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गैर खाद्य बीजों से विमान ईंधन बनाने की जल्द आएगी नीति

शैली सेठ मोहिले और मेघा मनचंदा / नई दिल्ली September 05, 2018

कच्चे तेल का आयात बिल कम करने और प्रदूषण घटाने के मकसद से सरकार गैर खाद्य बीजों से विमान ईंधन (एटीएफ) बनाने के लिए नीति तैयार कर रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज यह जानकारी दी।  उन्होंने कहा, 'पेट्रोलियम मंत्रालय गैर खाद्य तेल बीजों से विमान ईंधन बनाने के लिए नीति तैयार कर रही है, जिससे हम एटीएफ का आयात बिल घटा सकेंगे।' 30 जून 2018 को समाप्त 4 महीने के दौरान भारत ने 86,000 टन एटीएफ का आयात किया है। सरकार की यह कवायद परिवहन के सभी साधनों समुद्र, हवाई और सड़क मार्ग पर कच्चे तेल के इस्तेमाल से बढ़ते आयात बिल को कम करने की कोशिश है। 
 
पिछले सप्ताह पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैर खाद्य बीज जैट्रोफा से तैयार तेल के मिश्रण का इस्तेमाल दिल्ली से देहरादून तक की कम दूरी की स्पाइस जेट की प्रायोगिक उड़ान संचालित की थी। यह विमान 25 प्रतिशत बायो ईंधन और 75 प्रतिशत एटीएफ के मिश्रण वाले तेल से उड़ा था। यह ईंधन भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून ने तैयार किया था।  एटीएफ या जेट ईंधन का दाम बढऩे से एयरलाइंस के मुनाफे पर दबाव बढ़ा है। 30 अगस्त को हुए उड्डयन सम्मेलन में इंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन आईएटीए ने एटीएफ पर उत्पाद शुल्क कम किए जाने की मांग की थी, जिसका खर्च एयरलाइंस के लागत ढांचे में 24.2 प्रतिशत है। 
 
मंत्री ने कहा कि भारत के आदिवासी इलाकों और जंगलों में बड़ी मात्रा में गैर खाद्य बीज पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल तेल निकालने के लिए किया जा सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय पहली पीढ़ी के एथनॉल के उत्पादन पर भी विचार कर रही है।  उन्होंने कहा, 'हमारे यहां चीनी का उत्पादन खपत से ज्यादा है और कुछ देश हमसे इसे 10-11 रुपये किलो बेचने की मांग कर रहे हैं। हमारे पास 50 लाख से 60 लाख टन अतिरिक्त चीनी है। यह अगले साल और बढऩे वाला है जो हमारे लिए नई चुनौती खड़ा करेगा।' 
 
सरकार ने एक नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत 6 प्रतिशत शीरे का उत्पादन किया जा सकता है, जिसका उत्पादन अभी 4 प्रतिशत होता है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से एथेनॉल का उत्पादन बढ़ेगा और हम प्रतिस्पर्धी मूल्य में सक्षम होंगे।  उन्होंने कहा, 'गन्ने से एथनॉल बनाने का विचार है, न कि चीनी से। कवायद यह है कि उत्पादकोंं को एथनॉल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।'  इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय ने 5 बायो एथेनॉल संयंत्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी है, जहां चावल, गेहं, कपास की भूसी और बांस से एथनॉल तैयार किया जाएगा। गडकरी ने कहा, 'हम फसल के पैटर्न में बदलाव करने पर भी विचार कर रहे हैं और तब तक बायो एथेनॉल के उत्पादन के लिए मक्के के उत्पादन पर जोर देंगे, जब तक गेहूं और धान का अतिरिक्त उत्पादन हो रहा है।' 
Keyword: ETF, crude oil, price, iran, america, अमेरिका, भारत, चीन,
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