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फंडों ने बगैर केवाईसी वाले फोलियो का कमीशन रोका

जश कृपलानी /  August 12, 2018

तीन म्युचुअल फंडों - रिलायंस एमएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ और इन्वेस्को एमएफ - ने उन वितरकों के लिए पिछले महीने का ट्रेल कमीशन रोकने का निर्णय लिया है जिनके फोलियो में केवाईसी स्वीकृति प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया था। म्युचुअल फंडों ने बाजार नियामक सेबी द्वारा भेजी गई ताजा जांच रिपोर्ट के बाद वितरकों को इस बारे में जानकारी दी है। सेबी की रिपोर्ट में 25 उल्लंघनों और उनके बारे में जरूरी सुधारात्मक कदमों की बात कही गई है।

रिलायंस एमएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इसकी एक प्रति बिजनेस स्टैंडर्ड के पास है। रिलायंस एमएफ ने अपने वितरकों से कहा है, ‘सेबी के ताजा निर्देश के आधार पर हमने आपके ट्रेल कमीशन (यदि कोई हो) को रोक कर रखा है। सेबी ने उन निवेशकों को सतर्क किया है जिनके पैन/केवाईसी उपलब्ध नहीं हैं।’

रिलायंस एमएफ ने कहा है कि एक बार जब जरूरी बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगा तो ट्रेल कमीशन का भुगतान कर दिया जाएगा। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ ने वितरकों को बताया है कि वह उन फोलियो के लिए कमीशन रोक कर रखेगा जिनमें पते का विवरण और पिन कोड गलत या अधूरे हैं। वितरकों को दिए अपने निर्देश में फंड हाउस ने कहा है कि निवेशक केवाईसी फॉर्म के साथ सहायक दस्तावेज सौंपकर संपूर्ण पते की जानकारी दे सकते हैं। 

इन्वेस्को एमएफ ने वितरकों को भेजी रिपोर्ट में कहा है, ‘सेबी ने एम्फी को 9 जुलाई, 2018 को भेजे अपने पत्र में कहा कि वितरकों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत होगी कि केवाईसी दस्तावेज पूरे हों, जिसमें विफल रहने पर एएमसी को ऐसे वितरकों का कमीशन रोक कर रखना चाहिए। इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि अपने सभी निवेशकों के लिए केवाईसी दस्तावेज की प्रक्रिया संपूर्ण करें जिससे कि कमीशन भुगतान को समय पर जारी किया जा सके।’

इस घटनाक्रम से नजदीकी से जुड़े लोगों का मानना है कि कई और फंड हाउस भी उन फोलियो के लिए कमीशन रोक कर रख सकते हैं जिनमें केवाईसी दस्तावेज प्रक्रिया पूरी नहीं की गई हो। इस बारे में इन तीन फंड हाउसों को भेजे गए ईमेल संदेश का कोई जवाब नहीं मिला है। वहीं वितरकों का कहना है कि उन्हें इसके लिए कुछ और समय मिलना चाहिए। श्रीकावी वेल्थ के मुख्य कार्यािधकारी श्रीकांत मटरूबाई का कहना है, ‘सेबी और एम्फी ने वितरकों को अपने ग्राहकों के सभी केवाईसी विवरणों को पूरा करने के लिए कुछ महीने का समय दिया है। केवाईसी-अनुपालन की जिम्मेदारी सिर्फ वितरकों की नहीं है बल्कि एएमसी और रजिस्ट्रार भी इसके लिए समान रूप से जवाबदेह हैं। सिर्फ वितरकों को ही क्यों दंडित किया जाना चाहिए।’

परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों के प्रमुखों को एक ताजा पत्र में सेबी ने उन कुछ उल्लंघनों पर सख्त रुख अपनाया है जो अप्रैल 2014 और मार्च 2016 के बीच फंड हाउसों की जांच प्रक्रिया में पाए गए हैं। बाजार नियामक सेबी ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों को ऐसी त्रुटिपूर्ण कार्य प्रणालियों के खिलाफ चेताया है।

नियामक द्वारा जिन खामियों का जिक्र किया गया है, उनमें से एक प्रमुख यह है कि केवाईसी पूरा किए जाने से पहले ही कमीशन का भुगतान किया गया। उद्योग की कुछ खास कंपनियों ने हाल में सेबी को इस बारे में लिखा है और म्युचुअल फंड वितरकों को चुकाए जाने वाले अधिकतम कमीशन पर एक औपचारिक सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया है जिससे कि ऐसी कोई नियामकीय बाध्यता न रह जाए जिसका कोई उल्लंघन कर सके।

बुधवार को सेबी के अधिकारियों ने म्युचुअल फंड उद्योग की संस्था एम्फी से मुलाकात की थी और उन्हें यह  जानकारी दी कि नियामक को एम्फी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कमीशन की तुलना में अत्यधिक कमीशन चुकाए जाने के मामलों का पता चला है। 

Keyword: एम्फी, SEBI, MF, Mutual Fund, रिलायंस एमएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एमएफ, इन्वेस्को एमएफ, KYC, Commission, Margin,
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