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सरकार खुद चलाएगी बालिका गृह

बीएस संवाददाता / पटना August 06, 2018

मुजफ्फरपुर कांड के बाद नीतीश सरकार ने अब बिहार में बालक-बालिका गृहों और दूसरे केंद्रों का संचालन अपने हाथ में लेने का फैसला लिया है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ऐसे केंद्रों और आवासों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है। पटना उच्च न्यायालय भी मुजफ्फरपुर कांड की सीबीआई जांच को तैयार हो गई है। मुजफ्फरपुर जिले के एक बालिका गृह में 42 में से 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘यह एक बेहद घृणित, निंदनीय और शर्मसार करने वाली घटना है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) की ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने इस बारे में कार्रवाई शुरू की। हमारी पुलिस पूरी मुस्तैदी से मामले की जांच कर रही थी, लेकिर भ्रम की स्थिति से बचने के लिए हमने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया। इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर चूक करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो रही है।’

राज्य सरकार ने इस बारे में अब समाज कल्याण विभाग के केंद्रों और आवासों का संचालन अपने हाथ में लेने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा, ‘हमने अब एनजीओ को यह काम नहीं देने का फैसला लिया है। इन लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है, हम अपना पूरा तंत्र विकसित करेंगे। यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी होगा, वह बचेगा नहीं।’ इसके साथ ही राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में ऐसे केंद्रों और आवासों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है। टिस की रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर के साथ-साथ दूसरे जिलों में चलने वाले बालक-बालिका गृहों में शोषण का खुलासा किया गया था। 

Keyword: मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार, Bihar, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज,
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