बिजनेस स्टैंडर्ड - प्रत्यक्ष कर संग्रह की बढ़ोतरी सुस्त
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प्रत्यक्ष कर संग्रह की बढ़ोतरी सुस्त

दिलाशा सेठ और इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली September 02, 2018

सरकार भले ही 31 अगस्त की तय अंतिम तिथि तक आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले लोगोंं की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर उत्साहित हो, लेकिन प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े उत्साहजनक नहीं हैं। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जुलाई के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बजट में 2018-19 में 14.4 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। यह वृद्धि पहले 3 महीने के दौरान तीन साल से हो रही वृद्धि की ही तरह है। 
 
कॉर्पोरेशन कर ने खासकर खजाने को निराश किया है। इसका संग्रह महज 0.57 प्रतिशत बढ़ा है, जो कम से कम पिछले 7 साल की तुलना में पहले 4 महीने में हुए कर संग्रह से कम वृद्धि है। वित्त वर्ष 2019 के दौरान कॉर्पोरेशन कर में 10.15 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है, जिससे खजाने में 6210 करोड़ रुपये आने हैं, जबकि इसके पहले वित्त वर्ष में इस मद में 5,637.45 अरब रुपये खजाने में आए थे।  अप्रैल जुलाई अवधि के दौरान व्यक्तिगत आयकर संग्रह में 11.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो पहले 4 महीनों में संग्रह किए गए कर का पिछले 3 साल का न्यूनतम स्तर है। 
 
बजट में वित्त वर्ष 2019 के दौरान व्यक्तिगत आयकर 19.2 प्रतिशत बढ़कर 5,290 अरब रुपये होने का अनुमान लगाया गया है, जो एक साल पहले 4,412.55 अरब रुपये था। प्रत्यक्ष कर की कम प्राप्तियां एक प्रमुख वजह है, जिससे सरकार का राजस्व घाटा अनुमान से ऊपर जा रहा है और यह पहले 4 महीने में 6.3 प्रतिशत रहा है।  विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्यक्ष कर राजस्व संभवत: रिफंड की वजह से कम हुआ है। अन्यथा कॉर्पोरेट के बेहतर परिणाम के बावजूद इतना कम राजस्व नहीं आता। इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, 'यह (कम प्रत्यक्ष कर संग्रह) संभवत ज्यादा रिफंड की वजह से हुआ है।' 
 
अधिकारियों ने कहा कि कर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के पहले 4 महीनों में 750 अरब रुपये रिफंड किया है, जबकि वित्त वर्ष 18 में इसका आधा रिफंड किया गया था।  वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में कॉर्पोरेट के परिणाम बेहतर रहे हैं। उदाहरण के लिए सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बिक्री 12 प्रतिशत बढ़ी है, जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में ज्यादा है।  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि 2018-19 की पहली तिमाही में व्यक्तिगत आयकर दाताओं से अग्रिम कर संग्रह 44.1 प्रतिशत और कॉर्पोरेट कर श्रेणी में 17.4 प्रतिशत संग्रह बढ़ा है। 
 
प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े नोटबंदी की सफलता के सिद्धांत को पंचर कर सकते हैं, लेकिन अधिकारियोंं का कहना है कि अगस्त के आंकड़े कहींं ज्यादा होंगे। इस साल दाखिल आयकर रिटर्न के आंकड़े से वित्त वर्ष 18 में किए गए कर भुगतान की जानकारी मिलती है। आयकर विभाग ने कहा है कि 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल 70.86 प्रतिशत बढ़कर 542 लाख हो गया है, जो एक साल पहले 317 लाख था। आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों में मुख्य रूप से वेतनभोगी तबका बढ़ा है।  
Keyword: income tax, CBDT, आयकर विभाग कराधान,
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