बिजनेस स्टैंडर्ड - पेट्रोकेमिकल कारोबार से बाहर निकले गेल
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पेट्रोकेमिकल कारोबार से बाहर निकले गेल

शाइन जैकब / नई दिल्ली 08 27, 2018

गेल पाइपलाइन क्षेत्र को स्वतंत्र व स्वायत्त बनाने की योजना बना रही है

बिजनेस स्टैंडर्ड पेट्रोकेमिकल कारोबार से बाहर निकले गेलपेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा, सरकार चाहती है कि गेल इंडिया पेट्रोकेमिकल कारोबार से बाहर निकल जाए। दूसरी ओर कंपनी के विपणन डिविजन को अलग करने की रिपोर्ट के उलट गेल बोर्ड विपणन और पाइपलाइन क्षेत्र को स्वतंत्र व स्वायत्त बनाने की योजना बना रही है, जिसकी बैलेंस शीट अलग होगी।

प्रधान ने कहा, गेल का निदेशक मंडल सरकार से संपर्क कर कहा है कि वे पाइपलाइन व विपणन को अलग करने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि गेल पेट्रोकेमिकल कारोबार से धीरे-धीरे बाहर निकल जाए और अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान दे, जो पाइपलाइन है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड अधिनियम के तहत विपणन और पारेषण को एक इकाई द्वारा संचालित नहीं किया जाना चाहिए, जिससे कि हितों का कोई टकराव पैदा न हो।  

प्रधान ने कहा, 'पाइपलाइन व्यवसाय पर गेल का ध्यान देना जरूरी है क्योंकि प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ घन मीटर प्राकृतिक गैस मौजूदा समय में पाइपलाइन नेटवर्क के अभाव की वजह से ऑफ-ग्रिड है। साथ ही, हम चाहते हैं कि गेल विपणन व्यवसाय पर भी अधिक ध्यान दे।'

मौजूदा समय में प्रति दिन लगभग 22 करेाड़ घन मीटर की क्षमता के साथ गेल का पाइपलाइन नेटवर्क लगभग 11,400 किलोमीटर का है।  दिलचस्प बात यह है कि पेट्रोकेमिकल व्यवसाय पर प्रधान का यह बयान कंपनी के लिए एक बड़े झटके के तौर पर आया है, क्योंकि वह पेट्रोकेमिकल व्यवसाय में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है।

गेल का मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के कानुपर स्थित पाटा में गैस-आधारित पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स है और असक के डिब्रूगढ़ स्थित संयुक्त उपक्रम कंपनी ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलिमर लिमिटेड (बीसीपीएल) में उसकी 70 प्रतिशत इक्विटी है। कंपनी की दाहेज में ओपल की पेट्रोकेमिकल परियोजना में भी हिस्सेदारी है। 

गेल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन आंध्र प्रदेश में एक पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी की स्थापना पर भी काम कर रही हैं। हालांकि बाद में गेल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बी सी त्रिपाठी ने संकेत दिया कि कंपनी विपणन खंड को नजरअंदाज नहीं करेगी क्योंकि इसका उसके राजस्व में बड़ा योगदान रहा है।
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