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अरंडी की बुआई घटी तो कीमतें बढ़ीं

सुशील मिश्र / मुंबई August 07, 2018

अरंडी की बुआई चालू खरीफ सीजन में अब तक पिछले साल के मुकाबले करीब 45 फीसदी कम हुई है। इसका असर कीमतों पर भी दिखने लगा है। इस मॉनसून सीजन में अरंडी का भाव करीब 20 फीसदी चढ़ चुका है। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में बुआई पिछले साल से 75 फीसदी कम है। 

चालू खरीफ सीजन में फसलों की बुआई अपने अंतिम चरण में है। फसलों का बुआई रकबा पिछले साल के करीब पहुंच चुका है। तिलहन का रकबा पिछले साल से करीब 6 फीसदी अधिक होने का अनुमान है। तिलहन में सोयाबीन का रकबा पिछले साल से करीब 11 फीसदी अधिक है। लेकिन अरंडी की बुआई पिछले साल की तुलना में करीब 45 फीसदी कम हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार तीन अगस्त तक देशभर में अरंडी की बुआई महज 1.50 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 2.72 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। साल 2014 के बाद यह सबसे कम रकबा है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस समय तक देशभर में अरंडी का रकबा औसतन 2.32 लाख हेक्टेयर पर पहुंच जाना चाहिए। खरीफ सीजन के दौरान अरंडी का सामान्य रकबा 10.47 लाख हेक्टेयर माना जाता है। 

इससे अरंडी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने के पहले मंडियों में अरंडी का भाव 3,600 रुपये प्रति क्विटल के आसपास था, जो इस समय 4,300 रुपये प्रति क्विटल पर पहुंच गया है। वायदा बाजार में भी अरंडी महंगी हो रही है। एनसीडीईएक्स में 12 जून को अरंडी का भाव 3,937 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस समय बढक़र 4,639 रुपये पर पहुंच चुका है। एनसीडीईएक्स पर अरंडी अक्टूबर अनुबंध की कीमत 4,740 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है। इससे यह संकेत मिलता है कि आगे कीमतें और बढ़ेंगी। तिलहन कारोबारी जयेश लाल कहते हैं कि बुआई अनुमान से भी कम होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।

अभी देश के कई हिस्सों में बुआई चालू है, इसलिए अब भी रकबा पिछले साल के स्तर पर पहुंचने के आसार हैं। अगले एक दो सप्ताह में बुआई की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। अरंडी उत्पादक प्रमुख राज्य गुजरात और राजस्थान में बुआई जोर नहीं पकड़ सकी है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में अरंडी का सामान्य रकबा 6.69 लाख हेक्टेयर है। अगस्त के पहले सप्ताह तक औसतन 93.6 हजार हेक्टेयर बुआई की उम्मीद थी, जिसमें से 3 अगस्त तक महज 36.9 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है। यह पिछले साल की समान अवधि से 74.39 फीसदी कम है। पिछले साल इस समय तक राज्य में अरंडी का रकबा 1.44 लाख हेक्टेयर पहुंच चुका था। 

राजस्थान में भी बुआई पिछले साल से 24.32 फीसदी कम हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक राजस्थान में तीन अगस्त तक 50.1 हजार हेक्टेयर में अरंडी की बुआई हुई, जबकि पिछले साल इस समय तक 66.2 हजार हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। हालांकि यह राजस्थान कृषि मंत्रालय के अनुमान से अधिक है। राज्य में औसतन रकबा 41.8 हजार हेक्टेयर है जबकि खरीफ सीजन में राज्य में अरंडी का सामान्य रकबा 1.95 लाख हेक्टेयर दिखाया जा रहा है। राजस्थान कृषि मंत्रालय के अधिकारियों की मानी जाए तो राज्य में बुआई देर से शुरू हुई है, इसलिए रकबा कम दिख रहा है। 

फसल बुआई के रुझानों को देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले एक दो सप्ताह में अरंडी का रकबा राज्य में पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा हो जाएगा। फसल सीजन 2017-18 के दौरान देश में अरंडी का उत्पादन करीब 15 लाख टन हुआ। दुनिया में भारत अरंडी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। विश्व का करीब 60 फीसदी अरंडी का उत्पादन भारत में होता है। 

Keyword: अरंडी, खरीफ सीजन, सोयाबीन, रकबा,
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