बिजनेस स्टैंडर्ड - बेहतर नतीजों से उद्योग को दम
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बेहतर नतीजों से उद्योग को दम

कृष्ण कांत / मुंबई July 23, 2018

113 कंपनियों का शुद्ध मुनाफा 20 फीसदी बढ़ा

आय में 17.6 फीसदी का इजाफा

बिजनेस स्टैंडर्ड बेहतर नतीजों से उद्योग को दमवित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही केे नतीजों की शुरुआत भारतीय उद्योग जगत के लिए उत्साहजनक रही है। अब तक 113 कंपनियों ने अप्रैल-जून 2018 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं जिनका एकीकृत शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20.3 फीसदी बढ़ा है। मुनाफे में यह वृद्धि नौ तिमाहियों में सबसे अधिक है। इसी तरह समेकित शुद्ध बिक्री (बैंक और वित्तीय कंपनियों के मामले में शुद्ध ब्याज आय) सालाना आधार पर 17.6 फीसदी बढ़ी है, जो तीन साल में सबसे बेहतर है।

मुनाफे और आय में यह वृद्धि अनुकूल आधार प्रभाव और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का उम्मीद से बेहतर नतीजों की वजह आई है। नमूने में शामिल कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि में टीसीएस का योगदान 28.4 फीसदी है। हालांकि इन्फोसिस और विप्रो का मुनाफा अपेक्षाकृत कम रहा। इसी तरह नमूने में शामिल आईटी कंपनियों की आय वृद्धि में टीसीएस का योगदान 86 फीसदी रहा।

नमूने में शामिल कंपनियों का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 5.6 फीसदी बढ़ा, वहीं शुद्ध बिक्री में 5.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल की पहली तिमाही में वस्तु एवं सेवा कर लागू होने से पहले व्यापारियों और उपभोक्ताओं द्वारा खरीदारी टाले जाने की वजह से कंपनियों के आय एवं मुनाफे पर प्रतिकूल असर पड़ा था।

इसके साथ ही निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं जैसे कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनैंस, एलऐंडटी फाइनैंस होल्डिंग्स और इंडसइंड बैंक के बेहतर प्रदर्शन से भी मुनाफे को बल मिला। नमूने में शामिल कंपनियों की आय में कुल वृद्धि में शीर्ष पांच कंपनियां - टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनैंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर का एक-तिहाई योगदान रहा। यह विश्लेषण अप्रैल-जून 2018 तिमाही में 113 कंपनियों के नतीजों पर आधारित है। हालांकि इसमें बजाज फिनसर्व जैसी परिचालन कंपनियों और सूचीबद्ध सहायक इकाइयों को शामिल नहीं किया गया है।

विनिर्माण क्षेत्र, खास तौर पर उपभोक्ता वस्तुओं के विनिर्माताओं के लिए वित्त वर्ष 2018-19 की शुरुआत आशाजनक रही। वित्तीय और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों को छोड़कर 92 कंपनियों का समेकित शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 14.7 फीसदी बढ़ा है, जो 9 तिमाहियों में सबसे अधिक है। इसी तरह इन कंपनियों की समेकित शुद्ध आय में 23.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले तीन साल में सर्वाधिक है।

विनिर्माण क्षेत्र में बढ़त अशोक लीलैंड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, हैवल्स, बजाज ऑटो और टायर विनिर्माता मसलन जेके टायर व सिएट की अगुआई में हुई। इसके उलट देश की अग्रणी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने तिमाही के दौरान साल दर साल के हिसाब से शुद्ध लाभ में 31.4 फीसदी की गिरावट के साथ निराश किया। नवंबर 2016 में नोटबंदी और जीएसटी के क्रियान्वयन के अवरोध का सामना करने वाले राजस्व में सुधार दर्ज हुआ, ऐसे में विनिर्माताओं ने परिचालन मार्जिन में बढ़ोतरी दर्ज की जबकि कच्चे माल व ऊर्जा की लागत (शुद्ध बिक्री के प्रतिशत के तौर पर) बढ़ी। शुद्ध बिक्री के 14.9 फीसदी पर कंपनियों का परिचालन मार्जिन (वित्तीय व आईटी कंपनियों को छोड़कर) कम से कम चार साल के उच्चस्तर पर रहा। विश्लेषकों ने कहा कि अर्थव्यवस्था में मांग सुधरने के चलते ऐसा हुआ।

एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख धनंजय सिन्हा ने कहा, उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों और संबंधित क्षेत्र वित्त वर्ष 2019 में तेज रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज कर सकते हैं, जिसकी वजह केंद्र सरकार की तरफ से ज्यादा खर्च और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में सुधार होगी। तेजी से राजस्व में बढ़ोतरी से मार्जिन भी मजबूत होगा क्योंकि कंपनियां अपना तय लागत ज्यादा बिक्री पर बांट सकेंगी।

इस नमूने में कुल लाभ के लिहाज से इकलौता सबसे बड़ा घटक आईटी निर्यातक हालांकि इतना सौभाग्यशाली नहीं हैं और कंपनियों ने तिमाही में मार्जिन में और गिरावट दर्ज की है क्योंकि उद्योग के राजस्व की रप्तार और वेतन व पारिश्रमिक में बढ़ोतरी के बीच अंतर बढ़ता गया। शुद्ध बिक्री के 23.4 फीसदी पर आईटी निर्यातकों का संयुक्त परिचालन मार्जिन कम से कम 16 तिमाही के निचले स्तर पर रहा।

अभी विनिर्माण व उपभोक्ता क्षेत्र की काफी कम कंपनियों के नतीजे ही आए हैं और दिग्गजों मसलन आईटीसी, टाटा मोटर्स, मारुति सुजूकी, एमऐंडएम, एशियन पेंट्स और सन फार्मा आदि के नतीजे अभी आने बाकी है। इस नमूने में पूंजीगत सामान बनाने वाली बड़ी कंपनियां और जिंस व ऊर्जा कंपनियां शामिल नहीं हैं।

Keyword: शुद्घ मुनाफा, आय, पहली तिमाही, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, First Quarter, Q1, Tata Consultancy, Kotak Mahindra Bank,
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