बिजनेस स्टैंडर्ड - वैश्विक स्तर पर जगह बनाती सिंधू
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वैश्विक स्तर पर जगह बनाती सिंधू

उर्वी मलवाणिया /  August 31, 2018

एशियाई खेलों के एकल फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू को लेकर सोशल मीडिया में भी चर्चा चल रही है। यह चर्चा फोब्र्स की 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली महिला एथलीटों की सूची की वजह से हो रही है। हालांकि एशियाई खेलों के फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताइ जू यिंग से हारकर भी सिंधू ने भारत के लिए बैडमिंटन एकल में पहला रजत जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। सिंधू ने रियो ओलंपिक 2016 में रजत पदक अपने नाम करने के साथ ही एक खास मुकाम हासिल किया और बेहतर प्रदर्शन के साथ अपने प्रबंधकों की अच्छी रणनीति की वजह से उन्होंने ब्रांड की दुनिया में अपनी जगह बनाई है। हाल में फोब्र्स द्वारा जारी सूची में सिंधू सातवें पायदान पर हैं और उनकी कमाई 85 लाख डॉलर है और वह अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी वीनस विलियम्स (95 लाख डॉलर) से एक पायदान नीचे और रोमानिया की टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप (77 लाख डॉलर) से एक पायदान ऊपर हैं। उनके प्रबंधकों का कहना है कि इसकी वजह से ज्यादा बजट वाले ब्रांडों की कतार लग सकती है लेकिन वे नए ब्रांड करार की घोषणा की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। अपनी रणनीति की वजह से ही उनके प्रबंधक नए करार करने में ज्यादा सतर्कता बरतते हैं। उनका प्रबंधन करने वाली एजेंसी बेसलाइन वेंचर के सह संस्थापक और निदेशक रामकृष्णन आर कहते हैं, 'उनका ब्रांड अब परिपक्व हो गया है। वह ब्रांड करार के लिहाज से वह काफी चुनिंदा हो सकती हैं। वर्ष 2014 में यह सब मुश्किल था। लेकिन अब 2016 से उन्होंने खुद को दृढ़निश्चयी और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली शख्सियत के तौर पर साबित किया है। वह घर-घर में पहचाने जाने वाले नामों में शुमार हो चुकी हैं।' 

 
ऐसा अक्सर देखा जाता है कि खेल और बॉलीवुड के सेलिब्रिटी की मांग ज्यादा बढ़ जाती है। एक ब्रांड विशेषज्ञ का कहना है कि ऐसे सितारे खूब करार करते हैं। वह विराट कोहली की मिसाल देते हैं जिन्हें ब्रांड करार के लिए सबसे ज्यादा रकम दी जाती है और वह 20 से अधिक ब्रांडों का चेहरा बन चुके हैं जिनमें स्नैक्स, खेल परिधान, बैंक, मोबाइल फोन और रेडियो कैब सेवाएं शामिल हैं। इसके ठीक उलट सिंधू की सूची में 11 ब्रांड हैं और वह ब्रांड के चुनाव में काफी सतर्कता बरतती हैं। मोगे मीडिया के संस्थापक संदीप गोयल का कहना है, 'कई ब्रांड के साथ करार करने का खतरा यह है कि सेलिब्रिटी का खुद का अब अपना ब्रांड ही धूमिल पडऩे लगता है। इसके अलावा किसी ब्रांड का चेहरा होने का मतलब केवल पैसा ही नहीं है बल्कि अगर कुछ गड़बड़ी होती है तब भी दर्शक ब्रांड के साथ सेलिब्रिटी को भी दोषी ठहराते हैं। ऐसे पहले भी हो चुका है।' खेल प्रायोजन से जुड़ी ईएसपी स्पोट्र्जपावर रिपोर्ट इस साल जारी हुई जिनमें ब्रांड करार करने वाले खिलाडिय़ों में सिंधू तीसरे पायदान पर थीं। वह भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और पूर्व कप्तान एम एस धोनी से पीछे हैं। सिंधू ने एक खेल मार्केटिंग और प्रबंधन कंपनी, बेसलाइन वेंचर्स के साथ तीन साल का करार किया है। तीन सालों (2017-2020) तक के लिए उनका कुल करार करीब 50 करोड़ रुपये है। इसके बाद फोब्र्स ने उनके ब्रांड करार की वैल्यू 80 लाख डॉलर (56 करोड़ रुपये मौैजूदा विनिमय दर के मुताबिक) आंका है।
 
वहीं दूसरी तरफ स्पोट्र्जपावर ने उनकी कुल ब्रांड वैल्यू 30 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है और उसकी गणना उन ब्रांडों के आधार पर है जिनके साथ सिंधू ने करार किया है। रामकृष्णन का कहना है कि ब्रांड करार की रकम में बढ़ोतरी हो सकती है हालांकि वह इसका ब्योरा देने से इनकार करते हैं। उनका कहना है, 'सभी करार अलग होता है लेकिन हम एक निश्चित पैमाने से नीचे नहीं जाएंगे।' सिंधू सरकारी योजनाओं मसलन जीएसटी का चेहरा भी रही हैं और पिछले साल केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल का आधिकारिक चेहरा भी बनाया गया। सिंधू उन एथलीटों में शामिल हैं जिन्हें एडलवाइस की लोकोपकारी इकाई एडलगिव का समर्थन हासिल है। एडलवाइस समूह के प्रमुख (मार्केटिंग एवं संचार) शबनम पंजवानी का कहना है, 'हमारा यह मानना है कि महिला एथलीट निवेश पर बेहतर रिटर्न देती हैं। वे बदलाव लाने वाली शख्सियत के तौर पर दिखती हैं और देश में कई युवतियों को प्रेरित कर रही हैं। हम ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के जरिये युवा प्रतिभाओं के साथ काम कर रहे हैं ताकि प्रतिभाशाली लोगों को मदद दी जा सके और सिंधू के साथ हमारा गठजोड़ 2011 से ही है जो इस बात का सबूत है कि यह सहयोग लंबे समय तक चल सकता है।' हालांकि सभी लोग सिंधू और दूसरी महिला एथलीटों के लिए ब्रांड करार के सफर को इतना आसान नहीं देखते भले ही वे जीत हासिल करती हैं और वैश्विक रैंकिंग में अपनी जगह बनाती हैं। 
Keyword: asian games, pv sindhu, social media,,
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