बिजनेस स्टैंडर्ड - निजी बैंक के सीईओ को नहीं मिला बोनस
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निजी बैंक के सीईओ को नहीं मिला बोनस

निकहत हेटावकर / मुंबई 08 05, 2018

वित्त वर्ष 2017 में कोछड़ को बतौर बोनस 45 लाख रुपये मिले

बिजनेस स्टैंडर्ड निजी बैंक के सीईओ को नहीं मिला बोनसनिजी क्षेत्र के अग्रणी बैंकों के सीईओ को 2016-17 के लिए पूरा बोनस मिलना अभी बाकी है। वित्त वर्ष 2018 की सालाना रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। अग्रणी प्रबंधन को दिए जाने वाले बोनस को बैंक का निदेशक मंडल मंजूर करता है और इसे आरबीआई के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है। बैंकिंग नियामक ने निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंकों के आला अधिकारियों के बोनस को इनकी सालाना रिपोर्ट के प्रकाशन तक मंजूरी नहीं दी है। 

जब केंद्रीय बैंक बोनस को मंजूरी देता है तो प्रबंधन को इसे किस्तों में भुगतान किया जाता है। एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक आदित्य पुरी, आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चंदा कोछड़ और ऐक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ शिखा शर्मा को वित्त वर्ष 2016-17 के लिए पूरे साल बोनस नहीं मिला है और यह जानकारी इन बैंकों की सालाना रिपोर्ट से मिली। आईसीआईसीआई बैक व ऐक्सिस बैंक की सालाना रिपोर्ट इस मसले पर चुप है। एचडीएफसी बैंक पिछले वर्षों के बोनस का खुलासा तभी करता है जब इसका भुगतान प्रबंध निदेशक को कर दिया जाता है। अन्य बैंक सीईओ के वेतन भत्ते के मामले में बोनस, वेरिएबल पे या इन्सेंटिव का स्पष्ट तौर पर खुलासा नहीं करता और इसे कुल वेतन में शामिल करता है। लेकिन जो अपनी सालाना रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर बोनस का ऐलान करता है (आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक व एचडीएफसी बैंक), उससे पता चलता है कि पिछले सालों में सीईओ ने टला हुआ बोनस प्राप्त किया, लेकिन 2016-17 का बोनस या तो काफी कम है या फिर इसका जिक्र नहीं है। पिछले वर्षों के उलट आईसीआईसीआई बैंक व ऐक्सिस बैंक 2017-18 के बोनस पर चुप है क्योंकि पिछले साल के बोनस पर आरबीआई से मंजूरी नहीं मिली है। एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2018 की सालाना रिपोर्ट में कहा है कि 2016-17 के बोनस का भुगतान 2017-18 मेंं करने का प्रस्ताव है, लेकिन अभी तक इसे आरबीआई की मंजूरी नहीं मिली है। 

दिलचस्प रूप से आईसीआईसीआई बैंक व ऐक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशकों के मूल वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्त वर्ष 2018 में आईसीआईसीआई बैंक की कोछड़ को 21 लाख रुपये बोनस का भुगतान किया गया, जिसमें पिछले सालों के मंजूर बोनस का टला हुआ भुगतान शामिल है। वित्त वर्ष 2017 में कोछड़ को बतौर बोनस 45 लाख रुपये मिले। वित्त वर्ष 2017 में कोछड़ को 22 लाख रुपये मिले।  

ऐक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को वित्त वर्ष 2018 में टला हुआ वेरिएबल पे 44 लाख रुपये मिला, जो वित्त वर्ष 2014 व 2015 से जुड़ा हुआ है। यह जानकारी वित्त वर्ष 2018 की सालाना रिपोर्ट से मिली। 2017 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मा को वित्त वर्ष के लिए 1.35 करोड़ रुपये मिलने थे। हालांकि आरबीआई ने अभी तक वित्त वर्ष 2017 के उनके बोनस की मंजूरी नहीं दी है। यह जानकारी बैंक की हालिया सालाना रिपोर्ट से मिली। इस बारे में जानकारी के लिए आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। कोछड़ का मूल वेतन 15 फीसदी बढ क़र 3.07 करोड़ रुपये हुआ जबकि शर्मा का 7 फीसदी बढक़र 2.9 करोड़ रुपये। अन्य भत्ते व अवकाशप्राप्ति से जुड़े लाभ में भी इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2018 में न सिर्फ आईसीआईसीआई बैंक व ऐक्सिस बैंक का प्रदर्शन कमजोर रहा बल्कि कोछड़ व शर्मा जांच के घेरे में आ गईं।

विशेषज्ञों ने कहा कि निजी क्षेत्र के सभी बैंकों के प्रमुख को अकेले उनके प्रदर्शन के आधार पर वेतन नहीं मिलता। आईकैन इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के चेयरमैन अनिल सिंघवी ने कहा, यह प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए, लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा है। बैंक सीईओ को स्टॉक आप्शंस के जरिए भी भारी मुआवजा मिल रहा है। कोछड़ के स्टॉक ऑप्शंस में पिछले साल के मुकाबले कमी नहीं आई है और यह 15 लाख शेयर है जबकि शर्मा का स्टॉक ऑप्शंस वित्त वर्ष 2017 के 9 लाख के मुकाबले घटकर 5.40 लाख रह गया है।

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