बिजनेस स्टैंडर्ड - आरबीआई ने भंडार में बढ़ाया सोना
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आरबीआई ने भंडार में बढ़ाया सोना

राजेश भयानी / मुंबई 09 11, 2018

... सोने पर जोर

आरबीआई ने जुलाई में विदेशी मुद्रा भंडार में 6.8 टन सोना बढ़ाया, जो 2009 के बाद किसी एक महीने में सबसे अधिक
पिछले 4 महीनों में भंडार में कुल 12.7 टन सोना बढ़ाया गया
विश्लेषक आरबीआई के धीरे-धीरे सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड के बराबर सोना खरीदने की जता रहे हैं संभावना

बिजनेस स्टैंडर्ड आरबीआई ने भंडार में बढ़ाया सोनाऐसा लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने विदेशी मुद्रा भंडार में नियमित रूप से सोना बढ़ा रहा है। इससे पहले कुछ मौकों पर ही भंडार में सोना बढ़ाया जाता था। केंद्रीय बैंक ने जुलाई में अपने विदेशी मुद्रा भंडार में 6.8 टन सोना जमा किया है, जो 2009 के बाद भंडार में सबसे अधिक मासिक बढ़ोतरी है। भंडार में सोना ऐसे समय बढ़ाया गया है, जब आरबीआई रुपये में गिरावट को रोकने के लिए 25 अरब डॉलर से अधिक खर्च कर चुका है। रिजर्व बैंक ने वर्ष 2009 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 200 टन सोना खरीदने के बाद पहली मामूली खरीदारी दिसंबर, 2007 में महज 300 किलोग्राम की। इसके बाद भंडार में मार्च, 2018 में 2.2 टन सोना शामिल किया गया। विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-2019 के पहले चार महीनों में भंडार में 12.7 टन सोना बढ़ाया है। इसमें से 11.2 टन की खरीद जून और जुलाई में की गई। 

अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण भंडार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों ने कहा कि आरबीआई का कदम यह दर्शाता है कि अब वह बाजार को प्रभावित किए बिना भंडार के लिए बाजार से सोने की सीमित मात्रा में खरीद कर रहा है। यह जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि वैश्विक स्तर पर रूस, तुर्की, चीन और अन्य देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विवधिता लाने के लिए भंडार में नियमित रूप से सोना बढ़ा रहे हैं। केंद्रीय बैंक सोने की कीमतों को लेकर सरकार के जोखिम को दर्शा रहा है। सरकार पर यह जोखिम तब आता है, जब वह सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड के जरिये धन जुटाती है। इन बॉन्डों में सरकार सोने की कीमत के आधार पर धन जुटाती है और 8 साल बाद उस समय की सोने की कीमतों पर भुनाती है। 

इसका मतलब है कि सरकार पर सोने की कीमतों का जोखिम है। इसकी पुष्टि आरबीआई नहीं करता है। हालांकि आरबीआई की सालाना रिपोर्ट के आंकड़ों में यह स्वीकार किया गया है कि उसने भंडार में सोने की मात्रा बढ़ाई है। केंद्रीय बैंक ने ताजा आंकड़ों में कहा है कि उसने 23.5 टन सोने की कीमत के बराबर के सॉवरिन गोल्ड बॉन्डों की बिक्री की है। हालांकि सरकार के इस जोखिम की हेजिंग नहीं थी क्योंकि सॉवरिन गोल्ड बॉन्डों को सरकार के बाजार उधारी कार्यक्रम का हिस्सा माना जाता है। 

सरकार की स्वर्ण नीति पर नजर रखने वाले एक अन्य विश्लेषक ने कहा कि यह भी संभव है कि सरकार के सॉवरिन गोल्ड बॉन्डों की बिक्री के बराबर सोना खरीद रही हो। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुहैया कराए गए के आंकड़ों से पता चलता है कि 30 जून, 2018 तक सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड की 14 खेपों से 68.96 अरब रुपये जुटाए गए हैं।  आरबीआई ने हाल में जारी सालाना रिपोर्ट में कहा कि सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड के जरिये जुटाई गई धनराशि अनुमान से कम है। इससे योजना में 'निवेशकों की कम रुचि' का पता चलता है। केंद्रीय बैंक ने कहा इस रिपोर्ट में कहा कि आने वाले समय में सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड का आक्रामक निर्गम लाया जाएगा। विश्व स्वर्ण परिषद के जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक अब सोने का कुल भंडार बढ़कर 573.1 टन हो गया है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 5.5 फीसदी है। 

बाजार में अटकलें हैं कि भंडार में शामिल किया जा रहा सोना बाजार से खरीदा जा रहा है या यह स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत प्राप्त सोना है, जिसकी अन्यथा बिक्री करनी होगी।  इसे लेकर कई चर्चाएं हैं। विश्लेषक स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के सोने को भंडार में शामिल करने की संभावना भी खारिज नहीं करते हैं। इसकी वजह यह है कि अब तक स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत संग्रहित सोने की एमएमटीसी ने नीलामी नहीं की है। एमएमटीसी ही वह एजेंसी है, जिसे स्वर्ण मुद्रीकरण योजना शुरू करते समय नीलामी के काम का जिम्मा दिया गया था। 

वैश्विक स्थितियां

वैश्विक स्तर पर रूस, कजाकस्तान और तुर्की अपने मुद्रा भंडार के लिए सोने की भारी खरीदारी कर रही हैं। जून में समाप्त तिमाही के दौरान वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों ने कुल 89 टन सोना अपने भंडारों में बढ़ाया है। सूत्रों का कहना है कि उसके बाद भंडार में सोने की मात्रा बढ़ी है। कजाकस्तान का स्वर्ण भंडार लगातार 68 महीनों से बढ़ रहा है। जून तिमाही के अंत में कजाकस्तान की संसद के निचले सदन ने केंद्रीय बैंक से सोने का भंडार बढ़ाने को कहा था। यह निर्देश भूराजनीतिक एवं आर्थिक जोखिमों और विश्व के बहुमुद्रा प्रणाली की तरफ कदम बढ़ाने से पैदा हुई अनिश्चितता को मद्देनजर रखते हुए दिया गया। जुलाई में वहां के केंद्रीय बैंक ने भंडार में 5 टन सोना बढ़ाया जिससे कुल भंडार बढ़कर 326 टन हो गया है। विश्व स्वर्ण परिषद के मुताबिक, 'तुर्की ने सोने की खरीदारी की रणनीति बनाए रखी है। वहां जून के अंत में सोने का कुल भंडार बढ़कर 240.2 टन हो गया है, जो मई, 2017 में शुद्ध खरीदारी शुरू करने के समय के मुकाबले 107 फीसदी अधिक है।'
Keyword: RBI, rate, bank,gold, भारतीय रिजर्व बैंक,
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