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ट्रक हड़ताल खत्म तो आवक शुरू

दिलीप कुमार झा / मुंबई July 30, 2018

ट्रकों की आठ दिन तक चली हड़ताल शुक्रवार को खत्म होने के बाद आज महाराष्ट्र एवं गुजरात सहित देश के पश्चिमी राज्यों की प्रमुख मंडियों में कृषि जिंसों की आवक में तगड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रक मालिकों ने सोमवार को मंडियों में माल पहुंचाया, जिससे कृषि जिंसों की आपूर्ति में अचानक बढ़ोतरी हुई। 

उदाहरण के लिए महाराष्ट्र के नासिक जिले की बेंचमार्क लासलगांव मंडी में प्याज की आवक सोमवार को करीब 50 फीसदी बढ़कर 2,050 टन पर पहुंच गई, जबकि 25 जुलाई को प्याज की आवक 1,390 टन थी। इसी तरह अन्य जिंसों की आवक में भी अहम इजाफा हुआ है। 

हालांकि यह रोचक बात है कि मंडियों में आवक बढऩे के बावजूद जिंसों की कीमतों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। लासलगांव मंडी में प्याज के दाम 5.5 फीसदी या 60 रुपये गिरकर 1,050 रुपये प्रति क्विंटल (मॉडल कीमत) पर आ गए। लासलगांव मंडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हड़ताल के दौरान थोक मंडियों में कृषि जिंसों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी नहीं हुई। भारी बारिश से फसल को नुकसान जैसी स्थितियां अब भी बरकरार हैं। इसलिए कृषि जिंसों की आïवक में बढ़ोतरी के अनुपात में कीमतों में गिरावट नहीं आई।'

ट्रक मालिकों ने डीजल की कीमतों और बीमा प्रीमियम में कटौती जैसी मांगों को लेकर 20 जुलाई से बेमियादी हड़ताल की घोषणा की थी, जिससे सभी कृषि जिंसों की आपूर्ति पर असर पड़ा। कुछ आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरा कारोबार 8 दिनों तक ठहर गया। हालांकि सरकार के सभी मांगें स्वीकार करने के बाद शुक्रवार को हड़ताल खत्म कर दी गई। सोमवार को न केवल सब्जियों बल्कि अन्य खाद्यान्न एवं मोटे अनाज की आवक में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कारोबारियों और स्टॉकिस्टों ने गेहूं की आपूर्ति बढ़ाई है। इससे सोमवार को गेहूं की आवक 400 फीसदी बढ़कर 304 टन पर पहुंच गई, जो शुक्रवार को 61.5 टन थी। वाशी मंडी में चीनी की आवक सोमवार को 1.7 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी के साथ 61 टन रही, जो शुक्रवार को 60 टन थी। इसकी वजह यह है कि स्टॉकिस्टों, आपूर्तिकर्ताओं और मिलों के पास पहले ही जरूरत से अधिक स्टॉक है। 

इसी तरह वाशी मंडी में धान की भूसी की आवक सोमवार को करीब 1,100 फीसदी बढ़कर 450 टन हो गई, जो शुक्रवार को 25.3 टन थी। ज्वार की आवक 336 फीसदी बढ़कर 153.6 टन पर पहुंच गई, जो शुक्रवार को महज 35.2 टन थी। महाराष्ट्र और गुजरात की अन्य मंडियों में भी कृषि जिंसों की आवक में अहम इजाफा हुआ है। 

भारतीय सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्रीराम गाढवे ने कहा, 'ट्रकों की हड़ताल शुक्रवार को खत्म होने के बाद माल की आवक शुरू हो गई है। लेकिन स्टॉकिस्टों की मांग के कारण कुछ को छोड़कर ज्यादातर कृषि जिंसों की कीमतें एक सीमित दायरे में रहीं। हालांकि खुदरा में कृषि जिंसों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जिसकी मार उपभोक्ताओं पर पड़ रही है। थोक बाजारों में कृषि जिंसों के दाम एक सीमित दायरे में रहने के आसार हैं, लेकिन मॉनसून की बारिश के कारण आपूर्ति में दिक्कतों से कीमतों में इजाफा हो सकता है।'

Keyword: bandh, truck, strike, कृषि जिंस, महाराष्ट्र, गुजरात, लासलगांव मंडी,
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