बिजनेस स्टैंडर्ड - बढ़े हाइड्रोकार्बन उत्पादन पर कर छूट
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बढ़े हाइड्रोकार्बन उत्पादन पर कर छूट

शाइन जैकब / नई दिल्ली 09 12, 2018

इससे 50 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लग सकता है


बिजनेस स्टैंडर्ड बढ़े हाइड्रोकार्बन उत्पादन पर कर छूट

अगर तेल रिकवरी दर में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो इससे अगले 20 साल में 12 करोड़ टन तेल का  अतिरिक्त उत्पादन होगा

गैस की रिकवरी दर अगर 3 प्रतिशत बढ़ती है तो इससे अगले 20 साल में 52 अरब घन मीटर गैस का अतिरिक्त उत्पादन होगा

भारत में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण को बढ़ावा देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज मौजूदा क्षेत्रों से तेल व गैस की बढ़ी रिकवरी को प्रोत्साहित करने के की नीति को मंजूरी दे दी है। इससे 50 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लग सकता है।पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘बढ़ी रिकवरी (ईआर), सुधरी रिकवरी (आईआर) और गैरपरंपरागत हाइड्रोकॉर्बन (यूएचसी) उत्पादन विधि को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से अगले 10 से 20 साल में 50 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त संसाधन मिल सकेंगे।’  

इस नीति के तहत मौजूदा कारोबारियों को बढ़े उत्पाद पर तेल पर उपकर से 50 प्रतिशत और गैस से रॉयल्टी पर 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। तेल के उत्पादन की मूल मात्रा में रिकवरी दर 5 प्रतिशत बढऩे से अगले 20 साल में 12 करोड़ टन अतिरिक्त तेल का उत्पादन होगा। गैस के मामले में अगर मूल मात्रा की तुलना में रिकवरी दर 3 प्रतिशत बढ़ती है तो इससे 52 अरब घन मीटर गैस का अतिरिक्त उत्पादन अगले 20 साल में होगा।

ईआर में बढ़ी तेल रिकवरी (ईओआर) और बढ़ी गैस रिकवरी (ईजीआर), शेल ऑयल, गैस उत्पादन, टाइट ऑयल और गैस उत्पादन, ऑयल शेल से उत्पादन, गैस हाइड्रेट और हैवी ऑयल सहित गैर परंपरागत हाइड्रोकार्बन (यूएचसी) उत्पादन विधि शामिल है। सरकार ने बयान में कहा है, ‘बढ़ी रिकवरी, सुधरी रिकवरी और गैर परंपरागत हाइड्रोकार्बन के अन्वेषण एवं दोहन का काम पूंजी आधारित, तकनीकी रूप से जटिल और चुनौतीपूर्ण काम है। इसके लिए बुनियादी ढांचे संबंधी मदद, लॉजिस्टिक समर्थन, वित्तीय प्रोत्साहन और बेहतर माहौल की जरूरत है।’

इसमें कहा गया है कि नीति का रणनीतिक उद्देश्य शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों, उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र के बीच तालमेल और अन्वेषण और उत्पादन (ईऐंडपी) कॉट्रैक्टरों को बढ़ावा देने के लिए सहायक माहौल तैयार करना है, जिससे नई तकनीकें लाई जा सकें। यह नीति सभी ठेके वाले क्षेत्रों और नामित क्षेत्रों पर लागू होगी। 

यह नीति अधिसूचना जारी होने के बाद 10 साल के लिए प्रभावी होगी। बहरहल वित्तीय प्रोत्साहन ईआर/यूएचसी परियोजनाओं में उत्पादन शुरू होने की तिथि से 120 महीने की अवधि के लिए उपलब्ध रहेगा। 
Keyword: Oil, Gas, Recovery, UHC, Shell Oil, Tight Oil, Gas production, Gas Hidrate,
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