बिजनेस स्टैंडर्ड - एलएपीएल भी एनसीएलटी में
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, August 22, 2018 07:25 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

एलएपीएल भी एनसीएलटी में

बी दशरथ रेड्डी / हैदराबाद August 10, 2018

ऐक्सिस बैंक ने लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड (एलएपीएल) पर 9.2 अरब रुपये के ऋण दावे के साथ उसके खिलाफ ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी), 2016 की धारा 7 के तहत ऋण शोधन समाधान के लिए नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में शिकायत की है। एलएपीएल भारी ऋण बोझ तले दबी बुनियादी ढांचा कंपनी लैंको इन्फ्राटेक लिमिटेड की एक सहायक इकाई है। लैंको इन्फ्राटेक पहले से ही ऋण शोधन समाधान प्रक्रिया का सामना कर रही है। 

एनसीएलटी के हैदराबाद पीठ में दायर अपनी याचिका में ऐक्सिस बैंक ने कहा है कि स्वीकृति सुविधाओं के साथ डिफॉल्ट की पहली तिथि 31 अगस्त 2017 थी लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। बैंक ने मई 2018 में लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड के ऋण को डाउटफुल 2 श्रेणी में रखा था।

बैंक के अनुसार, कंपनी ने ऋण की पहली अदायगी अप्रैल 2011 में की थी। जबकि मूलधन (बैंक गारंटी के इतर) रकम की अंतिम अदायगी अगस्त 2017 में की। लैंको अमरकंटक पावर की स्थापना छत्तीसगढ़ में कोरबा-चंपा राज्य राजमार्ग पर पताढ़ी गांव के समीप दो चरणों वाली बिजली परियोजना विकसित करने के लिए की गई थी। 

ऐक्सिस बैंक ने दावा किया है कि लैंको अमरकंटक पर बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों का करीब 88 अरब रुपये का ऋण है जिसमें से बैंकों का करीब 40.59 अरब रुपये और वित्तीय संस्थानों का करीब 46.57 अरब रुपये का बकाया है। कंपनी की परिचालन क्षमता 600 मेगावॉट है जबकि दूसरे चरण के तहत 1,320 मेगावॉट क्षमता का संयंट बीच में ही अटका पड़ा है। ऋण में चूक के कारण लागत बढऩे से यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई।

लैंको समूह की सभी सहायक एवं संबद्ध कंपनियों में लैंको अमरकंटक की देनदारी सबसे अधिक है जो होल्डिंग कंपनी लैंको इन्फ्राटेक के बाद दूसरे पायदान पर है। लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड में लैंको इन्फ्राटेक की 80.96 फीसदी हिस्सेदारी है। गौरतलब है कि 99 होल्डिंग, सहायक एवं संबद्ध कंपनियों के साथ लैंको समूह का समेकित ऋण करीब 500 अरब रुपये है। इसके अलावा लैंको इन्फ्राटेक करीब 11 अरब रुपये के ऋण बोझ तले दबी है।

पिछले साल आईडीबीआई ने होल्डिंग कंपनी को एनसीएलटी में घसीटा था। इस महीने के आरंभ में लैंको इन्फ्राटेक की लेनदारों की समिति (सीओसी) ने तमिलनाडु के एक खरीदार की संशोधित समाधान योजना को खारिज कर दिया था। एक नई कंपनी की ओर से दायर ताजा अंतरिम आवेदन पर हैदराबाद पीठ 13 अगस्त को सुनवाई करेगा। इसके तहत कॉरपोरेट लेनदार के लिए एक समाधान योजना प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी गई है।

लैंको समूह से अपने ऋण की वसूली के लिए ऐक्सिस बैंक द्वारा दायर यह दूसरा मामला है। पिछले महीने उसने लैंको कोंडापल्ली पावर की बिक्री के लिए संभावित खरीदारों से अभिरुचि पत्र आमंत्रित किया था। यह लैंको समूह की 1,476 मेगावॉट क्षमता वाली गैस बिजली सहायक इकाई है। लैंको कोंडापल्ली  30 अरब रुपये के ऋण बोझ तले दबी है।
Keyword: axis bank, lapl, IBC, NCLT, लैंको इन्फ्राटेक लिमिटेड, Holding company, IDBI, Corporate,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या रेलवे को फ्लैक्सी किराये की व्यवस्था खत्म करनी चाहिए?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.