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भारत में धीमी हुई फिएट क्राइसलर की रफ्तार

अजय मोदी / नई दिल्ली August 22, 2018

देश में निर्मित जीप एसयूवी को मिली प्रतिक्रिया के दम पर फिएट क्राइसलर ऑटोमोबाइल्स (एफसीए) को भारत में बढ़त की संभावना दिखी थी, लेकिन इसके बाद की तिमाहियों में रफ्तार सुस्त हो गई। प्रीमियम स्पोट्र्स यूटिलिटी वाहन (एसयूवी) जीप कंपास की खरीदारों के बीच खासी मांग रही और इसकी प्रतीक्षा अवधि 3 महीने की थी। इसके बाद रफ्तार थमने लगी क्योंकि एसयूवी की देसी बिक्री घटने लगी। इस पर विचार कीजिए : सिर्फ एक वाहन के जरिए आगे बढ़ रही फिएट क्राइसलर ने 2017 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में डीलरों को 8,033 जीप कंपास बेची। यह त्योहारी सीजन था और जुलाई-अगस्त तिमाही के मुकाबले बिक्री 52 फीसदी ज्यादा रही। हालांकि जनवरी-मार्च 2018 की तिमाही में बिक्री घटकर 6,219 वाहन रह गई।
 
करीब 2,000 वाहनों की औसत मासिक बिक्री अभी भी उस कंपनी के लिए उत्साहजनक नजर आ रही है जो दुनिया के पांचवें सबसे बड़े कार बाजार में अपनी मौजूदगी के लिए संघर्ष कर रही है। लेकिन अप्रैल-जुलाई की अवधि में यह 2,000 के औसत से और नीचे यानी 1,500 वाहन पर पहुंच गई। प्रतीक्षा अवधि समाप्त हो गई और यह वाहन आसानी से उपलब्ध हो गया। पेशकश के बाद से जीप के लिए अप्रैल-जून 2018 की तिमाही सबसे कमजोर रही, जिससे स्पष्ट हो गया कि सिर्फ एक वाहन के जरिए बढ़त की रफ्तार को बनाए रखना कार निर्माता के लिए आसान नहीं है। इटली-अमेरिका की कार निर्माता की स्थानीय इकाई एफसीए इंडिया का गठन तब हुआ जब क्राइसलर का फिएट में विलय हो गया। हालांकि इस कंपनी को अगली छह से आठ तिमाही यानी साल 2020 तक एक ही वाहन जीप के जरिए आगे बढऩा होगा।
 
वाहन उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, अगली कुछ तिमाहियों में कंपनी जीप कंपास के विभिन्न संस्करण उतारेगी, लेकिन इसके पास भारत के लिए मुख्यालय से मंजूर किसी वाहन की योजना नहीं है। हम चार मीटर से छोटी एसयूवी के बारे में सुनते रहे हैं, लेकिन कोई नया वाहन 2020 से पहले आने की संभावना नहीं है। जीप कंपास की घटती बिक्री और भारतीय बाजार के लिए योजना पर एफसीए इंडिया ने बिजनेस स्टैंडर्ड के सवालों का जवाब नहीं दिया। भारत में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी महज 0.56 फीसदी है।
 
एफसीए ने भारत में जीप के विपणन के लिए करीब 60 डीलर शोरूम खोला था। इससे पहले कंपनी नुकसान वाले कई डीलरशिप बंद कर चुकी थी, जो कई साल तक अव्यावहारिक थे। जीप के कुछ डीलर पहले ही बिक्री नेटवर्क की व्यवहार्यता पर चिंता जता चुके हैं। एक जीप डीलर ने कहा, पिछले साल मैं हर महीने 25 कार बेच रहा था और हाल के महीनों में यह औसतन 15 वाहन रहा है। फिएट की डीलरशिप लेने से पहले कंपनी ने संकेत दिया था कि वह दो नए वाहन साल 2018 के आखिर तक भारत मेंं उतारेगी, लेकिन हमें अगली योजना के बारे में कुछ भी सुनने को नहीं मिला है।
 
कई डीलर कथित तौर पर पिछले दो महीने से कंपनी को पत्र लिखकर परिचालन को बनाए रखने में अपनी अक्षमता के बारे मेंं बता रहे हैं और उनसे वित्तीय सहायता का अनुरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमें कंपनी से  कोई जवाब नहीं मिला है।  चूंकि कोई नया वाहन नहीं उतारा जा रहा है, लिहाजा प्रबंधन को चाहिए वह हमें कुछ सहायता उपलब्ध कराए।
Keyword: fiat, car, jeep SUV, जीप एसयूवी फिएट क्राइसलर ऑटोमोबाइल्स एफसीए,
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