बिजनेस स्टैंडर्ड - लगभग सारे पुराने नोट वापस आए
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, November 18, 2018 01:19 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

लगभग सारे पुराने नोट वापस आए

अभिजित लेले / मुंबई August 29, 2018

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद चलन से बाहर किए गए बड़े नोटों (500 रुपये, 1000 रुपये) की वैल्यू की जांच का काम पूरा कर लिया है।  आरबीआई द्वारा स्पेसीफाइड बैंक नोटï्स (एसबीएन) के तौर पर करार दिए गए इन प्रतिबंधित नोटों की कुल वैल्यू 8 नवंबर 2016 को 15.41 लाख करोड़ रुपये थी। आरबीआई ने अपनी सालाना रिपोर्ट 2017-18 में कहा है कि 15.31 लाख करोड़ रुपये वापस लौटे हैं। इसका मतलब है कि 30 जून 2018 तक सिर्फ  07.20 अरब रुपये बैंकों के पास नहीं आए। आरबीआई ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत पात्र निविदाकारों के लिए नोटों की एक्सचेंज वैल्यू का सभी आगामी भुगतान विशेष मद के तहत किया जाएगा। 
 
प्रतिबंधित नोटों के प्रबंधन की प्रक्रिया कठिन हालात में दो शिफ्ट में काम करने, जरूरी रिकॉर्ड बनाए रखने और मुद्रा प्रबंधन के अन्य कार्यों के साथ कोई समझौता किए बगैर प्रभावी नियोजन से जुड़ी हुई है। एसबीएन की गिनती का काम रिजर्व बैंक के 'इश्यू डिपार्टमेंट' के कर्मियों द्वारा कड़ी मेहनत के साथ पूरा किया गया है।  नोटों की गिनती की प्रोसेसिंग क्षमता को रात्रिकालीन पारियों (दिन की शिफ्ट के साथ साथ) के जरिये तेज किया गया था, सप्ताह में 6 दिन काम किया गया, वाणिज्यिक बैंकों को 8 अतिरिक्त मशीनें उपलब्ध कराई गईं और 7 मशीनें कंपनियों से लीज पर भी ली गई थीं। नोटों के बदलने से जुड़ा मामला कानूनी प्रावधानों के तहत आरबीआई द्वारा स्वीकृत नहीं किया जा सका है और यह अदालत के समक्ष लंबित है। जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) ने नोटों के बदलने से जुड़े मामले का प्रबंधन किया है। ऐसे नोटों के मूल्य का भुगतान अदालत के आदेशों के अधीन है।
 
वर्ष 2017-18 के दौरान 27.7 अरब नोट नष्टï किए गए जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 12.5 अरब नोट रहा। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को नष्टï किए जाने के संदर्भ में यह तेजी मुख्य रूप से तेज प्रक्रिया की वजह से आई है। वर्ष के दौरान चलन में शामिल बैंक नोटों का मूल्य मार्च 2018 के अंत तक  37.7 प्रतिशत तक बढ़कर 18.03 लाख करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया। हालांकि नोटों की संख्या में 2.1 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। मूल्य के संदर्भ में 500 और 2000 रुपये के नए बैंक नोटों की भागीदारी मार्च 2018 के अंत में बढ़कर 80.2 प्रतिशत हो गई। मार्च 2017 के अंत तक नोटों की कुल वैल्यू में 500 और 2000 रुपये के नोटों का योगदान 72.7 फीसदी था।  2017-18 में मुद्रा प्रबंधन का लक्ष्य रिजर्व बैंक को प्राप्त नोटों के पुनर्मुद्रीकरण, प्रसंस्करण पर केंद्रित रहा। वर्ष के दौरान पुनर्मुद्रीकरण की दिशा में प्रयास बरकरार रहे जिसके परिणामस्वरूप 10 रुपये, 50 रुपये और 200 रुपये के नए नोटों को भी जारी किया गया। 
 
सरकार ने बताया सफल
 
सरकार ने आज कहा कि नवंबर 2016 में उच्च मूल्य वर्ग के नोटों को चलन से हटाए जाने का लक्ष्य काफी हद तक हासिल हुआ है। हालांकि, आरबीआई ने आज जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चलन से हटाए गए 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ गए। आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि नोटबंदी से कालाधन पर अंकुश, आतंकवादियों को वित्त पोषण, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना तथा नकली नोट को समाप्त कने जैसे मकसद पूरे हुए हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, मुझे लगता है कि नोटबंदी ने अपने उद्देश्य को काफी हद तक हासिल किया है। 
Keyword: demonetisation, note, bank, return, RBI,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या पीसीए नियमों में ढील देने पर सहमत होगा आरबीआई?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.