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जुलाई में बढ़ा जीएसटी संग्रह, रहा लक्ष्य से कम

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली August 01, 2018

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई में बढ़ा है। हालांकि यह चालू वित्त वर्ष के लगातार तीसरे महीने में सरकार के 1 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह के लक्ष्य से कम है। आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नई कर व्यवस्था लागू होने के एक साल बाद जुलाई में कर संग्रह 965 अरब रुपये रहा, जबकि जून महीने में 956.1 अरब रुपये और मई में 940 अरब रुपये रहा था। अगर आगे की स्थिति देखें तो कर संग्रह कम रहने के आसार हैं क्योंकि वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई पिछली बैठक में जीएसटी परिषद ने 100 से ज्यादा वस्तुओं पर कर घटाने का फैसला किया था, जिसका असर रहेगा।
 
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा, 'कुल मिलाकर यह आशा के अनुरूप रहा है।'  केंद्रीय बजट और राज्य जीएसटी के आंकड़ों में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद से वित्त वर्ष 2019 में कर संग्रह का मासिक औसत 1.12 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी। वित्त सचिव हसमुख अढिय़ा ने हाल के एक साक्षात्कार में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में औसत मासिक कर संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि यह शुरुआती महीनों में 1 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन शेष महीनों में इसमें तेजी नजर आएगी।
 
जुलाई के कुल कर संग्रह में केंद्रीय जीएसटी 158.77 अरब रुपये, राज्य जीएसटी 222.93 अरब रुपये, समेकित जीएसटी 499.51 अरब रुपये और उपकर 83.62 अरब रुपये रहा।  अप्रत्याशित कदम उठाते हुए जीएसटी परिषद ने पहले से तय एजेंडे से अलग हटते हुए तमाम सामान पर कर 28 प्रतिशत के ढांचे से बाहर कर दिया। रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और छोटे स्क्रीन वाले टेलीविजन सेट, इत्र, कॉस्मेटिक्स, वैक्यूम क्लीनर और शॉवर सहित 100 से ज्यादा वस्तुओं पर कर घटाया गया है। पुनरीक्षित दरें 27 जुलाई से लागू होंगी। दरें कम किए जाने से सरकार को 80-90 अरब रुपये कम कर संग्रह होने की उम्मीद है। 
 
ईवाई में पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, 'इस वित्त वर्ष में जीएसटी राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी सकारात्मक है। यह धीरे धीरे 1 लाख करोड़ रुपये प्रति महीने के आंकड़े तक पहुंच रहा है। बहरहाल आने वाले महीनों में कर संग्रह पर नजदीकी से नजर रखना होगा कि क्या इसकी रफ्तार बढ़ रही है या पहले की तरह ही संग्रह बरकरार रहता है।'  एक साल पहले जबसे जीएसटी लागू किया गया है, नए अप्रत्यक्ष कर से सिर्फ एक बार अप्रैल 2018 में 1 लाख करोड़ रुपये कर वसूली पहुंची है। ऐसा इसलिए हुुआ था क्योंकि अप्रैल महीने में पिछले कुछ महीनों के बकाए का भुगतान होता है।
 
खेतान ऐंड कंपनी के पार्टन अभिषेक रस्तोगी ने कहा कि बड़ी मात्रा में रिफंड अभी प्राधिकारियों के पास लंबित है, जो आने वाले महीनों में राजस्व पर बुरा असर डाल सकता है। रस्तोगी ने कहा, 'संग्रह जहां अभी ठीक ठाक नजर आ रहा है, हमें रिफंड के भुगतान का इंतजार करना होगा, जो अगले महीने हो सकता है।' 30 जुलाई तक जून के लिए 66 लाख से ज्यादा जीएसटी 3बी या समराइज्ड रिटर्न दाखिल किए गए, जबकि इसके पहले के महीने में 64 लाख दाखिल किए गए थे। अप्रैल मई 2018 के लिए राज्यों को 38.99 अरब रुपये जीएसटी मुआवजा जारी किया गया था। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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