बिजनेस स्टैंडर्ड - रबर का उत्पादन-खपत अंतर बढ़ा
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रबर का उत्पादन-खपत अंतर बढ़ा

टी ई नरसिम्हन / चेन्नई August 01, 2018

प्राकृतिक रबर उत्पादन-खपत अंतर या घाटा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़कर कुल खपत के 58 प्रतिशत पर पहुंच गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 46 प्रतिशत दर्ज किया गया था। रबर उत्पादन 2018-19 की पहली तिमाही के दौरान 1.26 लाख टन के 6 वर्ष के निचले स्तर पर रह गया है जबकि खपत 3.02 लाख टन के उच्च स्तर पर दर्ज की गई है। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटमा) के अनुसार उत्पादन-खपत अंतर जून तिमाही में बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया। इससे कच्चे माल के संदर्भ में चिंता बढ़ गई है। 

 
भारतीय रबर बोर्ड द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में कहा गया है कि रबर उत्पादन में 12 प्रतिशत तक की कमी आई है जबकि इसकी खपत पहली तिमाही में 14 प्रतिशत तक बढ़ी जिससे उत्पादन और खपत के बीच यह अंतर पैदा हुआ है। उत्पादन-खपत अंतर चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में 1.76 लाख टन पर दर्ज किया गया जबकि वित्त वर्ष 2018 की समान अवधि में यह 1.21 लाख टन पर था।  रबर बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार जून 2018 में लगातार दूसरे महीने रबर की खपत एक लाख टन के आंकड़े को पार कर गई। दूसरी तरफ उत्पादन पहले तीन महीनों के दौरान 45,000 टन से नीचे बना रहा। घरेलू रबर उत्पादन में ऐसे समय में भी कमी आई है जब घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में ऊंची बनी हुई हैं।
 
उत्पादन घटने से टायर उद्योग चिंतित
 
एटमा के महानिदेशक राजीव बुधराजा ने कहा, 'घरेलू रबर उत्पादन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सिर्फ 42 प्रतिशत घरेलू मांग को ही पूरा कर सका। इस तरह की किल्लत और घरेलू रबर की अनुपलब्धता से टायर उद्योग के लिए जोखिम की स्थिति पैदा हो गई है। टायर निर्माताओं को देश में यदि परिचालन बरकरार रखना है तो उन्हें महंगे आयात पर निर्भरता बढ़ाने की जरूरत होगी।' एटमा के अनुसार, कच्चा माल टायर उद्योग की जीवनरेखा है और मुख्य कच्चे माल के तौर पर रबर का योगदान 40 प्रतिशत से अधिक है जो इस उद्योग की वृद्घि और प्रतिस्पर्धी क्षमता के लिए जरूरी है। हालांकि रबर की घरेलू उपलब्धता में लगातार गिरावट और उसकी कमजोर आपूर्ति से टायर कंपनियों की उत्पादन प्रक्रिया ऐसे समय में प्रभावित हो रही है जब बड़ी क्षमता चालू हो रही है। 
 
भारी मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए रबर आयात जरूरी हो गया है। हालांकि आपूर्ति सख्त नीतिगत परिवेश की वजह से प्रभावित हो रही है। रबर आयात पर 25 फीसदी का भारी भरकम सीमा शुल्क है जो अन्य रबर आयातक देशों की तुलना में काफी ज्यादा है।  बुधराजा ने कहा, 'हम बगैर शुल्क के रबर आयात की अपनी मांग को उठा चुके हैं। महंगा निर्यात इस उद्योग द्वारा अपनाए जा रहे लागत बचत के उपायों को नाकाम कर रहा है। उद्योग अंतरराष्ट्रीय रूप से प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए लागत बचत के उपयों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।'
Keyword: rubber, tyre, प्राकृतिक रबर,
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