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दक्षिण भारत में बारिश से काफी नुकसान

टी ई नरसिम्हन / चेन्नई September 04, 2018

वाणिज्य मंत्रालय के अधीन संस्था कॉफी बोर्ड ने दक्षिण भारत में पारंपरिक कॉफी क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह से लगभग 82,000 टन फसल नुकसान का अनुमान जताया है। उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है क्योंकि कीमतें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर आधारित हैं, जहां मौजूदा समय में कॉफी आपूर्ति मांग की तुलना में अधिक बनी हुई है। कॉफी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि 2018-19 के लिए 35,040 करोड़ टन का लक्ष्य तब तक हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा जब तक कि दिसंबर के आगामी सीजन में इसकी खेती में अच्छी तेजी दर्ज न की जाए। यह ध्यान देने की बात है कि निर्णायक फसल अनुमान वर्ष 2017-18 के लिए फसल कटाई के आंकड़े पर आधारित है और यह 31,600 करोड़ टन है जिसमें 9500 करोड़ टन अरेबिका और 22,100 करोड़ टन रोबस्टा कॉफी शामिल है।

 
बोर्ड के अनुसार कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में फसल नुकसान कर्नाटक में सबसे ज्यादा है जिसके बाद केरल और तमिलनाडु का स्थान है। फसल नुकसान के अलावा, कर्नाटक के कोडागू से गंभीर भूस्खलन की भी खबरें आई हैं जिसमें 1,500 हेक्टेयर का कॉफी क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कर्नाटक और केरल के अन्य हिस्सों से भी छोटे भूस्खलन की खबरें मिली हैं। कॉफी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि फसल नुकसान रोबस्टा के संदर्भ में ज्यादा हो सकता है क्योंकि बारिश रोबस्टा की खेती वाले इलाकों में अधिक हुई।
 
कॉफी बोर्ड का मानना है कि अन्य कृषि फसलों के विपरीत, कॉफी को चुनौतीपूर्ण कृषि कार्य और वित्तीय निवेश की जरूरत होती है। जरूरी वित्तीय सहायता के अभाव में कॉफी बागानों का रखरखाव प्रभावित होता है। कॉफी किसानों के संगठनों ने कॉफी ऋणों पर ब्याज माफी, बकाया ऋणों के भुगतान में बदलाव और ब्याज दरों को 25 लाख रुपये तक के ऋणों पर घटाकर 3 प्रतिशत और 25 लाख से अधिक के ऋणों पर 6 फीसदी किए जाने पर विचार किए जाने का अनुरोध किया है। बोर्ड का कहना है कि कॉफी उत्पादकों के संगठनों की मांगें विपरीत हालात को देखते हुए जायज हैं।
 
कॉफी बोर्ड ने कहा है, 'संबद्घ राज्य सरकारों द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना के तहत आपदा राहत कोष के जरिये मुहैया कराया जाने वाला मुआवजा भारी बारिश की वजह से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिहाज से पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा कॉफी उत्पादकों के लिए विशेष पैकेज पर विचार किया जाना चाहिए।' मौजूदा समय में मांग की तुलना में आपूर्ति अधिक है जिससे कीमतें प्रभावित हो रही हैं। अरेबिका की कीमतें इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर 98.95 डॉलर सेंट प्रति पौंड पर ठहरी हुई हैं। वहीं लंदन इंटरनैशनल फाइनैंशियल फ्यूचर्स ऐंड ऑप्शंस एक्सचेंज (एलआईएफएफई) पर रोबस्टा की कीमतें 1621 डॉलर से घटकर 1606 डॉलर प्रति टन रह गई हैं। 
Keyword: kerala, flood, coffee,,
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