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जेटली नहीं देंगे इस्तीफा: भाजपा

अर्चिस मोहन /  September 13, 2018

भगोड़े कर्जदार विजय माल्या के देश छोडऩे के पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मुलाकात के दावे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को जेटली से मंत्री पद छोडऩे की मांग कर दी लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही भाजपा ने राहुल से उलटे तमाम पद छोडऩे की मांग रख दी। भाजपा ने यह आरोप लगाया कि माल्या के साथ गांधी  परिवार के संबंधों की वजह से सार्वजनिक बैंकों ने मजबूरी में 2010-11 के दौरान इस उद्योगपति को कर्ज बांटे। उस समय कांग्रेस की अगुआई वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता में था। इसके पहले राहुल ने माल्या प्रकरण में मोदी सरकार के सामने छह सवाल रखते हुए जवाब मांगा। राहुल ने सरकार से यह पूछा कि किसके कहने पर सीबीआई ने माल्या के खिलाफ जारी हिरासत नोटिस को 23 नवंबर 2015 को सूचना नोटिस में बदला था? 

 
राहुल ने जेटली पर ढाई वर्षों तक माल्या के साथ हुई मुलाकात को छिपाकर रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह आम लोगों के अलावा जांच एजेंसियों से भी इस बात को छिपाते रहे हैं। राहुल ने कहा, 'अब अचानक उन्हें माल्या के साथ हुई बातचीत याद आ रही है। उस दौरान माल्या ने उनसे लंदन जाने की बात भी कही थी। उन्हें वित्त मंत्री पद से हटने के लिए इतना काफी है।' इस बीच पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में इसे 'बड़ा संयोग'  बताया कि कर्जों की वसूली के लिए बैंकों के कंसर्टियम ने जिस दिन अर्जी लगाई उसी दिन माल्या देश छोड़कर भाग गया। रोहतगी ने इस संभावना से इनकार नहीं किया कि 'किसी ने माल्या को इस बारे में बता दिया हो'। कांग्रेस की तरफ से मोदी सरकार में नंबर-2 माने जाने वाले जेटली पर वार होता देख भाजपा ने भी जवाबी हमले तेज कर दिए। तीन केंद्रीय मंत्रियों ने जेटली का बचाव करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया। जेटली के करीबी माने जाने वाले रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने माल्या प्रकरण में वित्त मंत्री पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया।
 
गोयल ने भगोड़े उद्योगपति माल्या को कानून की नजर में अपराधी बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति के बयान को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता है। ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने बुधवार को अपने बयान में कहा था कि वह भारत छोडऩे के पहले बकाया कर्जों के निपटारे के सिलसिले में वित्त मंत्री जेटली से मिला था। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जेटली से मंत्री पद छोडऩे की कांग्रेस की मांग को प्रेरित बताते हुए कि कांग्रेस संसद गलियारे में हुई छोटी सी मुलाकात को बढ़-चढ़ाकर पेश कर रही है। इसके पहले राहुल ने कहा कि पार्टी सांसद पी एल पुनिया ने 1 मार्च 2016 को संसद के केंद्रीय कक्ष में जेटली को माल्या के साथ बैठे हुए देखा था। राहुल ने कहा कि जेटली और माल्या के बीच करीब 15-20 मिनट तक बात चली थी। पुनिया ने कहा कि तत्कालीन सांसद माल्या को जेटली से बात करते हुए उन्होंने खुद देखा था।
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