बिजनेस स्टैंडर्ड - निवेशकों की सुरक्षा का सवाल
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, August 20, 2018 07:47 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

निवेशकों की सुरक्षा का सवाल

मयंक जैन /  07 16, 2018

क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध

उच्चतम न्यायालय ने क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंध पर आरबीआई से जवाब मांगा था लेकिन बैंकों पर क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से लेनदेन बंद करने के आरबीआई के आदेश पर रोक नहीं लगाई थी

आरबीआई ने दिया जवाब

भारतीय रिजर्व बैंक ने आईएएमएआई को जवाब देकर निवेशकों के लिए चिंता जाहिर की
आरबीआई ने सुरक्षा, हैकिंग और धोखाधड़ी जैसे जोखिम का हवाला दिया
सर्वोच्च न्यायालय आईएएमएआई समेत 5 याचिकाओं पर करेगा सुनवाई
एक्सचेंज निवेशकों का उत्साह बनाए रखने के लिए दूसरे विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं
उद्योग को 20 जुलाई को होने वाली सुनवाई से उम्मीदें

बिजनेस स्टैंडर्ड निवेशकों की सुरक्षा का सवालभारत में बिटकॉइन और रिपल जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का सबसे बड़ा कारण निवेशकों के हितों का बचाव करना है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) को भेजे 2 पृष्ठों के जवाब में यह बात कही है। आरबीआई का यह जवाब सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका की सुनवाई के बाद आया, जिसमें आरबीआई द्वारा बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से लेनदेन बंद करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश के कारण देश में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है। 

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले खंडपीठ ने अपने आदेश में आरबीआई को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा था लेकिन न्यायालय ने बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से लेनदेन बंद करने के आदेश पर रोक नहीं लगाई थी। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आरबीआई का जवाब उसके पहले के निर्देशों के समान ही है। एक स्रोत ने बताया, 'बैंक ने निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है और उसका कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी की बारीकियों को जाने बिना निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।' 

सूत्र ने यह भी बताया कि आरबीआई ने वैश्विक स्तर पर लोगों के साथ धोखाधड़ी और क्रिप्टोकरेंसी आधारित घोटालों का भी जिक्र किया है। आरबीआई लगातार यह दोहरा रहा है कि क्रिप्टोकरेंसी की अपनी कोई कीमत नहीं है और इनके द्वारा अवैध कारोबार की काफी अधिक संभावनाएं हैं। बैंक ने यह भी कहा कि इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाना संभव नहीं है और इन क्रिप्टोकरेंसी का बहुत कम हिस्सा ही दैनिक कारोबार में शामिल है। 

बैंक का यह भी कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी को सहेजने के लिए बनाए गए इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट के साथ भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां मौजूद हैं। इसमें हैंकिंग, पासवर्ड चोरी और मालवेयर हमले आदि शामिल हैं। हालांकि केंद्रीय बैंक इन खतरों के बारे में पहले भी आगाह करता रहा है। फरवरी 2017 में बैंक ने कहा था, 'भारतीय रिजर्व बैंक बिटकॉइन समेत किसी भी आभासी मुद्रा में कारोबार कर रहे लोगों को इससे जुड़े वित्तीय, कानूनी, ग्राहकों के हित और सुरक्षा संबंधी खतरों से सावधान करता है।' बैंक ने दिसंबर 2017 और अप्रैल 2018 में भी यही बात दोहराई और अंतत: सभी बैंकों और अन्य संस्थाओं को सभी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से कारोबार बंद करने का आदेश जारी कर दिया। 

हालांकि बैंक ने इस जवाब के साथ अपना पक्ष एकदम स्पष्ट कर दिया है लेकिन उद्योग के भीतर चल रही लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। सर्वोच्च न्यायालय 20 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा और उद्योग से जुड़े लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। नाम ना छापने की शर्त पर एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'यह एक लंबी लड़ाई है और कुछ समय में कानून बदलने वाले नहीं हैं। इसमें समय लगेगा और हम लंबे समय तक इस दौड़ में रहेंगे।' 

उन्होंने आगे कहा, 'आरबीआई ने अपना जवाब दे दिया है लेकिन खुदरा कारोबारी समेत बहुत से लोग इससे प्रभावित होंगे। अब खुदरा कारोबारी बिना किसी नियामक के कारोबार कर रहे हैं और इस पर प्रतिबंध लगाने से बेहतर होगा कि इसका नियमन किया जाए।' अभी सर्वोच्च न्यायालय को भारत में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य का निर्धारण करना बाकी है, लेकिन प्रतिबंध के बाद भी ट्रेडिंग वॉल्यूम में स्थिरता बताता है कि कारोबारियों में उम्मीद बाकी है। 

इस बीच, क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों ने आभासी मुद्राओं में परस्पर कारोबार की सुविधा देकर रुपये पर निर्भरता को कम करने की कोशिश की है। लगभग सभी बड़े एक्सचेंजों पर ये सुविधा उपलब्ध है। कुछ एक्सचेंज एक कदम आगे जाकर पीयर-टू-पीयर कारोबारी प्लेटफॉर्म की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। वजीरएक्स एक्सचेंज के संस्थापक निश्चल शेट्टी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि प्रतिबंध के कारण शुरुआत में कीमतें गिरी थीं लेकिन बाजार इससे जल्दी उबर गया और पीयर-टू-पीयर कारोबार जैसे प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि निवेशक बाजार में बने रहें।

शेट्टी ने कहा, 'वजीरएक्स पर कीमतें स्थिर हैं। आखिरी बार कीमतों में गिरावट आरबीआई द्वारा प्रतिबंध लगाने के समय दिखाई दी थी। उस समय के बाद काफी कुछ हुआ है, विशेष रूप से वजीरएक्स-पी2पी जैसे विकल्पों ने निवेशकों का उत्साह बनाए रखा है।'

Keyword: भारत, बिटकॉइन, रिपल, क्रिप्टोकरेंसी, crypto currency,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या आरबीआई को मिलनी चाहिए थी नामित निदेशकों को हटाने की अनुमति?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.