग्राम फसल की उम्मीद थी लेकिन कीट हमले की वजह से अब इसमें कमी आ सकती है। नई फसल की शुरुआती किस्म अगले हफ्ते बाजार में आनी शुरू हो जाएगी। इस कीट हमले को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
 
देश में बाकी हिस्सों में शुक्रवार तक खरीफ की कुल फसल की बुआई लगभग 10.530 करोड़ हेक्टेयर में की जा चुकी है जो पिछले वर्ष समान अवधि में की गई बुआई से 0.72 प्रतिशत अधिक है। शुक्रवार को जारी किए गए कृषि मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में अधिक रकबे की वजह से 2018-19 के खरीफ सीजन में अब तक खरीफ की प्रमुख फसल धान के अंतर्र्गत बुआई क्षेत्र 2.27 फीसदी बढ़कर 3.833 करोड़ हेक्टेयर हो चुका है। पिछले साल धान का रकबा 3.748 करोड़ हेक्टेयर था। खरीफ की बुआई जून से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआत के साथ ही शुरू हो जाती है और कटाई अक्टूबर से शुरू होती है। इस सीजन में अब तक 1.374 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन की बुआई हो चुकी है जो पिछले साल इसी सीजन में की गई 1.386 करोड़ हेक्टेयर के करीब ही है।
 
मोटे अनाज की बुआई का रकबा पहले के 1.822 करोड़ क्षेत्र की तुलना में कुछ कम 1.754 करोड़ हेक्टेयर रहा है। जहां तक नकदी फसल की बात है तो इस खरीफ सीजन में अब तक 1.205 करोड़ हेक्टेयर में कपास की बुआई हो चुकी है जो पिछले साल की समान अवधि में की गई 1.209 हेक्टेयर से कुछ ही कम है। गन्ना बुआई 51.9 लाख हेक्टेयर में की जा चुकी है जबकि पिछले साल यह रकबा 49.8 लाख हेक्टेयर था। दूसरी ओर सात लाख हेक्टेयर में जूट की बुआई हो चुकी है जो पिछले साल के लगभग समान है।
Keyword: Nutella, agri, madhya pradesh, सोयाबीन,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नए निवेश से सुधरेगी आईएलऐंडएफएस की सेहत?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.