बिजनेस स्टैंडर्ड - 'अग्रणी बैंकों की हो तत्काल निर्णय में अहम भूमिका'
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, October 17, 2018 01:41 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

'अग्रणी बैंकों की हो तत्काल निर्णय में अहम भूमिका'

सोमेश झा और इंदिवजल धस्माना /  July 20, 2018

पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी सुनील मेहता का कहना है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से संबंधित धोखाधड़ी के कारण पैदा हुई विपरीत परिस्थिति में भी बैंक का उधारी कारोबार अप्रभावित रहेगा। मेहता से सोमेश झा और इंदिवजल धस्माना की बातचीत के मुख्य अंश:

 
क्या आप मानते हैं कि ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) का एक उचित विकल्प एक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) की स्थापना हो सकता है, खासतौर पर भूषण स्टील मामले में उल्लेखनीय वसूली को देखते हुए?
 
इससे आईबीसी का बोझ हल्का होगा। सरकार ने यह एक बेहतरीन निर्णय लिया है। इससे कॉरपोरेट क्षेत्र में काफी गंभीरता आएगी और उन्हें लगेगा कि यदि उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया तो उन्हें अपनी परिसंपत्ति खोनी पड़ सकती है। यह संदेश बिल्कुल स्पष्टï है। लेकिन आप हरेक बोझ नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के कंधों पर नहीं डाल सकते। बैंकरों को एलसीएलटी का रुख करने से पहले परिसंपत्तियों के समाधान की कोशिश खुद करना होगा। यदि हम प्रत्येक मामला एनसीएलटी के पास भेजेंगे तो वहां भीड़भाड़ काफी बढ़ जाएगी। इसलिए सरकार एएमसी के विचार के साथ सामने आई है। यह एनसीएलटी से बाहर नहीं बल्कि उससे  पहले का चरण होगा। जैसे ही 180 दिनों की समय-सीमा पूरी होगी आप एलसीएलटी का रुख कर सकते हैं।
 
क्या आपका बैंक एएमसी अथवा परिसंपत्ति प्रबंधन फंड की स्थापना कर रहा है?
 
हमने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है। लेकिन अब तक जो भी निर्णय लिए गए हैं वह उद्योग के स्तर पर हैं और हम उसका हिस्सा होंगे।
 
क्या पीएनबी के बोर्ड ने लेनदारों के बीच समझौते को मंजूरी दे दी है?
 
हम इसे मंजूरी देने के लिए जल्द ही एक बोर्ड बैठक आयोजित करेंगे।
 
ऐसी चर्चा है कि यह प्रबंधन का झुकाव अग्रणी बैंकर की ओर है। इस पर आप क्या कहेंगे?
 
यदि आप निर्णय लेने की प्रक्रिया को रफ्तार देना चाहते हैं तो कुछ लोग अपना वर्चस्व दिखाएंगे। अन्यथा निर्णय नहीं लिए जाएंगे। यदि हर कोई खुद अपना निर्णय लेने लगेगा तो एकरूपता नहीं रहेगी। बहरहाल, किसी कंसोर्टियम में निर्णय महज 66 फीसदी बहुमत से लिया जाता है। यह एक जनतांत्रिक प्रक्रिया है।
 
बैंक ऑफ महाराष्टï्र के प्रमुख की गिरफ्तारी के साथ ही शीर्ष बैंकरों के खिलाफ जांच एजेंसियों द्वारा दायर मामलों से उधारी संबंधी निर्णय प्रभावित हो रहे हैं। इस पर आप क्या कहेंगे?
 
मैं दूसरों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। बाजार में तमाम नकारात्मक खबरों के बावजूद जून में घरेलू बाजार की उधारी में हमारी सालाना वृद्धि 11 फीसदी रही। यहां तक कि मार्च के अंत तक हमारी सालाना घरेलू बाजार की वृद्धि 9.8 फीसदी रही। बाजार में तमाम नकारात्मक खबरों के बावजूद हमारी उधारी वृद्धि प्रभावित नहीं हुई है। हम पटरी पर आगे बढ़ रहे हैं।
Keyword: nirav modi, bank, loan, debt, PNB, fraud,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या आर्सेलर के बकाया भुगतान की पेशकश होगी कारगर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.