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ऋण माफी से बढ़ा राज्यों का घाटा

एजेंसियां / मुंबई July 12, 2018

वेतन पर ज्यादा खर्च, कृषि ऋण माफी और जीएसटी लागू होने से राजस्व में आई कमी के कारण राज्यों का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2017-18 में 3.1 फीसदी यानी लक्ष्य से 0.35 फीसदी अधिक रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने आज यह बात कही।  देश के केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह लगातार तीसरा साल है, जब राज्य अपने सकल राजकोषीय घाटे (जीएफडी) को हासिल करने में असफल रहे हैं। आरबीआई ने कहा कि यह उस स्थिति में हुआ है, जब केंद्र की तरफ से राज्यों को ज्यादा रकम मिलने की उम्मीद थी। आरबीआई ने कहा कि राज्य वित्त वर्ष 2019 में राजस्व सरप्लस 0.2 फीसदी अधिक रहने की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि उन्हें संशोधित अनुमानों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018 में 0.4 फीसदी राजस्व नुकसान हुआ है। इससे कुल जीएफडी 2.6 फीसदी रहेगा, जो वित्त वर्ष 2018 में 3.1 फीसदी रहा है। 
 
रिजर्व बैंक ने कृषि ऋण माफी को लेकर फिर अपनी चिंताएं दोहराईं। उसने कहा है कि ऐसे कोई सबूत नहीं हैं, जो यह साबित करते हैं कि इससे उत्पादकता में सुधार होता है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि ऋण माफी से वित्त के अनौपचारिक स्रोतों को बढ़ावा मिला है। इससे महंगाई बढऩे का भी जोखिम है। कृषि ऋण माफी की वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से शुरुआत हुई थी और अब तक तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पंजाब और कर्नाटक ऋण माफी की घोषणा कर चुके हैं।  आरबीआई ने कहा कि वित्त वर्ष 2018 में कृषि ऋण माफी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 0.32 फीसदी रही, जबकि इसका बजट अनुमान 0.27 फीसदी था। इसने कहा कि आने वाले वित्त वर्षों में ऐसे कई कदम उठाए जाएंगे। आरबीआई ने कहा कि ऋण माफी की घोषणा करने वाले राज्यों ने पूंजीगत खर्च में गिरावट दर्ज की है। इसने कहा कि इससे विकास भी प्रभावित हुआ है। 
 
अध्ययन में कहा गया है, 'वे (ऋण माफी) ऋण अनुशासन पर असर डालती हैं, ऋण संस्कृति को खराब करती हैं और कर्ज लेने वालों को ऋण न चुकाने के लिए प्रेरित करती हैं, जिससे अनैतिकता पैदा होती है।' वेतन में बढ़ोतरी, मुख्य रूप से सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन बढ़ोतरी करने वाले राज्यों की अधिक तादाद होने से राजस्व खर्च लक्ष्य से 0.09 फीसदी अधिक रहा है। राजस्व में कमी का जीएफडी पर 0.27 फीसदी असर पड़ा है। अध्ययन में इसकी वजह वस्तु एवं सेवा कर लागू होने को बताया है।  आरबीआई ने कहा, 'जीएसटी लागू होने से संबंधित लंबित लेखा मसलों के कारण राज्यों के कर राजस्व में गिरावट आई है।' हालांकि आरबीआई के कार्यकारी निदेशक माइकल पात्रा ने कहा कि जीएसटी में स्थायित्व आने के बाद इससे राज्यों की राजस्व क्षमता बढ़ेगी और राजकोषीय सुदृढ़ीकरण को मदद मिलेगी।
Keyword: agri, farmer, loan, RBI,,
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