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अनाज बिक्री की ओर एफसीआई का जोर

दिलीप कुमार झा / मुंबई August 22, 2018

सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास अनाज का रिकॉर्ड भंडार है। ऐसे में वह इसकी बिक्री कर भंडारगृहों में अगले सीजन की खरीदारी के लिए जगह उपलब्ध कराना चाहता है। वर्ष 2017-18 में फसल का रिकॉर्ड उत्पादन देखा गया और सरकार ने आक्रामक तरीके से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ चावल और गेहूं की आक्रामक खरीदारी की। जून के आखिर तक एफसीआई के पास रिकॉर्ड 2.43 करोड़ टन चावल और 4.38 करोड़ गेहूं था। इसके बाद इसने 5.3 टन जारी किया और केंद्रीय पूल में कुल भंडार 62.7 टन रहा। हालांकि इसके बावजूद यह एक रिकॉर्ड स्तर है। एफसीआई के अधिकारियों का कहना है, 'राज्य भंडार निगमों (एसटीसी), राज्य और एजेंसियों के साथ एफसीआई ने 2018-19 के मौजूदा सीजन के लिए बेहतर उत्पादन के बाद कुल 35.19 टन की खरीदारी की। वैज्ञानिक तरीके की भंडारण क्षमता के अभाव में कुछ बेहतरीन चावल और गेहूं को प्राथमिक तौर पर बिक्री के लिए रखा गया।' 
 
एफसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों को इस रिपोर्ट के लिए एक ई-मेल भेजा गया जिसका कोई जवाब नहीं मिला। कोलैटरल मैनेजमेंट और स्टार एग्री वेयरहाउसिंग के निदेशक अमित अग्रवाल का यह मानना है कि सरकार खरीफ फसल की बुआई के मौसम से पहले गेहूं और चावल की बड़ी मात्रा जारी नहीं करेगी। इससे इन दोनों महत्त्वपूर्ण फसलों की कीमतों पर असर पड़ेगा।  अग्रवाल ने बताया, 'सामान्य तौर पर एफसीआई ओपन मार्केट सेल स्कीम और जून तथा सितंबर के बीच सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिये थोड़ी मात्रा जारी करता है। अक्टूबर से ही इसने अगले सीजन की खरीदारी के लिए जगह बनाने के लिए अनाजों की बिक्री करना और फंड जुटाना शुरू कर दिया है। हम यह उम्मीद कर सकते हैं कि एफसीआई अभी के बजाय अक्टूबर से बड़ी मात्रा में अनाज जारी कर सकती है ताकि कीमतों में गिरावटन हो।' 
 
एफसीआई के केंद्रीय पूल में चावल और गेहूं की मौजूदा भंडार कुल उत्पादन का करीब 30 फीसदी तक है जो 2017-18 के लिए 210 टन है जो इससे पहले के साल में 208.2 टन है। राष्ट्रीय कोलैटरल मैनेजमेंट सर्विसेज के प्रबंध निदेशक संजय कौल का कहना है, 'सरकार को चावल जारी करने के लिए पीडीएस पर निर्भर रहना होगा क्योंकि इसमें थोक उपभोक्ताओं की कमी है। हालांकि गेहूं को बड़ी मात्रा में आटा मिलों और अन्य उपभोक्ताओं को बेचा जाता है जिसे अब एफसीआई जल्द ही रिलीज करना शुरू करेगा। मेरे विचार से एफसीआई बिक्री की शुरुआत करने से पहले गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहा है।' विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार गेहूं और चावल की खरीदारी पंजाब और हरियाणा से करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Keyword: FCI, crop, store, MSP,,
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