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नए मालवाहक गलियारे के लिए तैयार रेलवे

शाइन जैकब / नई दिल्ली 08 16, 2018

भारतीय रेलवे खडग़पुर से विजयवाड़ा तक के देश के तीसरे सबसे बड़े मालवाहक गलियारे के लिए प्रस्ताव ला सकता है। गलियारा निर्माण के लिए जापान इंटरनैशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) जैसी बहुपक्षीय एजेंसियों से वित्तपोषण का प्रस्ताव रखा जाएगा।

इस 1,114 किलोमीटर लंबे गलियारे के निर्माण पर 5,67.49 अरब रुपये का खर्च अनुमानित है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के प्रबंधन निदेशक अनुराग सचान ने कहा, ‘हमने एक प्रस्ताव तैयार किया है और इस परियोजना के लिए जीआईसीए या विश्व बैंक से धन की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।’

रेलवे आगामी बजट के लिए वित्त मंत्रालय को भेजी जाने वाली अपनी मांग सूची में इस परियोजना को शामिल कर सकता है। डीएफसीसीआईएल ने 15 अगस्त को अटेली और फुलेरा के बीच 190 किलोमीटर लंबे ट्रैक की शुरुआत की। पूर्वी और पश्चिमी डीएससी की 814 अरब रुपये की परियोजना में कुल 3,360 किलोमीटर ट्रैक को पूरा किया जाएगा। 

पश्चिमी भारत की परियोजना को जहां जापान इंटरनैशनल कोऑपरेशन की ओर से मुहैया कराए गए 387.22 अरब रुपये के कर्ज से पूरा किया जा रहा है, वहीं पूर्वी डीएफसी (मुगलसराय-इलाहाबाद-कानपुर-खुर्जा-दादरी और खुर्जा-लुधियाना) का वित्तपोषण विश्व बैंक से मिले 2.360 अरब डॉलर के ऋण से किया जा रहा है। 

दिलचस्प है कि जेआईसीए द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर 7 फीसदी सालाना की स्थायी छूट होगी यानी 2700 करोड़ रुपये। दो लाइन से डीएफसीसीआईएल को 2021 तक करीब 110 अरब रुपये का ट्रैक शुल्क मिलने की उम्मीद है। सचान ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि मार्च 2020 में शुरू होने जा रहे पूर्वी और पश्चिमी गलियारे पर ट्रैफिक 2021 तक 40 करोड़ टन, 2031 तक 80 करोड़ टन और 2051 तक 179.5 करोड़ टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि 2016-17 में सरकार ने तीन नए गलियारे- पूरब-पश्चिम गलियारा (2,328 किलोमीटर) (कोलकाता-मुंबई), उत्तर-दक्षिण गलियारा (2,343 किलोमीटर) (दिल्ली-चेन्नई) और पूर्वी तट गलियारा (1,114 किलोमीटर) (खडग़पुर-विजयवाड़ा) शुरू करने कर निर्णय लिया था। 

इन लाइनों को मौजूदा रेल लाइन के समानांतर विकसित किया जाएगा जिसे अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे के साथ 25 टन एक्सल भार तक (जिसे बढ़ाकर 32.5 टन एक्सल भार योग्य) के मुताबिक डिजाइन किया जाएगा। एक सरकारी बयान के मुताबिक तीनों नए गलियारों के लिए मालवाहक ट्रैफिक अनुमान 2026-27 तक लगभग 130 करोड़ टन हो जाने की उम्मीद है, इसमें पूरब पश्चिम गलियारे के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये और उत्तर दक्षिण गलियारे के लिए 1.04 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी शामिल है।
Keyword: Railway, Corridor, Freight, JICA,
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