बिजनेस स्टैंडर्ड - एचडीएफसी का लाभ 54 फीसदी बढ़ा
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एचडीएफसी का लाभ 54 फीसदी बढ़ा

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली/मुंबई 07 30, 2018

शुद्ध ब्याज मार्जिन 20 फीसदी बढ़कर 28.90 अरब रुपये हो गया

बिजनेस स्टैंडर्ड एचडीएफसी का लाभ 54 फीसदी बढ़ाआवास वित्त कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून 2018) में 54 फीसदी बढ़कर 21.90 अरब रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही में कंपनी ने 14.24 अरब रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। तिमाही के दौरान शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईआई) 20 फीसदी बढ़कर 28.90 अरब रुपये हो गया जो वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में 24.12 अरब रुपये रहा था।

तिमाही के दौरान कंपनी की कुल एकल आय 20 फीसदी बढ़कर 9,952 करोड़ रुपये हो गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 8,289.98 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय बढ़कर 9,883.64 करोड़ रुपये हो गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 8,259.77 करोड़ रुपये थी। कंपनी के निदेशक मंडल ने निजी नियोजन के आधार पर 35,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा निदेशक मंडल ने बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिये विदेशी स्रोतों से डेढ़ अरब डॉलर जुटाने की भी मंजूरी दी है। 

तिमाही के दौरान कंपनी की ऋण बुक 18.5 फीसदी बढ़कर 3.71 लाख करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 3.13 लाख करोड़ रुपये रही थी। जबकि कुल व्यक्तिगत ऋण वितरण में 17 फीसदी का इजाफा हुआ। कंपनी का शेयर आज बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 0.8 फीसदी गिरावट के साथ 2,028 रुपये पर बंद हुआ। 

जीआईसी आरई का लाभ 98 फीसदी बढ़ा 

जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (जीआईसी आरई) का शुद्ध लाभ जून 2018 तिमाही में 98 फीसदी बढ़कर 7.1 अरब रुपये हो गया जो पिछले साल की समान अवधि में 3.9 अरब रुपये रहा था। इस दौरान सकल प्रीमियम आय 9.3 फीसदी बढ़कर 188 अरब रुपये हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 172 अरब रुपये रही थी। जबकि दावों पर खर्च की रकम 20.4 फीसदी बढ़कर 129 अरब रुपये हो गई जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 107 अरब रुपये रही थी। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल अंडरराइटिंग शुद्ध घाटा 6.58 अरब रुपये से घटकर 96.4 करोड़ रुपये रहा गया। पिछले साल की समान तिमाही से तुलना करने पर अग्नि पुनर्बीमा कारोबार के लिए अंडरराइटिंग नुकसान बढ़कर 240 अरब रुपये हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 119.7 अरब रुपये रहा था। जबकि कृषि पुनर्बीमा कारोबार के लिए अंडरराइटिंग 25 करोड़ रुपये से बढ़कर 11.9 अरब रुपये हो गया। इसी प्रकार विमानन, समुद्री कार्गो, व्यक्तिगत दुर्घटना, जीवन बीमा एवं वाहन श्रेणियों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अंडरराइटिंग घाटे की स्थिति कहीं अधिक खराब रही।

कुल मिलाकर जून 2018 में कंपनी की इक्विटी पर रिटर्न जून 2017 के मुकाबले 2.1 फीसदी बढ़कर 3.5 फीसदी हो गया। इस दौरान निवेश में करीब 5 फीसदी की कमी दर्ज की गई जो जून 2017 के 11.6 अरब रुपये से घटकर 11.1 अरब रुपये रह गया। कंपनी का शेयर आज नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 12.33 फीसदी बढ़त के साथ 375.20 रुपये पर बंद हुआ। 

न्यू इंडिया एश्योरेंस का लाभ बढ़ा 

सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का जून में समाप्त पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 27 फीसदी बढ़कर 635 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 499 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 6,107.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5,572.35 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम 12.6 फीसदी बढ़कर 6,053 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पहले से चल रही पॉलिसियों पर प्रीमियम 9.9 फीसदी बढ़कर 6,961 करोड़ रुपये हो गया।  

आइडिया सेल्युलर को टावर बिक्री से बल 

वोडाफोन के साथ विलय से पहले आइडिया सेल्युलर ने वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में दमदार मुनाफा दर्ज कर बाजार को अचंभित कर दिया। तिमाही के दौरान कंपनी के मुनाफे को उसकी दूरसंचार टावर परिसंपत्तियों की बिक्री से हुई एकमुश्त आय से बल मिला। चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में कंपनी को 2.57 अरब रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जबकि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 8.15 अरब रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इससे पिछली तिमाही के दौरान कंपनी ने 9.62 अरब रुपये का घाटा दर्ज किया था।  

तिमाही के दौरान आइडिया सेल्युलर इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज की बिक्री से कंपनी को 33.65 अरब रुपये की आय हुई। जबकि परिचालन आय पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 27.8 फीसदी घटकर 58.89 अरब रुपये रह गई। क्रमिक आधार पर कंपनी के राजस्व में 2.9 फीसदी की गिरावट रही। तिमाही के दौरान एबिटा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 65 फीसदी घटकर 6.6 अरब रुपये रह गया। 

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा, 'कंपनी ने अपनी टावर परिसंपत्तियों की बिक्री से 33.64 अरब रुपये का एकमुश्त आय दर्ज की है। इसे समायोजित करने के बाद घाटा 17.85 अरब रुपये था जो 15.15 अरब रुपये के घाटे के हमारे अनुमान से कहीं अधिक है।' कंपनी का मोबाइल सेवा कारोबार तिमाही के दौरान 28 फीसदी घटकर 5,745.3 करोड़ रुपये रह गया जो एक साल पहले समान तिमाही में 7,972.8 करोड़ रुपये रहा था। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर आज 3.63 फीसदी बढ़कर 58.45 रुपये पर बंद हुआ। 

ऐक्सिस बैंक का लाभ 46 फीसदी घटा

आय में सुस्ती और खर्च में इजाफे के चलते निजी क्षेत्र के ऐक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 46 फीसदी घट गया। जून तिमाही में बैंक का लाभ घटकर 7 अरब रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 13.05 अरब रुपये रहा था। मार्च तिमाही में बैंक ने 21.88 अरब रुपये का नुकसान दर्ज किया था, जो सूचीबद्ध होने के बाद पहला नुकसान था।

बैंंक की शुद्ध ब्याज आय साल दर साल के हिसाब से 12 फीसदी बढ़कर 51.67 अरब रुपये रही। बैंक का शेयर आज बीएसई पर 2.67 फीसदी की गिरावट के साथ 568.45 रुपये पर बंद हुआ। बैंक ने बाजार बंद होने के बाद नतीजे का ऐलान किया। इसका शुद्ध ब्याज मार्जिन सुधरकर 3.46 फीसदी रहा, जो पहले 3.33 फीसदी रहा था। इसकी अन्य आय 2 फीसदी घटकर 29.25 करोड़ रुपये रही। तिमाही के दौरान बैंक की संपत्ति गुणवत्ता को झटका लगा। कुल उधारी के प्रतिशत के तौर पर इसका सकल एनपीए जून तिमाही में 6.52 फीसदी रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 149 आधार अंक ज्यादा है। 

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