बिजनेस स्टैंडर्ड - बजाज फाइनैंस का दमदार प्रदर्शन रहेगा बरकरार
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बजाज फाइनैंस का दमदार प्रदर्शन रहेगा बरकरार

हंसिनी कार्तिक /  September 09, 2018

लगभग 10 साल पहले 11 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा बजाज फाइनैंस का शेयर लोकप्रिय नहीं था। मौजूदा समय में 2745 रुपये (7 सितंबर तक) पर कारोबार कर रहा है और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों में पसंदीदा बना गया है। परिसंपत्ति गुणवत्ता में अनिश्चितता और नए अकाउंटिंग मानकों पर अमल की वजह से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए जून तिमाही चुनौतीपूर्ण रहने के बावजूद बजाज फाइनैंस ने 3.6 फीसदी पर उद्योग में श्रेष्ठ प्रतिफल को बरकरार रखते हुए शानदार प्रदर्शन किया। 6 महीने में शेयर में 80 प्रतिशत की तेजी ने भी इसे अपने प्रतिस्पर्धियों की शीर्ष सूची में शामिल करा दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि बजाज लगातार अपने प्रतिस्पर्धियों को मात देने में सफल रह सकती है। 

 
विशेष मॉडल, अच्छी समझ
 
कंपनी का करीब 40 प्रतिशत व्यवसाय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट से आता है और वह खपत रुझान की अच्छी समझ के साथ साथ व्यापक पहुंच की मदद से स्वयं को दिग्गज के तौर पर स्थापित कर चुकी है। बजाज फाइनैंस के शेयर ने कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ड्यूरेबल्स कंपनियों के मुकाबले भी बेहतर प्रदर्शन किया है। निजी बैंकों में निवेश की वजह से कंपनी को ग्रामीण ऋण प्रदाता की हैसियत हासिल करने में भी सक्षम बनाया है। जहां कैपिटल फस्र्ट को उसकी कड़ी प्रतिस्पर्धी समझा जा सकता है, जो उसकी तुलना में एक काफी छोटी कंपनी है। ई-कॉमर्स उधारी जैसी नई योजनाओं और क्रेडिट कार्ड के लिए बैंकों के साथ भागीदारी ने बजाज फाइनैंस के पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान की है।
 
मजबूत एयूएम वृद्घि
 
बजाज फाइनैंस ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में 35 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। अधिक महत्वपूर्ण उपभोक्ताओं, ग्रामीण और छोटे व्यवसायों के लिए उधारी पर ध्यान केंद्रित करने से कंपनी का शुद्घ ब्याज मार्जिन भी पिछले तीन वित्त वर्षों में सुधकर 10 फीसदी पर पहुंच गया है। प्रतिस्पर्धी दरों पर कोष जुटाने की अपनी दक्षता की वजह से कंपनी के लिए मार्जिन भविष्य में भी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले मजबूत रहने का अनुमान है।
 
उचित परिसंपत्ति गुणवत्ता
 
प्रभुदास लीलाधर के मुख्य कार्याधिकारी एवं मुख्य पोर्टफोलियो प्रबंधक अजय बोडके का कहना है कि बजाज फाइनैंस ने अपनी परिसंपत्ति गुणवत्ता पर आक्रामक रहते हुए बढ़त हासिल की है। वह कहते हैं, 'यह शानदार शेयरधारक लाभ के लिए जिम्मेदार है।' नोटबंदी से प्रभावित तिमाहियों को छोड़कर, बजाज फाइनैंस हाल के वर्षों में अपने शुद्घ गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के अनुपात को 1 प्रतिशत से कम बनाए रखने में कामयाब रही है। 
 
आगे की राह
 
जेफरीज के विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के मजबूत फ्रेंचाइजी, व्यापक वितरण और ऋण पेशकशों में विविधता की वजह से मौजूदा तेज रफ्तार बरकरार रहेगी। ब्रोकरों को वित्त वर्ष 2018-21 में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की ऋण वृद्घि दर्ज होने का अनुमान है। फिर भी, मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि पिछले 6 महीनों में रेटिंग में तेजी से बदलाव के बाद अल्पावधि में इस शेयर का मूल्यांकन महंगा बने रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2019 के बहीखाते के 8.5 गुना पर कारोबार कर रहे बजाज फाइनैंस का मूल्यांकन सर्वाधिक ऊंचाई पर है। एक फंड प्रबंधक का कहना है, 'निवेशकों को किसी बड़ी गिरावट का इस्तेमाल खरीदारी के अवसर के तौर पर करना चाहिए।' उनका मानना है कि शेयर संभावित उथल-पुथल के बावजूद अपनी श्रेणी के शेयरों में दमदार बना रहेगा। फिर भी मध्यावधि से लेकर दीर्घावधि के संदर्भ में कुछ जोखिम हैं जिनसे निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
 
प्रतिस्पर्धी जोखिम
 
क्रेडिट कार्ड की पैठ भारत में अभी भी कमजोर बनी हुई है, लेकिन बैंक इस दिशा में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। पहली तिमाही में उपभोक्ता उधारी वृद्घि में तिमाही आधार पर मामूली गिरावट शायद बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत है। इस कारक पर दीर्घावधि के संदर्भ में नजर रखे जाने की जरूरत है। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषक इसे लेकर आश्वस्त हैं कि कंपनी लगातार भौगोलिक रूप से विस्तार दर्ज करेगी, उसके ग्राहक आधार में तेजी की संभावना बरकरार है और बढ़ते डिजिटलीकरण से मध्यावधि में वृद्घि में मदद मिलनी चाहिए। बोडके का कहना है, 'जब आपका दायरा बढ़ जाता है तो आपके सामने इसे बरकरार रखने की चुनौती होती है। अगले तीन-पांच वर्षों के दौरान बजाज फाइनैंस को अपनी वृद्घि और परिसपंत्ति गुणवत्ता की रफ्तार को बनाए रखने में इसी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। एचडीएफसी बैंक जैसे बैंकों ने मुनाफे के साथ कोई समझौता किए बगैर अपनी वृद्घि दर घटाई है, वहीं बजाज फाइनैंस को भी अपनी विकास रफ्तार के प्रभावित होने के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।'
Keyword: bajaj finance, share, market, बजाज फाइनैंस,
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