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एचडीएफसी एएमसी: उचित कीमत पर बढिय़ा दांव

श्रीपद ऑटे /  July 22, 2018

प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एचडीएफसी एएमएसी) का आईपीओ बुधवार को बाजार में आएगा। यह एचडीएफसी समूह से सूचीबद्घ होने वाली पांचवीं कंपनी होगी। समूह की अन्य सभी कंपनियों - एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, गृह फाइनैंस और एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस ने अच्छा प्रदर्शन किया है और विश्लेषकों के अनुमानों के अनुसार निवेशकों के लिए एचडीएफसी एएमसी का शेयर प्रतिफल भी अच्छा रहेगा। निर्मल बांग के शोध प्रमुख सुनील जैन का कहना है, ‘एचडीएफसी एएमसी दीर्घावधि में बेहतर वृद्घि दर्ज करेगी और उसका प्रदर्शन भी समूह की अन्य सूचीबद्घ कंपनियों के अनुरूप रहेगा।’ लगभग दो दशकों से इस व्यवसाय में होने और मौजूदा आकार को देखते हुए कंपनी का आगामी परिदृश्य अच्छा दिख रहा है और निवेशकों को इस निर्गम पर दांव लगाना चाहिए।

 

मजबूत प्रदर्शन, रिटेल में बढ़त

 

एचडीएफसी एएमसी ने पिछले समय में मजबूत प्रदर्शन किया है। पिछले 10 वर्षों (वित्त वर्ष 2008-18) के दौरान उसका राजस्व और शुद्घ लाभ 19-20 फीसदी की सालाना चक्रवृद्घि दर से बढ़ा है जिससे उसे शुद्घ लाभ के संदर्भ में उद्योग दिग्गज बनने में मदद मिली है। 10 वर्षीय अवधि यह ध्यान में रखते हुए एक अच्छी समय-सीमा है कि कंपनी ने कुछ ही बाजार चक्रों पर ध्यान दिया है। वृद्घि की इस रफ्तार को उसके एयूएम में वृद्घि की वजह से भी मदद मिली है। कंपनी का एयूएम पिछले पांच वर्षों के दौरान 25.5 प्रतिशत बढक़र 2.9 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा है। किसी भी एएमसी के लिए एयूएम महत्त्वपूर्ण है क्योंकि वे इससे शुल्क आय (राजस्व) कमाती हैं, जो म्युचुअल फंडों द्वारा प्रबंधित रकम का अनुपात है। 

हालांकि म्युचुअल फंड व्यवसाय को वित्तीय अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है और अल्पावधि में जोखिम अधिक होगा क्योंकि प्रतिफल यदि अन्य परिसंपत्ति वर्गों की तुलना में कमजोर रहा या जोखिम में इजाफा हुआ तो निवेशकों से पूंजी प्रवाह प्रभावित होगा। फंड प्रतिफल अल्पावधि में प्रभावित हुआ है। लेकिन निर्मल बांग के जैन का कहना है, ‘पिछले एक साल में एचडीएफसी एएमसी के फंडों का प्रदर्शन उनके पिछले प्रदर्शन के समान नहीं था। हालांकि दीर्घावधि प्रदर्शन तुलना के लिहाज से बेहतर है क्योंकि एचडीएफसी एएमसी ने भी दीर्घावधि के संदर्भ में अच्छा प्रदर्शन किया है।’ एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज में इकनोमिस्ट ऐंड स्ट्रेटेजिस्ट के शोध प्रमुख धनंजय सिन्हा का कहना है कि एचडीएफसी एएमसी को जहां अपनी सूचीबद्घ समूह कंपनियों के अनुïरूप प्रदर्शन करने की जरूरत होगी, वहीं कंपनी को ढांचागत वृद्घि दर्ज करने की भी जरूरत होगी। 

 

एचडीएफसी एएमसी के लिए प्रमुख लाभ यह है कि उसने रिटेल खंड पर अपना ध्यान बनाए रखा है जिसमें सामान्य तौर पर लंबी अवधि के लिए म्युचुअल फंडों में निवेश किया जाता है, जबकि फंड प्रवाह से जुड़ा जोखिम तुलनात्मक रूप से कम होता है। उसके 62 प्रतिशत एयूएम में छोटे निवेशकों का योगदान है। अन्य आंकड़े भी उसकी रिटेल बढ़त को दर्शाते हैं।

एचडीएफसी एएमसी के प्रबंध निदेशक मिलिंद बर्वे ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम दीर्घावधि कारोबारी हैं और लोग एसआईपी या अन्य विकल्पों के जरिये कम से कम 3-5 साल के नजरिये के साथ भी निवेश कर रहे हैं। इसलिए उतार-चढ़ाव (जो अल्पावधि में ज्यादा रहता है) दीर्घावधि निवेशकों के लिए ज्यादा मायने नहीं रखता।’ एसआईपी विकल्प के जरिये फंड प्रवाह भी तेजी से बढ़ रहा है। एचडीएफसी एएमसी के लिए लगभग 77 प्रतिशत एसआईपी प्रवाह पांच वर्षीय निवेश से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा कंपनी हाई मार्जिन-इक्विटी फंडों में भी अग्रणी रही है और उसने इक्विटी फंडों की ऊंची भागीदारी के साथ उद्योग की तुलना में बढ़त हासिल की। चूंकि इक्विटी फंडों की एयूएम डेट फंडों की तुलना में अधिक आय हासिल करती हैं, इसलिए इससे एचडीएफसी एएमसी के लाभ को भी मजबूती मिलती है।

 

एचडीएफसी एएमसी की एयूएम में व्यक्तिगत निवेशकों का अनुपात एचडीएफसी बैंक (मार्च 2018 में पूरे भारत में 4,787 बैंकिंग आउटलेटों के साथ 4.3 करोड़) के मजबूत ग्राहक आधार के साथ और अधिक बढ़ेगा, जिसका एचडीएफसी एएमसी की एयूएम में मौजूदा समय में महज 10 प्रतिशत का योगदान है। इससे संकेत मिलता है कि एचडीएफसी एएमसी के लिए ग्राहक वृद्घि की गुंजाइश मजबूत बनी हुई है। एचडीएफसी एएमसी की पहुंच बेहद विविधीकृत है और इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म, अन्य बैंक, व्यक्तिगत एजेंट, वितरक आदि शामिल हैं। 

 

बढ़ता उद्योग, मजबूत टीम

म्युचुअल फंडों की धीमी पैठ और घरेलू बचत के वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश के चलन में तेजी इस उद्योग के लिए अच्छा संकेत है। इसके अलावा जागरूकता और आय बढऩे के साथ रिटेल भागीदारी में भी सुधार आएगा। बार्वे कहते हैं, ‘मौजूदा समय में भी, छोटे म्युचुअल फंड निवेशकों की भागीदारी कुल निवेश में काफी कम है। यह अच्छी वृद्घि के अवसर का संकेत है।’  

मूल्यांकन

हालांकि कुछ उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि एचडीएफसी एएमसी का मूल्यांकन (वित्त वर्ष 2018 में आय के 32 गुना पर) सिर्फ अपनी सूचीबद्घ प्रतिस्पर्धी रिलायंस निप्पॉन ऐसेट मैनेजमेंट (26 गुना) से अधिक है, जबकि कई अन्य विश्लेषकों का मानना है कि इस मूल्यांकन के लिए इक्विटी योजनाओं की अधिक भागीदारी, अधिक लाभ, मजबूत प्रबंधन, मजबूत प्रदर्शन और एचडीएफसी की प्रतिष्ठिïत ब्रांड पहचान जैसे कारक अहम हैं। मुख्य जोखिम इक्विटी बाजारों में गिरावट या कमजोरी बरकरार रहना होगा और इसका प्रभाव उद्योग की वृद्घि पर दिखेगा। एचडीएफसी एएमसी का मुनाफा वृद्घि वित्त वर्ष 2009 और वित्त वर्ष 2012 के बीच धीमी रही, जब इक्विटी बाजार का प्रदर्शन कमजोर था। 
Keyword: प्रबंधन, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, गृह फाइनैंस, एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, HDFC, Company,
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