बिजनेस स्टैंडर्ड - व्यापार युद्ध से मूल धातु नरम
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व्यापार युद्ध से मूल धातु नरम

दिलीप कुमार झा / मुंबई 08 19, 2018

नरम पड़ते धातु के दाम

7 जून से शुरू हुए गिरावट के रुख के बाद से 17.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर मूल धातुओं का सूचकांक
मूल धातुओं की इस गिरावट में जस्ता रहा सबसे आगे, 27.3 प्रतिशत लुढ़के दाम
सीसे और तांबे के दामों में आई क्रमश: 21.3 फीसदी और 19 फीसदी की गिरावट
निकल और एल्युमीनियम के दाम भी क्रमश: 17 प्रतिशत और 14 प्रतिशत तक गिरे

बिजनेस स्टैंडर्ड व्यापार युद्ध से मूल धातु नरमअमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध के परिणाम स्वरूप कमजोर वैश्विक मांग के कारण पिछले दो महीनों में मूल धातुओं के मूल्य में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। बेंचमार्क लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर मूल धातुओं का सूचकांक (एलएमईएक्स) इस साल 7 जून से शुरू हुए गिरावट के रुख के बाद से 17.5 प्रतिशत लुढक़ चुका है।

मूल धातुओं की इस गिरावट में जस्ता सबसे आगे रहा। गुरुवार को एलएमई पर इसके दाम 27.3 प्रतिशत लुढक़र 2,338 डॉलर प्रति टन पर आ गए। 7 जून के बाद से सीसे और तांबे के दामों में क्रमश: 21.3 फीसदी और 19 फीसदी की गिरावट आई। निकल और एल्युमीनियम जैसी अन्य धातुओं के दाम भी क्रमश: 17 प्रतिशत और 14 प्रतिशत तक लुढक़ चुके हैं।

मूल धातुओं की कीमतों में गिरावट से जुलाई-सितंबर तिमाही में इनके प्रमुख उत्पादकों के मुनाफे पर असर पडऩे वाला है। उत्पादन की बढ़ती लागत से धातु के दामों में इजाफे के कारण पहले प्रमुख उत्पादकों राहत के लक्षण नजर आ रहे थे। इनमें लंबे समय तक बार-बार गिरावट का रुख रहने के बाद सुधार आया था। 

मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज के एसोसिएट उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा कि अमेरिका-चीन व्यापार शुल्क और डॉलर में मजबूती की वजह से मूल धातुओं का कारोबार लगातार कमजोर बना हुआ है। तुर्की की मुद्रा लीरा में गिरावट से उत्पन्न चिंता के मद्देनजर डॉलर 13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जबकि वैश्विक व्यापार विवाद ने मांग को कमजोर रखा।

बिजनेस स्टैंडर्ड व्यापार युद्ध से मूल धातु नरमडीएक्सवाई (अमेरिकी डॉलर सूचकांक) ने तुर्की की लीरा में गिरावट की फिक्र से ऊपर जाने के संकेत दिए और बाद में रूस के रूबल को अमेरिकी आंकड़ों से सहारा मिला जिसने इस साल ब्याज दरों में दो और बढ़ोतरी के अनुमानों को पुख्या किया है। इसके अलावा चीन के आंकड़े अनुमान की अपेक्षा कमजोर रहने से भी मूल धातुओं के दामों पर दबाव पड़ा।

दमानी ने कहा कि दामों में हालिया गिरावट के बाद कुछ सुधार की उम्मीद के साथ हम कुछ धातुओं को लेकर सतर्क हैं। इस महीने व्यापार शुल्कों को लेकर चीनी वाणिज्य मंत्रालय और अमेरिकी दल के बीच मुलाकात पर ध्यान रहेगा। इससे धातुओं की जटिलता के संबंध में मध्य अवधि के कुछ रुख का पता चल सकता है।

चीन और भारत से आयातित एल्युमीनियम पर 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाए जाने के कुछ सप्ताह बाद अप्रैल में मूल धातुओं की कीमतों में गिरावट शुरू हुई थी। बीच में इनके दामों में कुछ सुधार आया था लेकिन 7 जून से दोबारा गिरावट आ गई। तब से मूल धातुओं में बीच-बीच में कुछ सुधार के साथ गिरावट जारी रही।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा कि मूल धातुओं की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में मजबूती आना है। संयोगवश पूर्व में मांग का जो अनुमान लगाया गया था उसके मुकाबले आपूर्ति में अधिकता रही है जिसने मूल धातुओं में गिरावट के रुख को सहारा दिया। ऐतिहासिक रूप में तांबा वैश्विक आर्थिक विकास का प्रतिनिधित्व करता रहा है। इसलिए वैश्विक आर्थिक अवधारणा के साथ-साथ तांबे की मांग धीमी रही है। 

हालांकि विशेषज्ञों का मानना ​​है कि तुर्की में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और ईरान पर प्रतिबंधों ने मूल धातुओं के लिए वैकल्पिक निवेश के आकर्षण को कम कर दिया है। महत्त्वपूर्ण कारणों के रूप में चीन के आर्थिक संकेतक बाजार को उत्साहित करने में नाकाम रहे हैं। निर्यात क्षेत्र में कमजोरी से चीन की विनिर्माण गतिविधि जुलाई में कुछ कम रही है। इससे पहले चीन के मई के आर्थिक आंकड़ों ने बाजार को निराश किया था।

इन आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन भी शामिल है। 2018 के पहले पांच महीनों में चीन का अचल आस्ति निवेश पिछले साल के मुकाबले 6.1 प्रतिशत बढ़ा है। यह दो दशकों में सबसे धीमी वृद्धि है। अपनी धातुओं के प्रसंस्करण के लिए खनिक जिस शुल्क का भुगतान धातु गलाने वालों को करते हैं उसमें उछाल आई है। मार्च के आखिर में ट्रीटमेंट और रिफाइनिंग शुल्क (टीसी /आरसी) बढक़र 86.10 डॉलर प्रति टन हो गया है जो पहले 66 डॉलर था। यह मध्य दिसंबर के बाद से सबसे अधिक है। इससे कॉपर कॉन्संट्रेट की आपूर्ति पर कुछ दबाव बना है। इस बीच रुपये के मूल्य में गिरावट ने भारतीय धातु उपभोक्ताओं को धातु के वैश्विक दामों में इस गिरावट का पूरा लाभ लेने से रोक दिया है।

Keyword: Lira, Dollar, Rupees, Benchmark, Metal Exchange, US, China, Trade war, Aluminium, DXY, Commerce Ministry,
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