बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंकों को जब्त संपत्तियां बेचने की अनुमति
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बैंकों को जब्त संपत्तियां बेचने की अनुमति

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली August 20, 2018

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के नेतृत्व में बैंकों के कंसोर्टियम को एक न्यायाधिकरण ने भगोड़े जतिन आर मेहता व अन्य की गिरवी रखी संपत्तियां बेचने की अनुमति दे दी है। विनसम डायमंड ऐंड ज्वैलरी लिमिटेड की ये संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय ने जब्त कर ली थीं और कहा गया था कि यह अपराध के माध्यम से बनाई गई हैं। ऐसी स्थिति में बैंकों के लिए इन्हें बेचना और उससे बकाया वसूलना कठिन हो गया था।  दिल्ली के एक अपीली न्यायाधिकरण ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इन संपत्तियों की जब्ती को खारिज कर दिया और बैंकों को अपने 40 अरब रुपये कर्ज की वसूली के लिए इनकी बिक्री की अनुमति दे दी। ये संपत्तियां मुंबई, गोवा, जोधपुर, सूरत, बेंगलूरु और कोलकाता में हैं। 
 
खेतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अजय भार्गव ने कहा, 'इस फैसले से लंबे समय से लंबित इस मसले में स्पष्टता आई है, जिससे कई बैंकों के वसूली संबंधी मामले प्रभावित हो रहे थे। प्रवर्तन एजेंसियों का काम निर्विवाद रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसका असर बैंकोंं पर था और इससे उनका लेखा जोखा और परिचालन प्रभावित हो रहा था।' उन्होंने कहा कि गिरवी केवल सिक्योरिटी है, जो बैंक स्वीकार करता है। ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं है कि बैंक यह निर्धारित कर सकें कि जब वे गिरवीं स्वीकार कर रहे हैं तो पता लगा सकें कि वह संपत्ति अपराध की जांच में भविष्य में जब्त होगी या नहीं।
 
इस मामले की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि यह संपत्तियां कंसोर्टियम को गिरवी रखी गई थीं, जिनमें पंजाब नैशनल बैंक, केनरा बैंक, ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स और ऐक्सिस बैंक शामिल हैं। गिरवी रखी ये संपत्तियां 1989 और 2009 के बीच खरीदी गई थीं।  2013 में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और कंसोर्टियम के अन्य सदस्य पंजाब नैशनल बैंक ने इन खातों को गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित कर दी। इसके साथ ही कंसोर्टियम ने कर्ज वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी), अहमदाबाद में 2014 में आवेदन किया था।
 
इसके बाद वित्तीय संपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति से जुड़े हित का प्रवर्तन अधिनियम 2002 के तहत उस साल नोटिस जारी किया गया और  अधिनियम के तहत उस संपत्ति पर कब्जा ले लिया गया। डीआरटी अहमदाबाद ने कंसोर्टियम को इन संपत्तियों से वसूली की अनुमति दे दी।  बाद में प्रवर्तन निदेशालय मुंबई ने इनमें से कुछ संपत्तियों को जब्त कर लिया, जिनके बारे में दलील थी कि इन्हें धन शोधन करके खरीदा गया था। इसके खिलाफ स्टैनचार्ट अपीली न्यायाधिकरण में चला गया और उसने कहा कि गिरवी रखी संपत्तियां किसी प्रत्यक्ष या परोक्ष अपराध के माध्यम से हासिल नहींं की गई थीं।
Keyword: bank, loan, debt, RBI,,
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