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एलऐंडटी के शेयरधारकों को पुनर्खरीद से होगा फायदा

हंसिनी कार्तिक / मुंबई August 21, 2018

पुनर्खरीद की घोषणा कई वजहों से होती है, कई बार प्रवर्तकों की हिस्सेदारी में इजाफा के लिए या लाभांश के बदले या रिटर्न अनुपात में सुधार के लिए। विश्लेषकों ने कहा, लार्सन ऐंड टुब्रो की पुनर्खरीद योजना के मामले में एक से ज्यादा वजहें हो सकती हैं। कई लोगों का मानना है कि रिटर्न में इजाफे के लिए पुनर्खरीद प्रभावी माध्यम हो सकती है। सीएलएसए के विश्लेषकों का अनुमान है कि पुनर्खरीद के बाद कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) में 85 आधार अंक की बढ़ोतरी होगी। वास्तव में आरओई पहले से ही बढ़त की राह पर है, इसकी वजह कम लाभ वाले कारोबारों में कटौती के जरिए अपना कारोबारी प्रोफाइल सुधारने की एलऐंडटी की कोशिश। यह अनुपात वित्त वर्ष 2016 के 9.7 फीसदी के मुकाबले सुधरकर वित्त वर्ष 2018 में 13.7 फीसदी पर पहुंच गया है।
 
बाजार को उम्मीद है कि एलऐंडटी वित्त वर्ष 2020 तक 14-15 फीसदी का आरओई दर्ज करेगी। पुनर्खरीद से 15 फीसदी आरओई पर पहुंचने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है और यह स्तर पिछली बार एक दशक पहले देखा गया था। प्रभावी तौर पर नकद निवेश का काफी कम वैकल्पिक गंतव्य भी पुनर्खरीद की एक वजह हो सकती है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों ने कहा कि हैदराबाद मेट्रो व संपत्तियों के विनिवेश के अलावा अगले कुछ वर्षों के लिए कोई बड़ी पूंजीगत खर्च की योजना न होने से एलऐंडटी पुनर्खरीद योजना पर विचार के लिए प्रोत्साहित हुई होगी। इससे नकद शेष में भी इजाफा होगा। पुनर्खरीद की विस्तृत जानकारी गुरुवार को सामने आएगी, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि इसका आकार करीब 50-56 अरब रुपये का हो सकता है यानी इसके बाजार पूंजीकरण का करीब 3 फीसदी।
 
यह अहम पुर्खरीद योजना में से एक हो सकती है, जिसे पिछले दो सालों में भारतीय कंपनी जगत ने देखी है और ये चीजें एलऐंडटी के शेयर में 6 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की वजह बनी है। कोटक सिक्योरिजीट के उपाध्यक्ष (शोध) संजीव जरवाड़े ने कहा, एलऐंडटी के शेयर के लिए सेंटिमेंट सकारात्मक हो जाएगा। जरवाड़े ने कहा, मुझे आश्चर्य हो रहा है कि पिछले छह महीने में इस शेयर का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा है, खास तौर से तब जबकि ज्यादातर लार्जकैप शेयर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। एलऐंडटी मजबूत रही है और इसकी वित्तीय स्थिति व आय अनुमान आश्वस्त करने वाले हैं। उन्होंने कहा, पुनर्खरीद के साथ निवेशकों के नकारात्मक नजरिए में बदलाव शुरू हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया पुनर्खरीद बाजार कीमत के मुकाबले 15-20 फीसदी प्रीमियम पर हुई है, ऐसे में एलऐंडटी भी इसी राह पर चल सकती है।
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