बिजनेस स्टैंडर्ड - आर-नेवल के खिलाफ दिवालिया तैयारी
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आर-नेवल के खिलाफ दिवालिया तैयारी

अद्वैत राव पालेपू और अभिजित लेले / मुंबई 08 29, 2018

बैंक आरनेवल के खिलाफ एनसीएलटी में याचिका दायर करेगा

बिजनेस स्टैंडर्ड आर-नेवल के खिलाफ दिवालिया तैयारीआईडीबीआई बैंक अगले कुछ दिनों में रिलायंस नेवल ऐंड इंजीनियरिंग (आरनेवल) के खिलाफ नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के अहमदाबाद पीठ में दिवालिया याचिका दायर करेगा। दो करीबी सूत्रों ने इस मामले की पुष्टि की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने करीब 70 दबावग्रस्त बड़े कॉरपोरेट खातों के समाधान के लिए 180 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की थी जो 27 अगस्त को खत्म हो चुकी है।

एक वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि आईडीबीआई बैंक ने आरनेवल के खिलाफ एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ में ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के तहत दिवालिया याचिका दायर करने के लिए वकीलों को निर्देश दिया है।

उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में वास्तविक तौर पर याचिका दायर कर दी जाएगी। अहमदाबाद में एनसीएलटी के रजिस्ट्रार ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि बुधवार यानी 29 अगस्त को आरएनएवीएल के खिलाफ दिवालिया याचिका दायर नहीं की गई है। 

ब्रिकवर्क रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, आरनेवल पर लेनदारों का करीब 90.37 अरब रुपये का बकाया है और इसमें अधिकतर हिस्सेदारी आईडीबीआई बैंक की है। रेटिंग एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, 'बार-बार आग्रह करने के बावजूद रिलायंस नेवल (डिफेंस) ऐंड इंजीनियरिंग ने रेटिंग की समीक्षा के लिए जरूरी जानकारी मुहैया नहीं कराई और इसलिए उसकी रेटिंग की समीक्षा नहीं की गई।'

कंपनी की रेटिंग को अप्रैल 2016 में ही वार्षिक समीक्षा की जानी थी। वित्त वर्ष 2017 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी पर मूलधन और ब्याज भुगतान को मिलाकर कुल करीब 3.423 अरब रुपये का ऋण बकाया है। आरनेवल ने 18 बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के कुल करीब 1.95 अरब रुपये के ऋण के पुनर्भुगतान में चूक की है। 

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के चेयरमैन अनिल अंबानी ने आज संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने आरनेवल के लिए एक समाधान योजना लेनदारों के समक्ष रखी थी और आगे उन्हें निर्णय लेना था। पिछले साल नवंबर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आईएफसीआई ने ऋण अदा न करने के लिए आरनेवल की सहायक इकाई रिलायंस मरीन ऐंड ऑफशोर के खिलाफ एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ में दिवालिया याचिका दायर की थी। एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ ने उस मामले को 19 फरवरी को निपटा दिया था।

अंकेक्षक पाठक एचडी ऐंड एसोसिएट्स ने कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि इस प्रकार की चिंता के कारण जारी रहने के लिए कंपनी की क्षमता पर संदेह होता है। उन्होंने कहा था कि कंपनी नकदी नुकसान का सामना कर रही है और उसके नेटवर्क में कमी आ रही है।

सुरक्षित लेनदारों द्वारा ऋण पुनर्भुगतान की मांग और मौजूदा देनदारी का आकार परिसंपत्तियों से अधिक होने के मद्देनजर अनिश्चितता दिख रही है। मार्च 2015 में अनिल अंपनी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस डिफेंस ऐंड इंजीनियरिंग ने 21 अरब रुपये के सौदे के तहत पीपावाव शपियार्ड और पीपावाव डिफेंस ऐंड ऑफशोर का अधिग्रहण किया था।

पीपावाव शिपयार्ड जहाज बनाने वाली कंपनी थी जिसका भारतीय नौसेना के लिए जंगी जहाज एवं अन्य जहाज बनाने का विशेष अनुबंध था। रिलायंस डिफेंस ऐंड इंजीनियरिंग ने 2017 में अपना नाम बदलकर आरनेवल कर लिया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर आरनेवल का शेयर आज 4.98 फीसदी बढ़त के साथ 15.38 रुपये पर बंद हुआ।

Keyword: relaince, idbi bank, NCLT,,
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