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मराठा आरक्षण की आग में जलता महाराष्ट्र

सुशील मिश्र / मुंबई July 30, 2018

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद मराठा आंदोलन शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के पुणे और सोलापुर इलाके आज भी बंद रहे। कई जगह आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है। मराठा आरक्षण के समर्थन में आज एक युवाक ने आत्महत्या कर ली। राज्य के बिगड़ते हालात के बीच राजनीतिक दल अलग अलग बैठकें करके आंदोलन खत्म कराने की योजना बना रहे हैं। कांग्रेस ने तो लिखित में मराठा आरक्षण का समर्थन कर दिया। लगभग सभी राजनीतिक दल मराठा समाज को आरक्षण देने के पक्ष में खड़े हो गए हैं। 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों ने मराठा आरक्षण का समर्थन करने की बात कह चुके हैं लेकिन आंदोलन ठंडा नहीं पड़ रहा। प्रमोद जयसिंह होरे नाम के एक और युवक ने आरक्षण मांग के समर्थन में चलती ट्रेन के सामने छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली। इसके बाद मराठा समुदाय के लोगों ने औरंगाबाद में जालना रोड जाम कर दिया। आंदोलनकारियों ने पुणे में आधा दर्जन से ज्यादा बसें जला दी। औरंगाबाद, पुणे, सोलापुर और सातारा जैसे इलाके बंद रहे। 

मराठा समुदाय की मांग में अब राजनीतिक दल खुलकर सामने आ रहे हैं। इस मुद्दे पर शिवसेना अध्यक्ष उद्घव ठाकरे ने पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई। कांग्रेस के विधायकों ने भी बैठक की। कांग्रेस विधायकों ने बैठक कर मराठा आरक्षण की मांग का समर्थन करने का फैसला किया। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल सभी कांग्रेसी सदस्यों के साथ राज्यपाल विद्यासागर राव को एक पत्र सौपा जिसमें राज्यपाल से इस मामले में दखल देने की अपील की गई। पत्र में कांग्रेस नेताओं ने फडणवीस सरकार से 16 फीसदी आरक्षण देने की मांग की। शिवसेना नेताओं का कहना है कि शिवसेना हमेशा मराठा आरक्षण का समर्थन करती आई है।  

दो दिन पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी दलों के बैठक बुलाई थी जिसमें सभी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया था। मराठा आरक्षण मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत थे कि मराठा समाज को आरक्षण दिया जाना चाहिए। मराठा क्रांति मोर्चा के लोगों का कहना है कि सरकार वादा खिलाफी करती आई है इसलिए उन्हें भरोसा नहीं हो रहा है। 

Keyword: मराठा आंदोलन, महाराष्ट्र, मुख्यमंत्री, आरक्षण, औरंगाबाद, पुणे, सोलापुर, देवेंद्र फडणवीस,
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