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बिक्री में शहरों से आगे ग्रामीण क्षेत्र

अर्णव दत्ता और अजय मोदी / नई दिल्ली September 03, 2018

हाल में एक प्रमुख कॉस्मेटिक्स कंपनी को यह देखकर सुखद आश्चर्य हुआ कि उसके प्रीमियम लिपिस्टिक एवं नेल पेंट्ïस ब्रांडों का प्रदर्शन कुछ ग्रामीण बाजारों में काफी बेहतर रहा। हालांकि ऐसा आमतौर पर नहीं दिखता है। आंकड़ों पर गौर करने पर पता चला कि कई श्रेणियों में ग्रामीण बाजार की बिक्री में वृद्धि कई बड़े शहरों के स्थापित बाजारों के मुकाबले अधिक रही। इसी प्रकार एक अन्य प्रमुख स्किन प्रोडक्ड कंपनी के एक वितरक ने बताया कि हर महीने नए ग्रामीण क्षेत्रों से आकर्षक कारोबार दिख रहे हैं। 
 
खर्च के लिहाज से ग्रामीण भारत का जबरदस्त प्रदर्शन केवल कॉस्मेटिक्स बाजार तक ही सीमित नहीं है बल्कि अन्य श्रेणियों में भी यही प्रवृत्ति दिख रही है। चाहे वाहन कंपनी हो अथवा रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनी या फिर कंज्यूमर ड््यूरेबल कंपनी, ग्रामीण बाजार में उनकी मौजूदा बिक्री रफ्तार दमदार दिख रही है।  ग्रामीण बाजारों से इन कंपनियों की बिक्री को काफी रफ्तार मिल रही है और इसलिए कंपनियां नए ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तमाम बिक्री अभियान एवं विपणन रणनीतियों के साथ ग्रामीण बाजारों गतिविधियां बढ़ा रही हैं। एक विश्लेषक के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि का ताजा आंकड़ा 8.2 फीसदी रहने और ग्रामीण बाजार की बिक्री में दमदार वृद्धि दर्ज किए जाने से नए भारत के निर्माण के लिए एक नया जोश दिख रहा है। नीलसन जैसी बाजार अनुसंधान एजेंसी और बड़े कारोबारी समूहों से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रामीण परिवारों की खर्च करने की शक्ति शहरी परिवारों के मुकाबले कहीं अधिक है।
 
नीलसन के सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश की करीब दो-तिहाई आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है जहां एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री में बढ़त शहरी क्षेत्रों के मुकाबले 28 फीसदी अधिक दिख रही है। यह बढ़त सितंबर 2016 तिमाही के बाद सर्वाधिक रही है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि नोटबंदी से वृद्धि की रफ्तार कम हुई और वह 2017 के आरंभ में वृद्धि दर के लिहाज से शहरी बाजार के करीब रही लेकिन प्रणाली में नकदी की वापसी के साथ ग्रामीण वृद्धि में सुधार दर्ज की गई। साथ ही थोक चैनलों के जरबदस्त वापसी से ग्रामीण बाजारों में एफएमसीजी की वृद्धि को बल मिला। लेकिन वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के कारण थोक चैनल मध्य 2017 में काफी हद तक सुस्त हो गया।
 
नीलसन के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी से मार्च 2017-18 के दौरान ग्रामीण बाजार में वॉल्यूम ग्रोथ शहरों के मुकाबले काफी अंतर के साथ आगे रहा। उस दौरान ग्रामीण बाजार में वॉल्यूम ग्रोथ 9.7 फीसदी रहा जो शहरी क्षेत्रों के 8.6 फीसदी वॉल्यूम ग्रोथ के मुकाबले अधिक है। जबकि ग्रामीण बाजारों में मूल्य वृद्धि 15.1 फीसदी रही जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए यह आंकड़ा 12.6 फीसदी रहा। नीलसन इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुरेश नारायण के अनुसार, छोटे शहरों (अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में) आकर्षण दिख रहा है। व्हर्लपूल इंडिया के प्रबंध निदेशक सुनील डीसूजा ने कहा कि ग्रामीण बाजार में वृद्धि शहरी क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर रही। उन्होंने कहा कि शहरी बाजार की वृद्धि उम्मीद से कम रही।
 
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीईएएमए) के अध्यक्ष एवं पैनासोनिक के अध्यक्ष (भारत एवं दक्षिण एशिया) मनीष शर्मा के अनुसार, ग्रामीण विद्युतीकरण से 2018 में देश में ड्यूरेबल कंपनियों के लिए कारोबार में बदलाव को बल मिला। जीएसटी लागू होने पर आईटीसी, डाबर और हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) जैसी तमाम प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों ने सीधी आपूर्ति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने लगी है। इससे बेहतर करवरेज में भी मदद मिल सकती है। एडलवाइस सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष अबनीश रॉय ने कहा कि ग्रामीण बाजार में हालिया सुधार से एचयूएल, डाबर और ब्रिटानिया जैसी बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के कारोबार पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। एफएमसीजी कंपनियों की कुल बिक्री में ग्रामीण बाजार का योगदान करीब 35 से 45 फीसदी और ड््यूरेबल कंपनियों के लिए करीब एक चौथाई है। 
 
मारुति सुजूकी के वरिष्ठï कार्याकारी निदेशक आरएस कलसी के अनुसार, ग्रामीण एवं शहरी बाजारों में अंतर लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा, 'ग्रामीण बाजारों में आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि लोग स्विफ्ट डिजायर और ब्रेजा जैसे महंगे मॉडल खरीद रहे हैं।' हीरो मोटोकॉर्प ने ग्रामीण बाजार की बिक्री में 11 फीसदी की बढ़त दर्ज की है जबकि शहरी मांग में 9 फीसदी की वृद्धि रही। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी निरंजन गुप्ता ने कहा कि यह प्रवृत्ति फिलहाल बरकरार रहने के आसार हैं। अप्रैल से जुलाई 2018-19 की अवधि में घरेलू बाजार में मोटरसाइकल की बिक्री 17 फीसदी बढ़कर 48 लाख वाहन हो गई जबकि स्कूटरों की बिक्री में इस दौरान 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
Keyword: rural market, FMCG, cosmetics,,
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