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जुलाई में फंडों की इक्विटी योजनाओं में बढ़ा निवेश

जश कृपलानी / मुंबई August 07, 2018

म्युचुअल फंडों की इक्विटी योजनाओं (कर-बचत व आर्बिट्रेज योजनाओं समेत) में शुद्ध निवेश जुलाई में 28 फीसदी बढक़र 106 अरब रुपये पर पहुंच गया, जो जून में 82 अरब रुपये था। यह निवेश हालांकि पिछले 12 महीने के औसत 145 अरब रुपये से कम है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि हाल के महीनों के कई घटनाक्रम के चलते निवेश कम हुआ है। एडलवाइस एमएफ की सीईओ राधिका गुप्ता ने कहा, बाजार में उतारचढ़ाव के अलावा लाभांश वितरण कर और योजनाओं के पुनर्वर्गीकरण ने कुछ निवेशकों को सतर्क बना दिया है। 

उन्होंने कहा कि इक्विटी निवेश में हाल में नरमी इस वजह से आई है कि एकमुश्त रकम निकाल ली गई है जबकि सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश स्थिर बना हुआ है। गुप्ता ने कहा, इसमें आश्चर्य नहीं हो रहा है क्योंकि बाजार में थोड़ा उतारचढ़ाव है क्योंकि हम चुनावी सीजन के दौर में हैं। उद्योग को एसआईपी के जरिए निवेश से हर महीने 75 अरब रुपये मिल रहे हैं और इसका ज्यादातर हिस्सा इक्विटी क्षेत्र में है। उद्योग की कंपनियों ने कहा कि निवेश हालांकि उच्चस्तर से नीचे आया है, लेकिन एकल आंकड़े अभी भी मजबूत हैं जबकि हाल में बाजार में उतारचढ़ाव में बढ़ोतरी हुई है।

जुलाई में खास तौर से स्मॉल व मिडकैप शेयरों में सुधार दिखा जबकि लगातार दो महीनों से इसमें तेज गिरावट आई थी। एनएसई मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में जुलाई में 4-4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है जबकि मई व जून में यह 15 फीसदी तक टूटे थे। बेंचमार्क सेंसेक्स व निफ्टी छह फीसदी चढ़ा है और नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इक्विटी क्षेत्र में प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां जुलाई में बढक़र 8.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गईं, जो इससे पिछले माह के आखिर में 7.9 लाख करोड़ रुपये थीं।

डीएसपी ब्लैकरॉक एमएफ के अध्यक्ष कल्पेन पारेख ने कहा, निवेश में उतारचढ़ाव कीमत में उतारचढ़ाव से जुड़ा है। पिछले दो सालों में हमने मजबूत रफ्तार देखी है और जनवरी में इसमें थोड़ा अवरोध दिखा। चूंकि जुलाई में बाजार स्थिर हुआ, लिहाजा कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली की होगी। गुप्ता ने कहा कि हाल में इक्विटी जारी होने के चलते कुछ निकासी हुई होगी। 

उन्होंंने कहा, एचडीएफसी एमएफ के आईपीओ में भागीदारी के लिए भी रकम निकाली गई होगी और एचडीएफसी बैंक के रकम जुटाने के कार्यक्रम के लिए भी। कुल मिलाकर देसी संपत्ति प्रबंधन उद्योग ने 326 अरब की निकासी देखी क्योंकि निवेशकों ने आरबीआई की तरफ से ब्याज दरों में इजाफे से पहले लिक्विड व मनी मार्केट योजनाओं से रकम निकाली। मनी मार्केट योजनाओं से 331 अरब रुपये निकाले गए जबकि इनकम फंड से 79.5 अरब रुपये। गिल्ट फंड से करीब 4 अरब रुपये निकाले गए। कुल मिलाकर उद्योग का एयूएम बढक़र 23.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो जून में 22.9 लाख करोड़ रुपये था।
Keyword: mutual fund, amfi, share market, NSE, BSE, एडलवाइस एमएफ, एचडीएफसी एमएफ,
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