बिजनेस स्टैंडर्ड - मॉनसून के बाद राजमार्ग निर्माण पकड़ेगा रफ्तार
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मॉनसून के बाद राजमार्ग निर्माण पकड़ेगा रफ्तार

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली 07 23, 2018

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कस रहा कमर

एनएचएआई 15,000 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने की तैयारी में
इन परियोजनाओं की कुल लागत है 2.25 लाख करोड़ रुपये
नई परियोजनाएं आवंटित करने के बजाय मौजूदा परियोजनाओं पर रहेगा जोर

बिजनेस स्टैंडर्ड मॉनसून के बाद राजमार्ग निर्माण पकड़ेगा रफ्तारआम चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, ऐसे में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सड़क निर्माण के काम में तेजी लाने के लिए कमर कस रहा है। इनका मकसद 2.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से 15,000 किलोमीटर राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करना है।

मॉनसून के बाद एनएचएआई इन परियोजनाओं पर तेज गति से काम करेगी क्योंकि इसके लिए जरूरी मंजूरियां पहले ही मिल चुकी है, जिससे अनुबंधों को क्रियान्वित करने में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, 'सड़क क्षेत्र के लिए यह एकीकरण का चरण है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमने जिन परियोजनाओं के अनुबंध दिए हैं और जो क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, उन्हें पूरा करने का समय है।

केंद्र सरकार अगले कुछ महीनों में नई परियोजनाएं आवंटित करने के बजाय निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। हालांकि सड़क मंत्रालय और एलएचएआई कुछ शर्तों के साथ नए अनुबंध भी जारी कर सकता है। उक्त अधिकारी ने कहा, 'हम नए अनुबंध उन्हीं परियोजनाओं के लिए जारी करेंगे जहां जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई हो।Ó विशेषज्ञों का मानना है कि परियाजनाओं को तेजी से पूरा करने का दृष्टिकोण सही है लेकिन नए अनुबंध जारी करना और उन्हें क्रियान्वित करना भी साथ-साथ होना चाहिए।

डेलॉयट टच तोमात्सु इंडिया में पार्टनर विश्वास उदगिरकर ने कहा, 'मौजूदा राजमार्ग परियोजनाओं के काम में तेजी लाना और उन्हें पूरा करने का यह मतलब नहीं है कि केंद्र सरकार नए अनुबंध जारी नहीं करेगी। दरअसल, दोनों चीजें साथ-साथ चलती रहेंगी।' कुल 15,000 किलोमीटर की सड़क परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है, जिनका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी अनुबंधों, ईपीसी (इंजीनियरिंग- खरीद-निर्माण) अनुबंधों और बनाओ-चलाओ-हस्तांतरित करो (बीओटी) के तहत किया जा रहा है। 2017-18 में एनएचएआई ने 7,400 किलोमीटर की 150 परियोजनाएं आवंटित की थीं, जिनकी कुल लागत करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये थी।

प्राधिकरण का दावा है कि 1995 में उसके गठन के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाएं हैं। पिछले साल के दौरान एनएचएआई ने औसतन हर साल करीब 2,860 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का आवंटन किया था। कुल आवंटित परियोजनाओं में से 3,791 किलोमीटर ईपीसी मॉडल के तहत बनाया जा रहा है जिसकी लागत 430 अरब रुपये है, वहीं 3,397 किलोमीटर परियोजनाओं (765 अरब रुपये) को हाइब्रिड-एन्युटी अनुबंध के तहत बनाया जा रहा है। इसी तरह बीओटी टोल अनुंबध के तहत 25 अरब रुपये की लागत से 209 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं आवंटित की गई हैं।

एनएचएआई ने पहले कहा था कि महत्त्वाकांक्षी भारतमाला कार्यक्रम की मंजूरी के बाद ही परियोजनाओं की निविदा और अनुबंध में तेजी आएगी और नंबवर 2017 में इसे मंजूरी मिल गई। इसके तहत एनएचएआई बोर्ड को ईपीसी परियोजनाओं को आवंटित करने का पूरा अधिकार दिया गया है। एनएचएआई में उच्च अधिकार प्राप्त परियोजना मूल्यांकन समिति और लागत समिति का गठन किया गया है।

Keyword: सड़क निर्माण, मॉनसून, राजमार्ग, एनएचएआई, अनुबंध, परियोजना, NHAI, Roads, Highway, Projects,
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