बिजनेस स्टैंडर्ड - पेश हैं कई अनूठी, आसान और सस्ती बीमा योजनाएं
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, October 22, 2018 07:17 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

पेश हैं कई अनूठी, आसान और सस्ती बीमा योजनाएं

संजय कुमार सिंह /  July 29, 2018

बीमा में निजी कंपनियों के दखल की इजाजत तो वर्ष 2000 में ही दे दी गई थी, लेकिन 18 साल बीतने के बाद भी इसका दायरा बहुत छोटा है। इस साल पेश आर्थिक समीक्षा ही कहती है कि बीमा के प्रति लोग अब भी बहुत जागरूक नहीं हैं और वर्ष 2016-17 तक बीमा का प्रसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.49 फीसदी तक ही सीमित था। बीमा के प्रसार की राह में बाधाएं कई हैं। आबादी का बड़ा हिस्सा बीमा योजनाओं को केवल इसलिए ही नहीं खरीदता क्योंकि इन्हेंं समझना उसके लिए मुश्किल होता है बल्कि इसलिए भी इनसे दूरी बरतता है क्योंकि उसे इस बात का भरोसा नहीं है कि दावा करने पर वाकई उसे वायदे के मुताबिक फायदे मिलेंगे। बहरहाल इस तरह की आशंकाओं को दूर करने के लिए अब कुछ नई बीमा कंपनियों और वितरकों ने इस क्षेत्र में कदम रखा है। उन्होंने ऐसी योजनाएं भी पेश की हैं, जो सरल होती हैं, जिनमें प्रीमियम राशि कम होती है और जिनमें दावे की राशि भी खासी कम होती है। ये बीमा योजनाएं संपूर्ण योजना की तरह हर तरह के जोखिम को कवर नहीं करतीं बल्कि कुछ खास परिस्थितियों के लिए बीमा की सुविधा प्रदान करती हैं। ग्राहक को भी ये योजनाएं लेने के लिए काफी कम दस्तावेज देने पड़ते हैं और दावे के समय भुगतान पाने के लिए उनसे सवाल-जवाब भी काफी कम किए जाते हैं।

 
इतनी पेचीदगी! न बाबा न...
 
बहुत सी बीमा योजनाएं इतनी व्यापक और इतनी पेचीदा होती हैं कि ज्यादातर ग्राहक समझ ही नहीं पाते कि उन्हें किस-किस तरह का कितना बीमा कवर मिलेगा। टॉफी इंश्योरेंस के मुख्य कार्य अधिकारी और सह-संस्थापक रोहन कुमार ने कहा, 'चूंकि बीमा योजना खासी पेचीदा होती हैं, इसीलिए खरीदार यह नहीं समझ पाता कि उसकी जिंदगी के लिहाज से योजना ठीक है या नहीं। बीमा खरीदते समय वह केवल उसकी कीमत यानी प्रीमियम आदि पर ध्यान देता है।' इस वजह से लोग कई बार ऐसी योजनाएं खरीद लेते हैं, जो उनके किसी काम की ही नहीं होतीं। ग्राहक यह भी यकीन से नहीं कह सकते कि उनके दावे को स्वीकार किया जाएगा या नहीं। डिजिट इंश्योरेंस की मुख्य विपणन अधिकारी जसलीन कोहली बताती हैं, 'कई पुरानी बीमा योजनाओं में दावों की रकम तो बहुत अधिक होती है। लेकिन जब भी दावा किया जाता है तो बीमा कंपनी और बीमा लेने वाले के बीच मोलभाव शुरू हो जाता है, जो बीमा ग्राहक के लिहाज से बिल्कुल अच्छा नहीं होता।' वह कहती हैं कि आसान बीमा योजना पेश करने के पीछे मकसद यही है कि बीमा खरीदते वक्त ही ग्राहक को यह पता रहे कि कोई खास घटना या हादसा होने पर उसे कम से कम झंझटों और सवालों से गुजरना पड़ेगा तथा पहले से तय राशि उसे हासिल हो जाएगी। लेकिन ये बीमा योजनाएं किस तरह की हैं? आइए उन पर और उनमें मिलने वाली सुविधाओं पर नजर डालते हैं:
 
मोबाइल फोन रखें महफूज
 
जब भी आप फ्लिपकार्ट से कोई मोबाइल फोन खरीदते हैं तो आपको डिजिट इंश्योरेंस से स्क्रीन प्रोटेक्शन कवर यानी स्क्रीन की सुरक्षा का बीमा खरीदने का विकल्प भी दिया जाता है। अगर आप पेटीएम की साइट पर जाकर फोन खरीदते हैं तो यही बीमा कंपनी आपको मोबाइल फोन के समग्र यानी कॉम्प्रिहेंसिव बीमा कवर की पेशकश करेगी। उसमें फोन में किसी भी तरह की खराबी का बीमा होगा, चाहे नुकसान फोन गिरने से हुआ हो, उसमें पानी पहुंचने से हुआ हो या कोई अन्य खराबी आई हो। किसी तरह की दिक्कत आने पर जब आप उनके कॉल सेंटर पर कॉल करते हैं तो डिजिट इंश्योरेंस आपको एक लिंक भेजती है। लिंक क्लिक करते ही कंपनी फोन में आने वाली समस्या का पता खुद ब खुद लगा लेती है। इसके बाद वह आपको बताती है कि मरम्मत में कितना खर्च आएगा। अब आपके पास दो विकल्प होते हैं। या तो मरम्मत का खर्च कंपनी से ले लीजिए या कंपनी खुद आपके घर से आपका फोन उठवाएगी, मरम्मत कराएगी और फोन आपके पास वापस पहुंचा देगी। इसमें बीमा कवर की राशि फोन की कीमत के बराबर होती है। अगर आप केवल स्क्रीन का बीमा कराते हैं तो यह राशि फोन की कीमत की 20 फीसदी ही होती है।
 
कैब से सवारी का बीमा 
 
आम तौर पर कैब यानी टैक्सी किराये पर लेने वालों का किसी तरह का दुर्घटना बीमा नहीं होता। लेकिन एको जनरल इंश्योरेंस उनको भी बीमा दे रही है। कंपनी ने कैब एग्रीगेटर कंपनी ओला के साथ करार किया है, जिसके तहत उसकी कैब में सफर करने वालों का बीमा किया जाता है। इसमें तीन तरह की बीमा योजनाएं दी जा रही हैं। पहली, किसी शहर के भीतर ही एक जगह से दूसरी जगह तक की यात्रा में बीमा कवर देती है। दूसरी योजना को रेंटल प्लान कहा जाता है। इसमें उन यात्राओं के लिए बीमा उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें मुसाफिर 4 से 6 घंटे के लिए ओला कैब की सुविधा लेते हैं। तीसरी योजना में शहर से बाहर की यात्रा का बीमा कवर है। यह बीमा तब होता है, जब ग्राहक कुछ दिनों के लिए कैब किराये पर लेते हैं और उसमें एक शहर से दूसरे शहर का सफर करते हैं। जब कैब में शहर के भीतर ही यात्रा की जाती है और दुर्घटना हो जाती है तो अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में 1 लाख रुपये तक का बीमा कवर होता है और मृत्यु अथवा अपंगता की सूरत में 5 लाख रुपये का बीमा होता है। अगर अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा हो तो ओपीडी खर्च के रूप में 3,000 रुपये मिल जाते हैं। इसमें फ्लाइट छूटने का बीमा कवर भी शामिल होता है। अगर आप हवाई अड्डïे तक के लिए कैब ले रहे हैं और वाहन खराब होने अथवा सामान्य से अधिक यातायात होने की वजह से आप सही वक्त पर नहीं पहुंच पाते तो आपको बीमा कवर के तहत 5,000 रुपये दिए जाएंगे। शहर से बाहर यात्रा करने की सूरत में भी बीमा के ये सभी फायदे मिलते हैं। इसके साथ ही आपको 1 लाख रुपये का घरेलू सामग्री का बीमा भी मिलता है। इतना ही नहीं, सामान और लैपटॉप खो जाने पर आपको बतौर बीमा राशि 20,000 रुपये तक मिल जाते हैं।
 
फिटनेस और सार्वजनिक परिवहन बीमा
 
टॉफी इंश्योरेंस के पास एक और अनूठी बीमा योजना है। इसमें लोगों को दौड़ते समय, साइकल चलाते समय या व्यायाम करते समय चोट लगने पर बीमा कवर दिया जाता है। कुमार बताते हैं, 'सामान्य मेडिक्लेम बीमा में आप बीमा राशि का दावा तभी कर सकते हैं, जब आप अस्पताल में भर्ती हुए हों। लेकिन इस तरह की गतिविधियों के दौरान लगने वाली 80 फीसदी चोट ऐसी होती हैं, जिनमें लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसीलिए हमने ऐसी बीमा योजना तैयार की है, जिसमें ओपीडी के खर्च का कवर भी शामिल है।' बीमा लेने वाले व्यक्ति को दावा करते समय अपने आधार कार्ड की प्रति, मेडिकल बिल और डॉक्टर से मिली मेडिकल रिपोर्ट या ब्योरा जमा करना होता है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में 1 लाख रुपये तक का बीमा कवर होता है और ओपीडी के लिए 5,000 रुपये तक का कवर होता है। 
 
टॉफी इंश्योरेंस सार्वजनिक परिवहन के साधनों से यात्रा करने वालों को भी बीमा की सुरक्षा मुहैया कराती है। इस येाजना में भी अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में और ओपीडी में इलाज कराने पर ओला बीमा जैसे लाभ मिलते हैं, लेकिन इसमें वे दुर्घटनाएं ही शामिल होती हैं, जो रोजाना की यात्रा यानी कामकाज आदि पर जाते समय होती हैं। कुमार बताते हैं, 'बीमा कंपनियों की ज्यादातर व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजनाएं दुर्घटना से मौत होने की स्थिति में ही काम आती हैं। लेकिन हादसों में मौत की आशंका बहुत कम होती है। अधिकतर लोगों को दुर्घटना में कई प्रकार की चोट लगती हैं और हम उसी के लिए बीमा की सुविधा देना चाहते हैं।' ऊपर के उदाहरण तो काफी काम के हैं, लेकिन छोटी कवर राशि वाले ऐसे कई अन्य बीमा भी उपलब्ध हैं।
Keyword: insurance, accident,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या हवाई यात्रियों को मुआवजा मामले में सख्ती दिखाए सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.