बिजनेस स्टैंडर्ड - रुपये में नरमी, बढ़ सकती है ब्याज दर
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रुपये में नरमी, बढ़ सकती है ब्याज दर

अनूप रॉय / मुंबई 09 04, 2018

इस साल रुपये में 10.5 फीसदी की गिरावट आ चुकी है

बिजनेस स्टैंडर्ड रुपये में नरमी, बढ़ सकती है ब्याज दरडॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही लगातार गिरावट को देखते हुए अर्थशास्त्रियों और बॉन्ड बाजार के भागीदारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक के पास अक्टूबर में होने वाली मौद्रिक नीति की बैठक में दरें बढ़ाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा।  डॉलर के मुकाबले रुपया आज 71.57 के स्तर तक फिसल गया। सोमवार को वह 71.18 पर बंद हुआ था।

अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं में भी डॉलर के मुकाबले गिरावट आई है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक रुपये की गिरावट को थामने के लिए आगे नहीं आया। इस साल रुपये में 10.5 फीसदी की गिरावट आ चुकी है और सभी एशियाई मुद्राओं में इसका प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा है। 

भारतीय स्टेट बैंक समूह के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्यकांति घोष ने कहा, 'अगर रुपये में इसी तरह की गिरावट रही तो आरबीआई के पास दरें बढ़ाने के सिवा और कोई विकल्प नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि इससे खपत मांग भी प्रभावित हो सकती है।

आरबीआई ने इस साल रीपो दर में दो बार इजाफा कर इसे 6.50 फीसदी कर दिया है और अर्थशास्त्रियों का मानना था कि अब दरें नहीं बढ़ेगी या अधिक से अधिक एक बार और वृद्घि संभव है। हालांकि अब कुछ का कहना है कि अक्टूबर में दरें बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा। आईडीएफसी के मुख्य अर्थशास्त्री इंद्रनील पण का कहना है कि रुपये को सहारा देने के लिए दर में वृद्घि की जा सकती है।

आरबीआई की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की बैठक की घोषणा 4 अक्टूबर को हो सकती है। मुद्रास्फीति में वृद्घि से भी आरबीआई पर दरें बढ़ाने का दबाव है, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से केंद्रीय बैंक के पास दरें बढ़ाने के अलावा और कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। 

हालांकि चुनाव नजदीक होने पर दरों में इजाफा करना सरकार के दृष्टिकोण से थोड़ा जटिल मामला होगा। दरें बढऩे से मांग और विकास दर प्रभावित हो सकती है। रुपये में अवमूल्यन से भी मांग पर असर पड़ा है क्योंकि आयातित उत्पाद महंगे हो गए हैं। बॉन्ड बाजार दर बढ़ोतरी के लिए पहले से ही तैयार है। 10 साल वाले बॉन्ड का प्रतिफल 8 फीसदी के पार पहुंच गया है। केंद्र और राज्यों की ओर से बॉन्ड की आपूर्ति बढऩे की भी आशंका है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भी रुपये में नरमी को बल मिला। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 79.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही शेयर बाजार में गिरावट का असर भी रुपये पर पड़ रहा है। मंगलवार को सेंसेक्स में 154.60 अंक की गिरावट दर्ज की गई। 

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