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आईटीसी की रेटिंग में और सुधार के आसार

श्रीपाद ऑटे /  July 29, 2018

अपने प्रमुख सिगरेट व्यवसाय के लिए नियामकीय चिंताओं की वजह से हाल तक दबाव से जूझ रहा आईटीसी का शेयर शुक्रवार को दिन के कारोबार के दौरान 307 रुपये के 52 सप्ताह के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया और आखिरकार 5.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 302.2 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी द्वारा देर गुरुवार को अपने पहले तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा किए जाने से शुक्रवार को इस शेयर में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। कंपनी ने सिगरेट व्यवसाय में 1.5 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है जबकि विश्लेषकों ने इसमें 1-2 प्रतिशत की गिरावट की आशंका जताई थी। एक साल पहले की समान तिमाही में यह वृद्घि 1 प्रतिशत थी। 

 
दरअसल, सिगरेट व्यवसाय में सुधार के लिहाज से यह कंपनी के लिए लगातार तीसरी तिमाही थी। आईटीसी के कुल मुनाफे में सिगरेट व्यवसाय का 85 फीसदी का योगदान है। इसे देखते हुए इस व्यवसाय में सुधार ने बाजार को उत्साहित किया है। हालांकि पिछले एक महीने में 16 प्रतिशत की तेजी के बावजूद कई विश्लेषकों को आईटीसी के शेयर के लिए रेटिंग में और बदलाव की संभावना दिख रही है क्योंकि कंपनी ने सभी व्यवसायों में मजबूती दर्ज की है और शेयर का मूल्यांकन भी उचित बना हुआ है। आईटीसी का शेयर मौजूदा समय में अन्य एफएमसीजी शेयरों के 45-50 गुना की तुलना में अपनी वित्त वर्ष 2020 की अनुमानित आय के 26 गुना पर कारोबार कर रहा है।  रेटिंग में बदलाव सिगरेट व्यवसाय से जुड़ी कई नियामकीय चिंताएं दूर होने की वजह से संभव होगा। फिलिप कैपिटल के विश्लेषकों ने जून तिमाही के वित्तीय परिणाम के बाद आईटीसी पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अन्य एफएमसीजी व्यवसायों में लगातार सुधार और होटल तथा कागज जैसे व्यवसायों में मजबूती आने का अनुमान है। 
 
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत करों में तेजी का आईटीसी के सिगरेट व्यवसाय पर बोझ पड़ा है और अवैध व्यापार (तस्करी से जुड़ा आयात शामिल) की ऊंची भागीदारी से भी समस्या बढ़ी है। इससे पहली तिमाही में भी सिगरेट व्यवसाय में वृद्घि की रफ्तार सीमित रही, हालांकि सालाना आधार पर आंकड़े एक साल पहले पेश किए गए जीएसटी की वजह से तुलना योग्य नहीं हैं। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि पिछले साल तेज वृद्घि के बाद, शुल्क वृद्घि की रफ्तार अब धीमी पड़ी है। एडलवाइस के विश्लेषकों नेपिछले गुरुवार की एक रिपोर्ट में कहा, 'शुल्क दर में यह नरमी बरकरार रहने का अनुमान है, क्योंकि जीएसटी कर संग्रहण में हर महीने सुधार आ रहा है। इसलिए हमें विश्वास है कि सिगरेट व्यवसाय में सुधार आएगा और यदि अवैध व्यवसाय के  कानूनी तौर पर सिगरेट व्यवसाय में तब्दील होने से मदद मिलती है तो कुल सिगरेट कारोबार को बड़ी राहत मिलेगी।'
 
दौलत कैपिटल में विश्लेषक सचिन बोबडे ने कहा, 'पिछले साल के अनुकूल आधार को देखते हुए और पिछली दो तिमाहियों से कीमतों में बदलाव नहीं होने से सिगरेट व्यवसाय में भविष्य में सुधार आएगा।' फिर भी, चूंकि अन्य व्यवसायों में वृद्घि की रफ्तार हाल के समय में मजबूत हुई है, लेकिन कुल राजस्व में सिगरेट व्यवसाय की भागीदार में कमी देखी गई है। पहली तिमाही में आईटीसी के एफएमसीजी और होटल व्यवसायों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इन दो सेगमेंट से राजस्व सालाना आधार पर 10.3 प्रतिशत और 11.9 प्रतिशत तक बढ़ा। जहां कई पैकेज्ड और रेडी-टु-ईट फूड्स के लिए मांग मजबूत रही, वहीं कन्फेक्शनरीज सेगमेंट में लगातार नए उत्पादों की पेशकश से एफएमसीजी व्यवसाय की बिक्री को बढ़ावा मिला। कंपनी के होटल व्यवसाय को भी ऊंची कमरा दरों, मजबूत फूड एवं बेवरिज बिक्री और परिचालन दक्षता से फायदा हुआ। एफएमसीजी, पेपर और होटल व्यवसायों में मुनाफा वृद्घि काफी अच्छी रही। इसके अलावा, पिछली चार तिमाहियों में कमजोर प्रदर्शन के बाद आईटीसी के कृषि खंड की बिक्री भी सालाना आधार पर 14.2 प्रतिशत तक बढ़ी और इससे कुल राजस्व को मदद मिली। 
 
अपनी वित्त वर्ष 2018 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, आईटीसी ने इन व्यवसायों में 250 अरब रुपये के निवेश की योजना बनाई है और पहली तिमाही में कई नए उत्पाद भी पेश किए। ये सब गैर-सिगरेट व्यवसाय की भागीदारी बढ़ाने के आईटीसी के प्रयासों का संकेत हैं। कुछ विश्लेषकों के अनुसार नियामकीय चुनौतियों के बीच सिगरेट व्यवसाय में कुछ हद तक अनिश्चितता देखी जा सकती है। इसलिए अन्य सेगमेंट के मुनाफे के योगदान में तेजी का रुझान कंपनी के लिए सकारात्मक बना रहेगा। कुल मिलाकर, पहली तिमाही में आईटीसी का शुद्घ लाभ सालाना आधार पर 10.1 प्रतिशत तक बढ़ा और कंपनी लागत नियंत्रण के उपायों की वजह से परिचालन मुनाफा मार्जिन 161 आधार अंक बढ़ाकर 39.2 प्रतिशत करने में सफल रही। शुद्घ परिचालन राजस्व के प्रतिशत के तौर पर आईटीसी का अन्य खर्च पहली तिमाही में घटकर 15.4 प्रतिशत रह गया जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में अन्य खर्च 17.1 प्रतिशत पर था। 
 
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों नवीन त्रिवेदी और सिद्घांत छाबडिय़ा ने वित्तीय परिणाम के बाद अपनी 'री-रेटिंग्स ऑन काडï्ïर्स' रिपोर्ट में कहा, 'आईटीसी पर हमारा दीर्घावधि नजरिया भारत में उसके सबसे सस्ते कंज्यूमर लार्ज-कैप शेयर होने पर आधारित है।' वित्त वर्ष 2020 की अनुमानित आय के 26 गुना पर, आईटीसी इस सेक्टर की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट पर कारोबार कर रहा है। 
Keyword: ITC, FMCG, आईटीसी,
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